कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सात दिन का कैपेसिटी बिल्डिंग कोर्स करना अनिवार्य होगा। कैपेसिटी बिल्डिंग कोर्स ना करने वाले सरकारी अधिकारियों तथा सरकारी विभागों के कर्मचारियों का प्रमोशन रोक दिया जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों तथा सरकारी विभागों के कर्मचारियों को आसानी से प्रमोशन नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि प्रदेश के सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रमोशन प्राप्त करने के लिए एक बहुत ही जरूरी काम करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश का जो सरकारी अधिकारी तथा कर्मचारी यह जरूरी काम नहीं करेगा उस अधिकारी अथवा कर्मचारी को प्रमोशान के लिए लम्बी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में कर्मचारी योजना पर तेजी के साथ काम कर रही है। कर्मचारी योजना उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के ऊपर लागू की गई है। इस विशेष योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के साथ जुडऩा अनिवार्य कर दिया गया है। कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सात दिन का कैपेसिटी बिल्डिंग कोर्स करना अनिवार्य होगा। कैपेसिटी बिल्डिंग कोर्स ना करने वाले सरकारी अधिकारियों तथा सरकारी विभागों के कर्मचारियों का प्रमोशन रोक दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम अनिवार्य होगा। ये कार्यक्रम सात दिनों का होगा। इसे कर्मचारियों के प्रमोशन एवं एसीआर से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मिशन कर्मयोगी के तहत बैठक में यह निर्देश देते हुए राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस दौरान सीएम ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आंत्मसात करते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश व देश के विकास की शक्ति बने।
भारत सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत उत्तर प्रदेश में कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, शहरी निकाय तथा स्थानीय निकायों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कैपेसिटी बिल्डिंग योजना के साथ उत्तर प्रदेश में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मिशन से 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाया जा रहा है। UP News