सीएम योगी का निर्देश, जल्द शुरू करें गंगा एक्सप्रेसवे
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचा हुआ निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि एक्सप्रेसवे को शीघ्र ही आम लोगों के लिए चालू किया जा सके।

UP News : उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचा हुआ निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि एक्सप्रेसवे को शीघ्र ही आम लोगों के लिए चालू किया जा सके। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी आधारभूत परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
अन्य एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की भी समीक्षा
बैठक के दौरान चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फरुर्खाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़े लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन परियोजनाओं में आने वाली सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। मुुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता है, वहां प्रक्रिया को तेज किया जाए। लक्ष्य रखा गया है कि जून तक लंबित कार्यों को पूरा कर लिया जाए ताकि परियोजनाओं का कार्यान्वयन तेजी से आगे बढ़ सके।
नोएडा एयरपोर्ट से बनेगा सीधा कनेक्शन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए करीब 74 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के लगभग 56 गांवों से 740 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके निर्माण के लिए करीब 1204 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। यह एक्सप्रेसवे शुरुआत में छह लेन का होगा और भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक जाएगी। लगभग 594 किलोमीटर लंबाई के साथ यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है।
जल्द शुरू होने की तैयारी
मौजूदा जानकारी के अनुसार एक्सप्रेसवे का करीब 95 से 96 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टोल वसूली के लिए ऋअरळँ आधारित सिस्टम का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। राज्य सरकार की योजना है कि इसे मार्च के अंत या अप्रैल 2026 तक जनता के लिए खोल दिया जाए। इस परियोजना के शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा तेज और सुविधाजनक हो जाएगी, साथ ही व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
UP News : उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचा हुआ निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि एक्सप्रेसवे को शीघ्र ही आम लोगों के लिए चालू किया जा सके। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी आधारभूत परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
अन्य एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की भी समीक्षा
बैठक के दौरान चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फरुर्खाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़े लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन परियोजनाओं में आने वाली सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। मुुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता है, वहां प्रक्रिया को तेज किया जाए। लक्ष्य रखा गया है कि जून तक लंबित कार्यों को पूरा कर लिया जाए ताकि परियोजनाओं का कार्यान्वयन तेजी से आगे बढ़ सके।
नोएडा एयरपोर्ट से बनेगा सीधा कनेक्शन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए करीब 74 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के लगभग 56 गांवों से 740 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके निर्माण के लिए करीब 1204 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। यह एक्सप्रेसवे शुरुआत में छह लेन का होगा और भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक जाएगी। लगभग 594 किलोमीटर लंबाई के साथ यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है।
जल्द शुरू होने की तैयारी
मौजूदा जानकारी के अनुसार एक्सप्रेसवे का करीब 95 से 96 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टोल वसूली के लिए ऋअरळँ आधारित सिस्टम का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। राज्य सरकार की योजना है कि इसे मार्च के अंत या अप्रैल 2026 तक जनता के लिए खोल दिया जाए। इस परियोजना के शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा तेज और सुविधाजनक हो जाएगी, साथ ही व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।












