उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का सुनहरा मौका

प्रदेश भर में लगभग 68 हजार मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। आरटीई के तहत करीब 6.80 लाख सीटें उपलब्ध हैं। प्रत्येक निजी स्कूल को प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीटें आरक्षित करनी होंगी। इसके साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए माता-पिता का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।

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स्कूली बच्चे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Jan 2026 01:32 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस बार आरटीई एडमिशन की पूरी प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। 

कितनी सीटें और कितने स्कूल?

प्रदेश भर में लगभग 68 हजार मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। आरटीई के तहत करीब 6.80 लाख सीटें उपलब्ध हैं। प्रत्येक निजी स्कूल को प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीटें आरक्षित करनी होंगी। इसके साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए माता-पिता का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री जैसे किताबें, कॉपियाँ और अन्य शैक्षणिक खर्चों की राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।

आरटीई एडमिशन 2026-27: चरणबद्ध शेड्यूल

पहला चरण

*आवेदन की अवधि: 2 फरवरी से 16 फरवरी 2026

* दस्तावेजों की जांच: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा

* लॉटरी तिथि: 18 फरवरी

* स्कूल आवंटन आदेश: 20 फरवरी तक

दूसरा चरण

* आवेदन: 21 फरवरी से 7 मार्च

* लॉटरी: 9 मार्च

* आदेश जारी: 11 मार्च तक

तीसरा और अंतिम चरण

* आवेदन: 12 मार्च से 25 मार्च

* लॉटरी: 27 मार्च

* आवंटन आदेश: 29 मार्च तक

एडमिशन की अंतिम तिथि

चयनित बच्चों का स्कूल में नामांकन 11 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य किया जाना है। स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि निजी स्कूलों की सीटों का सर्वे, मैपिंग और पंजीकरण पहले ही पूरा किया जाए। प्रत्येक ब्लॉक में नोडल अधिकारी आरटीई से संबंधित जानकारी का प्रचार और दस्तावेजों की जांच करेंगे।

अभिभावकों के लिए सहायता केंद्र

जो माता-पिता आॅनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए सहायता काउंटर स्थापित किए जाएंगे। जो जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , बीएसए और बीईओ कार्यालय में मौजूद होंगे। पिछले वर्ष के आंकड़े (संक्षेप में) में कुल आवेदन: 3.34 लाख से अधिक, मान्य आवेदन: 2.52 लाख, सीट आवंटन: 1.85 लाख, सफल एडमिशन: 1.41 लाख से अधिक बच्चों के हुए हैं।

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बड़ी खबर: महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी, मेदांता रेफर

उधर, मेदांता अस्पताल में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है और अस्पताल प्रशासन के मुताबिक इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात है, जो उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

महंत नृत्य गोपाल दास
महंत नृत्य गोपाल दास
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Jan 2026 01:11 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के धार्मिक केंद्र अयोध्या से बुधवार को चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई हैउत्तर प्रदेश के अयोध्या स्तिथ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और वरिष्ठ संत महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल जांच कराई। स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार और विशेषज्ञ निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि उनकी उम्र और पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह निर्णय तेजी से लिया गया।

तबीयत बिगड़ते ही तेज हुई हलचल

महंत जी की तबीयत बिगड़ते ही अयोध्या की मणिराम दास छावनी में हलचल तेज हो गई। उनके निवास पर डॉक्टरों की टीम ने पहुंचकर तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण किया। शुरुआती संकेतों के अनुसार, ठंड और गलन बढ़ने के साथ उनकी परेशानी भी बढ़ी, जिससे सांस और सीने से जुड़ी दिक्कतें उभरने लगीं। उम्र और पुरानी बीमारियों को देखते हुए संत-समाज व प्रशासन ने एहतियातन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ रेफर करने का फैसला लिया। महंत नृत्य गोपाल दास को एम्बुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अयोध्या से लखनऊ रवाना किया गया है। उधर, मेदांता अस्पताल में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है और अस्पताल प्रशासन के मुताबिक इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात है, जो उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

उत्तर प्रदेश के संत-समाज में चिंता

महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत बिगड़ने की सूचना फैलते ही उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या में संत समाज के बीच चिंता की लहर दौड़ गई। हनुमानगढ़ी से लेकर राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी और अलग-अलग धार्मिक संस्थानों के संत लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर अपडेट ले रहे हैं और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। बताया जाता है कि महंत जी लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, इसलिए एहतियातन उन्हें समय-समय पर लखनऊ स्थित मेदांता में रूटीन जांच और इलाज के लिए ले जाया जाता रहा है। UP News

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सतुआ बाबा गए, अब ‘फटीचर बाबा’ छा गए! बैनर पढ़ते ही रुक जा रही भीड़

सेक्टर-6 के संगम लोअर मार्ग पर उनके शिविर के बाहर लगा बैनर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। लोग किसी चमत्कार की तलाश में नहीं ठहरते वे बस उस नाम को पढ़ते हैं, हल्की-सी मुस्कान आती है और फिर जिज्ञासा उन्हें कदम बढ़ाकर शिविर के भीतर तक खींच ले जाती है।

फटीचर बाबा का शिविर बना वायरल स्पॉट
फटीचर बाबा का शिविर बना वायरल स्पॉट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Jan 2026 11:51 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी प्रयागराज में संगम की रेती पर सजा माघ मेला इस बार सिर्फ साधु-संतों की साधना और सत्संग के लिए नहीं, बल्कि अनूठे नामों वाले शिविरों की वजह से भी सुर्खियों में है। सतुआ बाबा के बाद अब जिस नाम ने सोशल मीडिया से लेकर श्रद्धालुओं की बातचीत तक जगह बना ली है, वह नाम है फटीचर बाबा। सेक्टर-6 के संगम लोअर मार्ग पर उनके शिविर के बाहर लगा बैनर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। लोग किसी चमत्कार की तलाश में नहीं ठहरते वे बस उस नाम को पढ़ते हैं, हल्की-सी मुस्कान आती है और फिर जिज्ञासा उन्हें कदम बढ़ाकर शिविर के भीतर तक खींच ले जाती है।

बैनर पढ़ते ही रुक जा रहे लोग

मेले में दिनभर स्नान-दान के बाद जब श्रद्धालु अलग-अलग अखाड़ों और साधुओं के शिविरों की ओर बढ़ते हैं, तो सेक्टर-6 में यह शिविर भीड़ को रोक लेता है। बाहर लिखा संदेश फटीचर बाबा का राम-राम देखकर कई लोग मोबाइल निकालकर फोटो लेने लगते हैं, तो कुछ सीधे अंदर जाकर बाबा के बारे में जानने लगते हैं। देखते ही देखते यह शिविर वायरल स्पॉट जैसा बन गया है, जहां श्रद्धा के साथ उत्सुकता भी साथ चलती है। शिविर के भीतर पहुंचने पर सामने आती है एक सादी-सी दुनिया, जहां दिखावा नहीं, बस राम नाम की धुन है। जानकारी के मुताबिक फटीचर बाबा महाराष्ट्र के मलाड ईस्ट से प्रयागराज पहुंचे हैं। बाबा का कहना है कि उनका गुरु-मंत्र सिर्फ राम-राम है । उनके कई भक्त राम नाम वाले वस्त्र पहनते हैं और कुछ ने तो अपने शरीर पर भी राम-राम लिखवा रखा है।

24 घंटे चल रहा राम नाम का जाप

इस शिविर की खास बात यह है कि यहां दिन-रात राम नाम का जाप चलता रहता है। बाबा बताते हैं कि यह नाम उन्हें ईश्वर की देन जैसा मिला, इसलिए अब इसी नाम में उन्हें अपनापन लगता है। फटीचर बाबा का दावा है कि जो लोग नियमित रूप से राम नाम जपते हैं, उनके जीवन की बाधाएं और कष्ट कम होते हैं। वह अधिकतर समय अपने शिविर में ही रहते हैं और बाहर बहुत कम निकलते हैं। फिर भी जहां भी बात होती है, बाबा का संदेश वही रहता है राम नाम में ही कल्याण है। बाबा यह भी कहते हैं कि अगर लगातार जप संभव न हो, तो कम से कम “राम भरोसे” रहना सीखिए।

माघी पूर्णिमा तक प्रयागराज में रहेंगे

फटीचर बाबा फिलहाल माघी पूर्णिमा तक माघ मेले में बने रहेंगे। उनके शिविर में इसी तरह राम नाम का जाप और भक्तों का आना-जाना जारी रहेगा। प्रयागराज का माघ मेला जहां साधना, सेवा और स्नान-दान की परंपरा से जुड़ा है, वहीं ऐसे शिविर मेले को एक अलग रंग भी दे रहे हैं जहां उत्तर प्रदेश की आस्था के बीच नाम की दिलचस्पी भी लोगों को खींचकर ले आती है। UP News

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