अपने गाँव में नौकरी मिलने की यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति विभाग से जुड़ी हुई है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक युवाओं को उनके अपने ही गाँव में सरकारी नौकरी मिल जाएगी।

UP News : उत्तर प्रदेश के गाँवों में रहने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के लिए अच्छी खबर यह है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं को उनके अपने गाँव में ही सरकारी नौकरी मिलने वाली है। अपने गाँव में नौकरी मिलने की यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति विभाग से जुड़ी हुई है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक युवाओं को उनके अपने ही गाँव में सरकारी नौकरी मिल जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी गाँवों में नल-जल मित्र तैनात करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक गाँव में उसी गाँव के युवाओं को सरकार की तरफ से आकर्षक मानदेय देते हुए नल-जल मित्र तैनात किए जाएंगे। इस योजना के तहत प्रदेश के एक जिले में औसतन दो हजार नल-जल मित्र तैनात होंगे। इस प्रकार उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों की बात करें तो पूरे प्रदेश में डेढ़ लाख युवा नल-जल मित्र के तौर पर तैनात किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सरकार की इस योजना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी गाँवों में नल-जल मित्र तैनात किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस योजना के द्वारा ग्रामीण युवाओं को रोजगार का एक नया साधन मिल गया है। जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत की गई व्यवस्थाओं से गांवों में पानी की धार तो बरकरार रहेगी ही, गांव की युवाशक्ति रोजगार से भी जुड़ेगी। जलापूर्ति की देखरेख, पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए नल जल मित्र की तैनाती से गांव के युवाओं को अपने ही गांव में आजीविका कमाने का अवसर मिल जाएगा।
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि नल जल मित्रों की तैनाती का पहला उद्देश्य गांवों में पानी की आपूर्ति की रफ्तार न थमने देना है। इस पहल से न केवल गांवों में शुद्ध पेयजल की निरंतरता बनी रहेगी बल्कि ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। गोरखपुर मंडल के गोरखपुर जिले में 2098, देवरिया में 1739, कुशीनगर में 1309 और महराजगंज में 1120 नल जल मित्र की तैनाती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नल जल मित्र गांवों में बिछी पाइपलाइन और नल कनेक्शनों की नियमित देखरेख करेंगे। पाइपलाइन फटने या लीकेज होने पर तत्काल मरम्मत व तकनीकी सुधार करेंगे। इसके साथ ही वह समय-समय पर पानी के नमूनों की जांच करेंगे ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और शुद्ध जल मिल सके। गांव में जल मित्र होने से अब पाइप से जलापूर्ति वाले गांवों में ग्रामीणों को पानी की छोटी-मोटी समस्याओं के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। गांव का युवा ही गांव की समस्या का समाधान कर देगा। वहीं दूसरी तरफ गांव के युवा को घर रहकर ही आजीविका का एक साधन मिल जाएगा। घरेलू और कृषि कार्य करने के साथ उसे जल मित्र के रूप में अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त होगी। UP News