उत्तर प्रदेश सरकार ने जल्दी ही प्रदेश में 6 नए डाटा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित करने के मकसद से उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित होने से उत्तर प्रदेश में 30 हजार करोड़ रूपए का पूंजी निवेश होगा।

UP News : वर्तमान युग सोशल मीडिया का युग है। सोशल मीडिया के युग में डाटा को सुरक्षित रखना बहुत बड़ा काम है। डाटा को सुरक्षित रखने के मकसद से उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर डाटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को एक बड़े डाटा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जल्दी ही प्रदेश में 6 नए डाटा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित करने के मकसद से उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित होने से उत्तर प्रदेश में 30 हजार करोड़ रूपए का पूंजी निवेश होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को बड़ा डाटा हब बनाने का दावा किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में 8 डाटा सेंटर पार्क और 900 मेगावाट क्षमता को विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित करने से 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है। अब तक आठ परियोजनाओं को लेटर आफ कंफर्ट जारी, जिनसे 21,342 करोड़ निवेश और 644 मेगावाट क्षमता सुनिश्चित हुई है।आगे पांच गीगावाट क्षमता के चार-पांच क्लस्टर विकसित होंगे। जहां क्लस्टर बनेंगे, वहां डिजिटल टाउनशिप और नवाचार इकोसिस्टम विकसित होगा। ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना में 25 लाख युवाओं को एआइ, आगमेंटेड रिएलिटी (एआर), वर्चुअल रिएलिटी (वीआर) एवं एक्सटेंडेड रिएलिटी (ईआर) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। नई और उभरती टेक्नोलाजी मिशन और रोबोटिक्स मिशन के लिए भी 100-100 करोड़ रुपये का प्रविधान है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रोबोटिक्स का मजबूत इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। इस क्षेत्र में एडवर्ब जैसी अग्रणी कंपनियां कार्यरत हैं।
आपको बता दें कि डाटा सेंटर वह जगह होती है जहां डिजिटल डाटा को स्टोर किया जाता है. इसके साथ ही इसकी प्रोसेसिंग के लिए सर्वर लगाए जाते हैं। डाटा सेंटर में रखा डाटा किसी भी तरह की वायरस या अन्य खतरों से सुरक्षित रहता है। इस इन्फॉर्मेशन को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है। डाटा सेंटर में बड़ी संख्या में सर्वर लगाए जाते हैं। किसी कंपनी को अगर इस सुरक्षित डाटा की जरूरत होती है तो कानून के तहत उसे मुहैया कराया जाता है। डाटा सेंटर में कोई भी डाटा कम से कम 5 साल के लिए सुरक्षित रखा जाता है। इसमें इंटरनल हाई लेवल सिक्योरिटी पर विशेष नजर रखनी होती है ताकि कोई भी घुसपैठिया साइबर अटैक के जरिए हमारे डाटा को नुकसान न पहुंचा सके। UP News