उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, ताकि एक ही परिसर में कंपनियों के इंटरव्यू स्क्रीनिंग और चयन की प्रक्रिया पूरी हो सके। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, हर मेले में औसतन 100 कंपनियां शामिल होंगी और करीब 20 हजार युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है। उत्तर प्रदेश में रोजगार की तलाश कर रहे लाखों युवाओं को जनवरी में सीधा मौका मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले एक महीने में 1 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके तहत लखनऊ, मुजफ्फरनगर, झांसी, गोरखपुर और वाराणसी में राज्य-स्तरीय वृहद रोजगार मेले आयोजित होंगे, जहां आसपास के मंडलों से बड़ी संख्या में युवाओं को आमंत्रित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, ताकि एक ही परिसर में कंपनियों के इंटरव्यू स्क्रीनिंग और चयन की प्रक्रिया पूरी हो सके। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, हर मेले में औसतन 100 कंपनियां शामिल होंगी और करीब 20 हजार युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश के हर जिले तक सूचना समय पर पहुंचे, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस मौके का लाभ उठाकर अपने करियर की शुरुआत मजबूत कदमों के साथ कर सकें।
उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए इस बार अवसरों का दायरा जिलों से निकलकर मंडलों तक फैल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर लखनऊ, मुजफ्फरनगर, झांसी, गोरखपुर और वाराणसी में वृहद रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, जहां सिर्फ मेजबान शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के मंडलों के युवाओं को भी एक ही मंच पर इंटरव्यू और चयन का मौका मिलेगा। लखनऊ मेले में लखनऊ के साथ कानपुर, अयोध्या और बरेली मंडल के जिलों से युवा पहुंचेंगे। मुजफ्फरनगर में मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडल के युवा प्रतिभाग करेंगे। झांसी में झांसी, चित्रकूट और आगरा मंडल, जबकि गोरखपुर में गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन और आजमगढ़ मंडल के युवाओं को आमंत्रित किया जाएगा। वहीं वाराणसी के मेले में वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के जिलों के युवाओं को अवसर मिलेगा। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल के मुताबिक, यूपी सरकार की रणनीति साफ है स्थानीय स्तर पर रोजगार देकर पलायन पर लगाम लगाना और उत्तर प्रदेश को 1,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाना। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक ढाला जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण पूरा होते ही यूपी के युवा सीधे नौकरी से जुड़ें और उन्हें रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर भटकना न पड़े।
उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत अब तक आयोजित 1,624 रोजगार मेलों के माध्यम से 2.26 लाख से ज्यादा ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मिल चुके हैं। अब इसी अनुभव को और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाते हुए जनवरी में प्रस्तावित वृहद रोजगार मेले यूपी के युवाओं के लिए करियर का बड़ा लॉन्चपैड बनकर सामने आएंगे। इन मेलों में युवाओं को एक ही जगह अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों तक सीधी पहुंच मिलेगी—जहां इंटरव्यू, चयन और जॉब ऑफर की प्रक्रिया तेज़ और आसान होगी। सरकार का जोर है कि उत्तर प्रदेश में ही रोजगार के मौके बढ़ें, ताकि गांव-कस्बों के युवा भी अपने हुनर के दम पर अपने ही प्रदेश में बेहतर भविष्य बना सकें। UP News