दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कमर्शियल वाहनों की फिटनेस को जांचने तथा वाहनों के लिए फिटनेस सर्टीफिकेट जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया है। उत्तर प्रदेश में 23 लाख कमर्शियल वाहन रजिस्टर्ड हैं। नई व्यवस्था का असर सभी 23 लाख वाहनों के ऊपर पड़ेगा।

UP News : उत्तर प्रदेश के वाहन मालिकों तथा वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर आई है। इस बड़ी खबर का असर उत्तर प्रदेश के कॉमर्शियल वाहनों के मालिकों के ऊपर सीधा पडऩे वाला है। दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कमर्शियल वाहनों की फिटनेस को जांचने तथा वाहनों के लिए फिटनेस सर्टीफिकेट जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया है। उत्तर प्रदेश में 23 लाख कमर्शियल वाहन रजिस्टर्ड हैं। नई व्यवस्था का असर सभी 23 लाख वाहनों के ऊपर पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कमर्शियल वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह व्यवस्था 01 जनवरी 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब उत्तर प्रदेश में कमर्शियल वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच ना करके ऑटोमैटिड फिटनेस सेंटरों के द्वारा कराई जाएगी। पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर या तो स्थापित कर दिए गए हैं या स्थापना का काम चल रहा है। कमर्शियल वाहनों के लिए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर प्राइवेट कंपनियों को सौंपे गए हैं। कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांचने वाले ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर का नाम ATS रखा गया है।
उत्तर प्रदेश में कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच की व्यवस्था केन्द्र सरकार के निदे्रश पर बदली गई है। आपको बता दें कि विगत 14 नवंबर 2024 को केन्द्र सरकार के सडक़ परिवहन मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया गया था कि 01 जनवरी 2026 से कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच केवल ATS पर ही कराना अनिवार्य होगा। केन्द्र सरकार के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 01 जनवरी से मैनुअल फिटनेस जांच को बंद कर दिया है।
आपको बता दें कि वाहनों की फिटनेस जांच वाहन की सेहत को जाँचने वाली व्यवस्था है। फिटनेस जांच के द्वारा यह पता लगाया जाता है कि वह वाहन सडक़ पर चलने लायक है भी कि नहीं है। नए कमर्शियल वाहनों को पंजीकरण के बाद आठ वर्ष तक हर दो साल पर और उसके बाद एक-एक वर्ष पर फिटनेस कराने का नियम है। वाहन का फिटनेस न होने पर पहली बार 5000 और दूसरी बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का चालान होता है। वाहनों का फिटनेस आसानी से कराने के लिए उत्तर प्रदेश के हर जिले में तीन-तीन निजी ATS खोलने को मंजूरी दी गई थी। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बिजनौर, फिरोजाबाद, झांसी, कानपुर देहात, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली, रामपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, आगरा, लखनऊ तथा मिर्जापुर जिलों में ही ATS संचालित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बाकी जिलों में ATS खोले जाने का काम तेजी के साथ चल रहा है। UP News