उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का सुनहरा मौका
प्रदेश भर में लगभग 68 हजार मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। आरटीई के तहत करीब 6.80 लाख सीटें उपलब्ध हैं। प्रत्येक निजी स्कूल को प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीटें आरक्षित करनी होंगी। इसके साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए माता-पिता का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस बार आरटीई एडमिशन की पूरी प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
कितनी सीटें और कितने स्कूल?
प्रदेश भर में लगभग 68 हजार मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। आरटीई के तहत करीब 6.80 लाख सीटें उपलब्ध हैं। प्रत्येक निजी स्कूल को प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीटें आरक्षित करनी होंगी। इसके साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए माता-पिता का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री जैसे किताबें, कॉपियाँ और अन्य शैक्षणिक खर्चों की राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।
आरटीई एडमिशन 2026-27: चरणबद्ध शेड्यूल
पहला चरण
*आवेदन की अवधि: 2 फरवरी से 16 फरवरी 2026
* दस्तावेजों की जांच: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा
* लॉटरी तिथि: 18 फरवरी
* स्कूल आवंटन आदेश: 20 फरवरी तक
दूसरा चरण
* आवेदन: 21 फरवरी से 7 मार्च
* लॉटरी: 9 मार्च
* आदेश जारी: 11 मार्च तक
तीसरा और अंतिम चरण
* आवेदन: 12 मार्च से 25 मार्च
* लॉटरी: 27 मार्च
* आवंटन आदेश: 29 मार्च तक
एडमिशन की अंतिम तिथि
चयनित बच्चों का स्कूल में नामांकन 11 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य किया जाना है। स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि निजी स्कूलों की सीटों का सर्वे, मैपिंग और पंजीकरण पहले ही पूरा किया जाए। प्रत्येक ब्लॉक में नोडल अधिकारी आरटीई से संबंधित जानकारी का प्रचार और दस्तावेजों की जांच करेंगे।
अभिभावकों के लिए सहायता केंद्र
जो माता-पिता आॅनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए सहायता काउंटर स्थापित किए जाएंगे। जो जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , बीएसए और बीईओ कार्यालय में मौजूद होंगे। पिछले वर्ष के आंकड़े (संक्षेप में) में कुल आवेदन: 3.34 लाख से अधिक, मान्य आवेदन: 2.52 लाख, सीट आवंटन: 1.85 लाख, सफल एडमिशन: 1.41 लाख से अधिक बच्चों के हुए हैं।
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस बार आरटीई एडमिशन की पूरी प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
कितनी सीटें और कितने स्कूल?
प्रदेश भर में लगभग 68 हजार मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। आरटीई के तहत करीब 6.80 लाख सीटें उपलब्ध हैं। प्रत्येक निजी स्कूल को प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीटें आरक्षित करनी होंगी। इसके साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए माता-पिता का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री जैसे किताबें, कॉपियाँ और अन्य शैक्षणिक खर्चों की राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।
आरटीई एडमिशन 2026-27: चरणबद्ध शेड्यूल
पहला चरण
*आवेदन की अवधि: 2 फरवरी से 16 फरवरी 2026
* दस्तावेजों की जांच: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा
* लॉटरी तिथि: 18 फरवरी
* स्कूल आवंटन आदेश: 20 फरवरी तक
दूसरा चरण
* आवेदन: 21 फरवरी से 7 मार्च
* लॉटरी: 9 मार्च
* आदेश जारी: 11 मार्च तक
तीसरा और अंतिम चरण
* आवेदन: 12 मार्च से 25 मार्च
* लॉटरी: 27 मार्च
* आवंटन आदेश: 29 मार्च तक
एडमिशन की अंतिम तिथि
चयनित बच्चों का स्कूल में नामांकन 11 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य किया जाना है। स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि निजी स्कूलों की सीटों का सर्वे, मैपिंग और पंजीकरण पहले ही पूरा किया जाए। प्रत्येक ब्लॉक में नोडल अधिकारी आरटीई से संबंधित जानकारी का प्रचार और दस्तावेजों की जांच करेंगे।
अभिभावकों के लिए सहायता केंद्र
जो माता-पिता आॅनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए सहायता काउंटर स्थापित किए जाएंगे। जो जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , बीएसए और बीईओ कार्यालय में मौजूद होंगे। पिछले वर्ष के आंकड़े (संक्षेप में) में कुल आवेदन: 3.34 लाख से अधिक, मान्य आवेदन: 2.52 लाख, सीट आवंटन: 1.85 लाख, सफल एडमिशन: 1.41 लाख से अधिक बच्चों के हुए हैं।












