सभी जगह बायोमीट्रिक अपडेशन नहीं हो सकता है। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का अधिकार ग्राम पंचायतों के पास पहले से है। आधार का अधिकार मिल जाने से इनकी उपयोगिता बढ़ जाएगी।उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने उत्तर प्रदेश के पंचायत विभाग को आधार कार्ड

उत्तर प्रदेश सरकार गाँव पंचायतों के ऊपर खास मेहरबान हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की गाँव पंचायतों को बड़ा अधिकार दे दिया है। उत्तर प्रदेश में वर्ष-2026 में पंचायतों के चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव से पहले ही गांव पंचायतों को बड़ा अधिकारी देने का फैसला कर लिया है। उत्तर प्रदेश की गाँव पंचायतों को बड़ा अधिकार देने के फैसले को जमीनी स्तर पर लागू करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में प्रत्येक गाँव में आधार कार्ड बनाने की बड़ी पहल की है। इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने गाँव पंचायतों को आधार कार्ड बनाने का अधिकार देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश में कुल 57 हजार 695 गाँव पंचायत हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी गाँव पंचायतों को आधार कार्ड बनाने का अधिकार देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम चरण में प्रदेश की 2500 गाँव पंचायतों को आधार कार्ड बनाने का अधिकार देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने उत्तर प्रदेश के पंचायत विभाग को आधार कार्ड के रजिस्टे्रशन का अधिकार देनेन का पत्र जारी कर दिया है।
आपको बता दें कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में गाँव पंचायत आधारभूत इकाई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी गाँव पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित कर दिए हैं। गांव पंचायतों को आधार कार्ड बनाने का अधिकार देकर उत्तर प्रदेश के ग्राम सचिवालयों को पॉवरफुल बनाया जा रहा है। गाँव पंचायतों को यह अधिकार दिया जा रहा है कि गाँव पंचायत अपने गाँव के नागरिकों का आधार कार्ड बनाने, आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेट करने तथा दूसरे बदलाव करने के सारे काम कर सकेगी। इस काम के लिए ग्राम पंचायतों में तैनात कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग देने का काम UIDAI के द्वारा किया जाएगा। पहले चरण के लिए UIDAI ने एक हजार पंचायत के कर्मचारियों को ट्रेनिंग का काम शुरू भी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों को आधार कार्ड बनाने का अधिकार मिल जाने से हजारों ग्रामीणों को उनके गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध होगी और पंचायतों की आय भी बढ़ेगी। वर्तमान में बैंकों, डाकघरों के अलावा कुछ चुनिंदा जनसुविधा केंद्रों को UIDAI ने यह अधिकार दे रखा है। सभी जगह बायोमीट्रिक अपडेशन नहीं हो सकता है। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का अधिकार ग्राम पंचायतों के पास पहले से है। आधार का अधिकार मिल जाने से इनकी उपयोगिता बढ़ जाएगी।
आधार कार्ड में डेमोग्राफिक सुधार-नाम, पता, उम्र, जेंडर, मोबाइल नंबर, ईमेल आदि ठीक करने की फीस 75 रुपये रखी गई है। इसी प्रकार बायोमीट्रिक अपडेशन-फोटो, फिंगर प्रिंट, आइरिस आदि के लिए फीस 125 रुपये रखी गई है। पांच से 17 वर्ष क बच्चों का बायोमीट्रिक अपडेशन निशुल्क रखा गया है।