
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने बड़ा दावा किया है। इस दावे को उत्तर प्रदेश सरकार का सबसे बड़ा दावा भी बताया जा रहा है। एक बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में मौजूद वक्फ के कब्जे वाली अधिकतर जमीन उत्तर प्रदेश सरकार की सरकारी जमीन है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह बड़ा दावा सरकार के राजस्व रिकार्ड के आधार पर किया है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौजूद बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा तथा अयोध्या का बेगम का मकबरा भी सरकारी जमीन पर बना हुआ है।
आपको बता दें कि भारत की संसद की संयुक्त संसदीय समिति इन दिनों वक्फ बोर्ड संसोधन विधेयक को लेकर छानबीन कर रही है। संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) की इस महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई। जेपीसी की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया था। जेपीसी की इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े अधिकारियों ने बड़ा दावा किया है। उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा दावा सुनकर जेसीपी के सदस्य भी हैरान हो गए हैं। अब यह देखना बहुत ही महत्चपूर्ण होगा कि क्या जेपीसी उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े दावे को अपने सुझावों का हिस्सा बताती है अथवा नहीं बताती है।
लखनऊ (Lucknow) में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश शासन ने बताया कि राज्य में वक्फ की 78 फीसदी जमीन सरकारी है। जेपीसी अध्यक्ष सांसद जगदंबिका पाल के नेतृत्व में हुई बैठक के दौरान वक्फ बोर्डों व अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों के पक्ष को भी सुना गया। विभिन्न हितधारकों की राय लेने के लिए समिति की यह आखिरी बैठक थी। यूपी में वक्फ बोर्डों के रिकॉर्ड में कुल 1.30 लाख संपत्तियां दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक यूपी की अपर मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण मोनिका एस गर्ग ने बताया कि प्रदेश में कुल 14 हजार हेक्टयर वक्फ भूमि है, जिसमें 11 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि रिकॉर्ड में सरकारी है। राजस्व विभाग के अफसरों ने कहा कि 58 हजार वक्फ संपत्तियां ऐसी हैं जो राजस्व रिकॉर्ड में श्रेणी 5 व 6 की हैं। इन दोनों श्रेणियों में सरकारी और ग्राम सभा की जमीन दर्ज होती है। सच्चर कमेटी ने यूपी की जिन 60 संपत्तियों को वक्फ की बताया था, उनके बारे में भी शासन की ओर से जेपीसी को स्थिति स्पष्ट की गई।
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अधिकारियों ने जेपीसी को बताया, वक्फ संपत्तियों को लेकर यूपी सरकार नई नियमावली लाई है। इसमें वक्फ बोर्ड के किसी संपत्ति पर दावा किए जाने पर उसका 1952 के राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है। बैठक में जेपीसी सदस्य व सांसद इमरान मसूद, ए राजा, लवु श्रीकृष्णा देवरायलु, बृजलाल, गुलाम अली, असदुद्दीन ओवैसी, मो. नदीमुल हक, संजय जायसवाल व मोहिब्बुल्लाह मौजूद रहे।
जेपीसी की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक चौंकाने का दावा भी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि बलरामपुर अस्पताल, आवास विकास व एलडीए समेत तमाम विकास प्राधिकरणों की जमीनों समेत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की जमीन पर भी वक्फ बोर्ड दावा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने जेपीसी को बताया कि लखनऊ का बड़ा व छोटा इमामबाड़ा और अयोध्या में बेगम का मकबरा भी सरकारी है, हालांकि वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों ने इसका विरोध किया। UP News :