उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में लागू उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 को बदलकर उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशन-2025 बना दिया था। इस विषय में बाकायदा सरकारी आदेश जारी कर दिया गया है। यह आदेश जारी होते ही भवन निर्माण के क्षेत्र

उत्तर प्रदेश के कस्बों तथा शहरों में रहने वालों के लिए यह काम की खबर है। उत्तर प्रदेश के शहरों में रहने वाले मकान मालिक अपने घरों के पास, घरों के अंदर अथवा घर के एक भाग में कानूनी रूप से दुकान बना सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस आशय का फैसला हाल ही में कैबिनेट की बैठक में किया था। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले को लेकर बाकायदा आदेश जारी कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के नागरिकों की यह बहुत पुरानी मांग थी कि उन्हें अपने घरों के पास ही दुकान चलाने का कानूनी अधिकार दे दिया जाए। इस मांग को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को कानून में बदलाव करना था। जुलाई-2025 में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में लागू उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 को बदलकर उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशन-2025 बना दिया था। इस विषय में बाकायदा सरकारी आदेश जारी कर दिया गया है। यह आदेश जारी होते ही भवन निर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में वर्ष-2008 में कानून के स्थान पर वर्ष-2025 का कानून लागू हो गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने आदर्श जोनिंग रेगुलेशन-2025 के तहत प्रदेश में अधिकांश श्रेणी के निर्माण के लिए फ्लोर रेशियो एरिया (FAR ) बढ़ा दिया है। वहीं, 45 मीटर चौड़ी सडक़ पर स्थित भूखंडों पर निर्माण पर एफएआर समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई की आवश्यकता को भी कम किया गया है। कृषि भू-उपयोग में 7-मीटर चौड़ी सडक़ों पर उद्योग एवं हेरिटेज होटल, 9 मीटर चौड़ी सडक़ों पर बिना शैय्या वाले चिकित्सा प्रतिष्ठान तथा प्राथमिक विद्यालय एवं 18 मीटर सडक़ों पर शॉपिंग मॉल की अनुमति प्रदान की गई है। भवन की ऊंचाई सीमा से प्रतिबंध भी हटा दिए गए हैं। अब चिकित्सालय एवं शॉपिंग मॉल न्यूनतम 3000 वर्ग मीटर के भूखंड पर बन सकेंगे। शैक्षिक भवनों के खेल के मैदान, खुले क्षेत्र के नियम तय कर दिए गए हैं। ग्रुप हाउसिंग हेतु भूखंड क्षेत्रफल 2000 वर्ग मीटर से घटा कर बिल्टअप (निर्मित) क्षेत्र में 1000 वर्ग मीटर तथा नॉन- बिल्टअप (अनिर्मित) क्षेत्र में 1500 वर्ग मीटर किये जाने तथा बहु-इकाइयों के लिए भूखंड क्षेत्र की आवश्यकताओं को घटाकर 150 वर्ग मीटर किया गया है।