वाराणसी के मणिकर्णिका घाट मूर्तियों को तोड़ने के आरोप पर सीएम योगी ने दिया जवाब
इस विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि यह जानकारी भ्रामक और झूठी है।

UP News : वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को नुकसान पहुंचने की तस्वीरें सामने आने के बाद शहर में विवाद उत्पन्न हो गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर प्राचीन संरचनाओं और मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा-जानकारी भ्रामक और झूठी
इस विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि यह जानकारी भ्रामक और झूठी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर काशी की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और टूटे हुए हिस्सों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करके भ्रम फैला रहे हैं। सीएम ने यह भी बताया कि कोई मंदिर या मूर्तियाँ नष्ट नहीं हुई हैं और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हें पुन: स्थापित किया जाएगा।
शहर के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी
वाराणसी के मेयर, स्थानीय विधायक और काशी विद्वत परिषद ने भी लोगों से अपील की कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 से 11.5 वर्षों में काशी के आध्यात्मिक और भौतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में शहर के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, और श्रद्धालुओं की संख्या में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। योगी ने आगे कहा कि काशी ने देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है और शहर को अब वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने विपक्ष पर भारत की सांस्कृतिक विरासत का अपमान करने का आरोप भी लगाया।
UP News : वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को नुकसान पहुंचने की तस्वीरें सामने आने के बाद शहर में विवाद उत्पन्न हो गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर प्राचीन संरचनाओं और मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा-जानकारी भ्रामक और झूठी
इस विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि यह जानकारी भ्रामक और झूठी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर काशी की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और टूटे हुए हिस्सों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करके भ्रम फैला रहे हैं। सीएम ने यह भी बताया कि कोई मंदिर या मूर्तियाँ नष्ट नहीं हुई हैं और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हें पुन: स्थापित किया जाएगा।
शहर के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी
वाराणसी के मेयर, स्थानीय विधायक और काशी विद्वत परिषद ने भी लोगों से अपील की कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 से 11.5 वर्षों में काशी के आध्यात्मिक और भौतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में शहर के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, और श्रद्धालुओं की संख्या में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। योगी ने आगे कहा कि काशी ने देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है और शहर को अब वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने विपक्ष पर भारत की सांस्कृतिक विरासत का अपमान करने का आरोप भी लगाया।

















