आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में घरेलू (दो किलोवाट तक), वाणिज्यिक (एक किलोवाट तक) एवं कभी नहीं भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.45 करोड़ है। इन उपभोक्ताओं पर 31,205 करोड़ बिजली बिल और 24,775 करोड़ सरचार्ज सहित कुल 55,980 करोड़ बकाया है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले से प्रदेश के तमाम बिजली उपभोक्ताओं को बहुत बड़ा फायदा होगा। उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार बिजली के बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को 24775 करोड़ रूपये का लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले को तुरन्त लागू करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बड़ी घोषणा की है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मंगलवार को बताया कि उत्तर प्रदेश में पहली बार बिजली के बिल के बकायेदारों का अधिभार (सरचार्ज) पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बिल के बकाये के मूलधन में 25 प्रतिशत छूट छी दी जाएगी। जिस काम के लिए बिजली के उपभोक्ताओं को 1 दिसंबर से अपना पंजीकरण कराना होगा। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला बिजली उपभोक्ताओं को 24775 करोड़ रूपये का फायदा पहुंचाएगा।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में घरेलू (दो किलोवाट तक), वाणिज्यिक (एक किलोवाट तक) एवं कभी नहीं भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.45 करोड़ है। इन उपभोक्ताओं पर 31,205 करोड़ बिजली बिल और 24,775 करोड़ सरचार्ज सहित कुल 55,980 करोड़ बकाया है। इस बकाये की वसूली के लिए ऊर्जा विभाग ने बिजली बिल राहत योजना 2005 शुरू की है। इसके लिए तीन चरण में पंजीयन करना होगा। पंजीयन के वक्त उपभोक्ता, को दो हजार रुपये जमा करने होंगे। शेष बकाये पर तीन विकल्प मिलेंगे। पहले विकल्प के तौर पर एकमुश्त जमा कर सकते हैं। दूसरे विकल्प में 750 रुपया मासिक किश्त के रूप में और तीसरे विकल्प में 500 रुपया मासिक किश्त होगी। यह सुविधा उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगी, जिनका कनेक्शन 31 मार्च 2025 से पहले का है। पहला चरण एक से 31 दिसंबर 2025, दूसरा चरण एक जनवरी से 31 जनवरी 2026 और तीसरा चरण एक फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा।