इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के कारण प्रदेश का पर्यावरण संरक्षण बहुत बेहतर हो जाएगा। पर्यावरण संरक्षण बेहतर होने के कारण इस बड़े फैसले का फायदा वर्तमान पीढ़ी के साथ ही साथ अगली पीढ़ी को भी मिलेगा।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला प्रदेश के सभी जिलों को फायदा पहुंचाने का काम करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस बड़े फैसले के द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत बड़ा लाभ होगा। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के कारण प्रदेश का पर्यावरण संरक्षण बहुत बेहतर हो जाएगा। पर्यावरण संरक्षण बेहतर होने के कारण इस बड़े फैसले का फायदा वर्तमान पीढ़ी के साथ ही साथ अगली पीढ़ी को भी मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए प्रदेश में ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान चलाने की घोषणा की है। पूरे उत्तर प्रदेश में चलाए जाने वाले इस खास अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में कम से कम 100-100 मॉडल तालाब विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इस अभियान के प्रथम चरण में पांच हजार या उससे अधिक आबादी वाले गाँवों में मॉडल तालाब विकसित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान प्रदेश का पंचायती राज विभाग चलाएगा। यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत चलाया जाएगा। प्रदेश में पंचायती राज विभाग ने इस अभियान की पूरी कार्य योजना तैयार कर ली है। इस कार्ययोजना के मुताबिक हर जिले के 100 तालाब ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से जोडक़र मॉडल स्वरूप में निखारे जाएंगे। अभियान को लेकर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक की तरफ से सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को सर्कुलर जारी किया गया है। मॉडल तालाब विकसित करने के क्रम में प्रथम चरण का अभियान 5000 से अधिक आबादी वाले गांवों में चलेगा। ऐसे गांव में तालाब का चयन कर यह देखा जाएगा कि कितने परिवारों का ग्रे वाटर तालाब में गिर रहा है। कितनी नालियों से पानी तालाब में प्रवाहित किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन कितना प्लास्टिक अपशिष्ट तालाब में डाला जा रहा है। जिस तालाब का चयन किया जाएगा, उसका BOD (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड या जैविक ऑक्सीजन मांग) भी चेक किया जाएगा ताकि तालाब को मॉडल स्वरूप में विकसित करने के बाद तुलनात्मक सुधार का पता लगाया जा सके।
उत्तर प्रदेश में चलने वाले इस अभियान के तहत मॉडल तालाब विकसित करने के लिए चयनित तालाब के चारों ओर नो प्लास्टिक जोन घोषित किया जाएगा। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत से तालाब में प्लास्टिक अपशिष्ट न फेकने का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। तालाब में गिरने वाली नालियों पर प्लास्टिक ट्रैप वाली जाली, फिल्टर चैंबर लगाया जाएगा। इससे प्लास्टिक और गंदगी तालाब में जाने से पहले ही रुक जाएगी। इसी तरह ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे ग्रे वाटर का प्रवाह सीधे तालाब में न हो। इसके लिए नाली के अंत में बायो फिल्टर सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें कंकड़, रेत के इस्तेमाल के अलावा केली और केना (एक किस्म का खरपतवार) के पौधे लगाए जाएंगे। इस उपचार से पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध होकर तालाब में जाएगा। प्लास्टिक और ग्रे वाटर से जुड़े रोकथाम की निगरानी समुदाय स्तर पर की जाएगी। मॉडल तालाब विकसित होने से तालाब प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा, ग्रे वाटर का स्थायी समाधान होगा। जल के स्वच्छ और सुरक्षित होने से ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पर्यावरण में आशातीत सुधार होगा। पूरे उत्तर प्रदेश में यह अभियान जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा। UP News