उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि ये हॉस्टल शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक पढ़ रहे सैकड़ों विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और किफायती आवास मिलेगा। खासकर उन छात्रों को राहत मिलेगी, जिन्हें आर्थिक कारणों से पढ़ाई के साथ रहने की व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाता है।

UP News : उत्तर प्रदेश में छात्र कल्याण और शिक्षा ढांचे को नई मजबूती देने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के चुनिंदा जिलों में 6 नए राजकीय अनुसूचित जाति (SC) छात्रावासों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि ये हॉस्टल शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक पढ़ रहे सैकड़ों विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और किफायती आवास मिलेगा। खासकर उन छात्रों को राहत मिलेगी, जिन्हें आर्थिक कारणों से पढ़ाई के साथ रहने की व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इन नए छात्रावासों के लिए सीट आवंटन का साफ और संतुलित मॉडल तय किया है। प्रस्तावित हॉस्टलों में कुल क्षमता की 70% सीटें SC-ST विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेंगी, जबकि शेष 30% सीटों पर OBC और सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों को भी प्रवेश का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में छात्रावास व्यवस्था को केवल “रहने की सुविधा” तक सीमित न रखकर, ऐसा समावेशी शैक्षणिक माहौल बनाना है जहां पढ़ाई के साथ सामाजिक संतुलन भी मजबूत हो। यह सुविधा कक्षा 9 से लेकर स्नातकोत्तर (PG) तक के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे स्कूल स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्रों को एक ही छत के नीचे सुरक्षित ठहराव मिल सके। ये छात्रावास प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के तहत उत्तर प्रदेश के चुनिंदा जिलों में विकसित किए जाएंगे और इन्हें पारंपरिक हॉस्टल की तरह नहीं, बल्कि आधुनिक कैंपस मॉडल के रूप में तैयार करने की योजना है। प्रस्तावित ढांचे में 50 से 100 बेड क्षमता के साथ सुसज्जित कमरे, आधुनिक मेस, मनोरंजन कक्ष, पुस्तकालय, सुरक्षा के लिए गार्ड रूम और अधीक्षक के आवास जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। खास बात यह है कि छात्रों से महज 25 रुपये प्रति माह का प्रतीकात्मक किराया लिया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश के जरूरतमंद विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप और पात्रता प्रक्रिया में कोई तकनीकी अड़चन न आए और उन्हें बिना रुकावट पढ़ाई जारी रखने का भरोसा मिल सके।
इन छात्रावासों का निर्माण काफी समय से वित्तीय कमी के कारण धीमा पड़ा था। केंद्र की PM-AJAY योजना में प्रति छात्र 3 लाख रुपये के हिसाब से फंडिंग का प्रावधान है, लेकिन मौजूदा निर्माण लागत को देखते हुए यह राशि कम पड़ रही थी। केंद्र से मिली 24.90 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त न होने पर योगी सरकार ने राज्य बजट से 13.08 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ‘टॉपअप’ देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद, जौनपुर, हाथरस और सुलतानपुर जैसे जिलों में निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना है। योजना के अनुसार फिरोजाबाद में अकेले तीन छात्रावास बनाए जाएंगे, जबकि अन्य जिलों में जरूरत के हिसाब से विशेष बेड क्षमता वाले हॉस्टल विकसित किए जाएंगे। UP News