उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की उम्मीद तेज, सीतारमण से मिले सुरेश खन्ना

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े इन मुद्दों को संसद सत्र से पहले तैयार होने वाले प्री-बजट प्रस्तावों में विचार के लिए रख लिया गया है।

सुरेश खन्ना की दिल्ली में अहम बैठक
सुरेश खन्ना की दिल्ली में अहम बैठक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 11:22 AM
bookmark

UP News : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए राहत और उम्मीद से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ में एम्स (AIIMS) की स्थापना और हाईकोर्ट बेंच की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर केंद्र सरकार के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान आग्रह किया कि इन प्रस्तावों को आगामी केंद्रीय बजट में शामिल कर प्राथमिकता से विचार किया जाए। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े इन मुद्दों को संसद सत्र से पहले तैयार होने वाले प्री-बजट प्रस्तावों में विचार के लिए रख लिया गया है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि बेहतर इलाज के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को अक्सर दिल्ली का रुख करना पड़ता है। ऐसे में अगर मेरठ में एम्स की स्थापना होती है, तो इसका लाभ सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत समेत पूरे पश्चिमी यूपी को बड़ी स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी।

इलाज के लिए दिल्ली की मजबूरी खत्म करने की दिशा में कदम

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े मेडिकल संस्थानों की कमी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार का कहना है कि अगर मेरठ जैसे प्रमुख शहर में एम्स की स्थापना होती है, तो पश्चिमी यूपी को विशेषज्ञ डॉक्टरों, सुपर-स्पेशियलिटी इलाज और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का मजबूत केंद्र मिलेगा। इससे मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली-दौड़ से राहत मिलेगी और उनका समय व खर्च दोनों बचेगा। वहीं, हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे पर भी यूपी सरकार ने व्यावहारिक आधार सामने रखे हैं। प्रस्ताव में तर्क दिया गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी के चलते पश्चिमी जिलों के वादी-अपीलकर्ताओं को न्याय के लिए लंबी यात्राएं करनी पड़ती हैं, जिससे पैसे के साथ-साथ कामकाज और संसाधनों का भी बड़ा नुकसान होता है। इसी वजह से मेरठ में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने या लखनऊ खंडपीठ के माध्यम से मेरठ सहित पश्चिमी यूपी को संबद्ध करने जैसे विकल्पों पर गंभीरता से फैसला लेने की मांग उठाई गई है।

अन्य परियोजनाओं पर भी सहयोग की अपेक्षा - डॉ. वाजपेयी

डॉ. वाजपेयी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र से केवल स्वास्थ्य और न्याय के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि मेरठ और पश्चिमी यूपी से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लिए भी सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि इस बार मेरठ से जुड़े प्रस्तावों को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र से बजट में विचार का औपचारिक अनुरोध किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनभावनाओं को केंद्र तक पहुंचाया गया है। उनके अनुसार, एम्स और हाईकोर्ट बेंच इस क्षेत्र की बुनियादी जरूरतें हैं और उम्मीद है कि आगामी बजट में इन पर सकारात्मक निर्णय सामने आएगा। UP News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में UPAVP दे रहा 20% तक डिस्काउंट, ऐसे करें आवेदन

भुगतान व्यवस्था में भी परिषद ने बड़ा प्रोत्साहन रखा है। यदि आवंटन के बाद 60 दिनों के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाता है, तो अतिरिक्त लाभ के तौर पर अलग से 20% तक की छूट भी मिल सकती है। साफ है, यूपी में समय पर भुगतान करने वाले जवानों को दोहरा फायदा मिलने की संभावना है।

UPAVP की नई स्कीम
UPAVP की नई स्कीम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 10:01 AM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश में सेना और अर्द्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों के लिए घर का सपना अब पहले से ज्यादा आसान होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने अपने आवासीय प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बुकिंग पर जवानों को 20% तक की विशेष छूट देने का अहम फैसला लिया है। परिषद की बैठक में मंजूर इस निर्णय से यूपी में तैनात जवानों के साथ-साथ पूर्व सैनिकों को भी कम कीमत में सम्मानजनक और सुरक्षित आवास मिल सकेगा

उत्तर प्रदेश में जवानों को 20% स्पेशल डिस्काउंट

UPAVP के मुताबिक जवानों को मिलने वाली यह विशेष छूट बुकिंग के वक्त ही सीधे लागू होगी यानी फ्लैट बुक कराते ही कीमत में तुरंत राहत मिल जाएगी। परिषद का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में रहने वाले या उत्तर प्रदेश से जुड़े सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिवारों को सम्मानजनक व किफायती आवास उपलब्ध कराना है। भुगतान व्यवस्था में भी परिषद ने बड़ा प्रोत्साहन रखा है यदि आवंटन के बाद 60 दिनों के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाता है, तो अतिरिक्त लाभ के तौर पर अलग से 20% तक की छूट भी मिल सकती है। साफ है, यूपी में समय पर भुगतान करने वाले जवानों को दोहरा फायदा मिलने की संभावना है।

पहले आओ-पहले पाओ स्कीम में शामिल हुआ लाभ

UPAVP ने जवानों के लिए यह राहत FCFS (पहले आओ–पहले पाओ) आधारित रिक्त फ्लैट बुकिंग योजना में शामिल की है। इस समय उत्तर प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं में उपलब्ध फ्लैटों की ऑनलाइन बुकिंग जारी है, जहां 1BHK से लेकर 4BHK तक के विकल्प मौजूद हैं। परिषद के मुताबिक सामान्य आवेदकों को भी 15% तक की छूट दी जा रही है, लेकिन सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए यह छूट 20% तक बढ़ा दी गई है।

ऐसे करें आवेदन: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

जो जवान या पूर्व सैनिक इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बेहद आसान तरीके से आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट upavp.in पर लॉगिन करने के बाद FCFS (First Come First Serve) सेक्शन खोलें यहीं सशस्त्र बल/अर्धसैनिक बलों के लिए अलग विशेष लिंक उपलब्ध है। पूरी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन रखी गई है, जिसमें पंजीकरण से लेकर दस्तावेज अपलोड और भुगतान तक हर कदम एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरा किया जा सकता हैUP News


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में 65 डेटा लैब की तैयारी, हेल्थ सिस्टम होगा स्मार्ट

सीएम के बयान से संकेत साफ हैं कि उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में AI को तेजी से अपनाकर जांच-निदान, रोग निगरानी और इलाज की व्यवस्था को ज्यादा सटीक, तेज और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खुद को मजबूती से स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 09:39 AM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि सरकार की नीति और प्रशासन का मिशन एजेंडा बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को AI एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से करीब 2000 करोड़ रुपये के AI-आधारित कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। सीएम के बयान से संकेत साफ हैं कि उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में AI को तेजी से अपनाकर जांच-निदान, रोग निगरानी और इलाज की व्यवस्था को ज्यादा सटीक, तेज और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खुद को मजबूती से स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है।

AI लैब नेटवर्क से बदलेगा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 65 AI डेटा लैब स्थापित करने का रोडमैप तैयार किया गया है, जिनमें से 62 लैब को जल्द ही धरातल पर उतारने की तैयारी है। इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि AI का ढांचा केवल लखनऊ-नोएडा जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंचाया जाएगा। लक्ष्य साफ है तकनीक का लाभ पूर्वांचल, बुंदेलखंड, तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों तक भी समान रूप से पहुंचे, ताकि प्रदेश के हर हिस्से में स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन जैसी सेवाओं में डेटा-आधारित फैसले और नवाचार की रफ्तार तेज हो सके।

AI से शासन रिएक्टिव नहीं प्रोएक्टिव बनेगा: योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उत्तर प्रदेश की शासन-प्रणाली को रिएक्टिव से निकालकर प्रोएक्टिव दिशा में ले जा रहा है, यानी अब समस्याओं पर सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं होगी, बल्कि खतरा उभरने से पहले समाधान की तैयारी की जा सकेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तकनीक संवेदना के साथ कदम मिलाए, नीतियां नवाचार से ऊर्जा पाएँ और शासन जन-विश्वास की नींव पर खड़ा हो, तभी विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुँचता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक यही सोच उत्तर प्रदेश को समावेशी विकास और अधिक सुरक्षित भविष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

AI से मजबूत होगा UP का हेल्थ सर्विलांस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य नीतियों को अधिक असरदार और सटीक बनाने में AI निर्णायक भूमिका निभा सकता है। AI की मदद से महामारियों के शुरुआती संकेत समय रहते पकड़ना, डेंगू-मलेरिया जैसे वेक्टर जनित रोगों के मामलों का डेटा-आधारित विश्लेषण करना और फीडबैक के आधार पर निर्णय लेकर परिणामों की लगातार निगरानी संभव होगी। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में AI को केंद्र में रखकर हेल्थ सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, ताकि बीमारी के फैलाव पर पहले ही ब्रेक लगे और इलाज-प्रबंधन की तैयारी रियल-टाइम डेटा के आधार पर तेज हो सके।

स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा सपोर्ट

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तकनीक-आधारित इकोसिस्टम को नई रीढ़ देने का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का फोकस अब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि टेक-इन्फ्रास्ट्रक्चर को जमीन पर उतारने पर है। प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क जैसी परियोजनाएं हेल्थ इंडस्ट्री को मजबूती दे रही हैं, वहीं लखनऊ में मेडिटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को उन्नत स्वास्थ्य तकनीक का हब बनाया जा रहा है। दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर में AI व इनोवेशन आधारित उद्यमिता केंद्र और IIT कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए शोध, स्टार्टअप और उद्योग को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा है। साथ ही लखनऊ को AI सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी प्रगति पर है। कुल मिलाकर यह संकेत है कि उत्तर प्रदेश AI को हेल्थ, इंडस्ट्री और स्टार्टअप तीनों की ग्रोथ इंजन बनाकर आगे बढ़ रहा है।

छापेमारी से सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पुरानी राशन व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि पहले प्रदेश के गांव-गांव से यही शिकायत आती थी कि अनाज मिलता नहीं और सिस्टम में चोरी चलती रहती है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद इस समस्या पर तकनीक को हथियार बनाकर कार्रवाई की गई और प्रदेशभर में करीब 80 हजार राशन दुकानों पर सघन जांच-छापेमारी कराई गई। पड़ताल में 30 लाख फर्जी राशन कार्ड सामने आए, जिनके जरिए सरकारी अनाज की आपूर्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मुख्यमंत्री के मुताबिक ई-पॉश (e-PoS) मशीनें लागू होने के बाद राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी, लाभार्थी की पहचान मजबूत हुई और चोरी पर काफी हद तक प्रभावी लगाम लग सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले निराश्रित महिलाओं की पेंशन तक में बिचौलियों का ‘कट’ चलता था। अब DBT और जनधन खातों के माध्यम से 1.06 करोड़ विधवाओं और निराश्रित महिलाओं को बिना किसी कटौती के सीधा लाभ मिल रहा है। उनके मुताबिक तकनीक ने प्रशासन को ज्यादा जवाबदेह बनाया है और सरकार के प्रति जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।

सीएम योगी ने गिनाई उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ स्वास्थ्य चुनौतियां भी बढ़ेंगी, लेकिन AI के दौर में भारत नेतृत्व की भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि कोविड के बाद उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने के लिए हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट, ICU बेड और क्रिटिकल केयर जैसी सुविधाएं खड़ी कीं। तकनीक और बेहतर सर्विलांस का ही नतीजा रहा कि प्रदेश के 38 जिलों में लंबे समय तक चुनौती बने इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने में भी उत्तर प्रदेश ने सुधार किया है और अब तकनीक के जरिए इसे और घटाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार की दिशा को स्पष्ट बताते हुए कहा कि जिलों के डॉक्टरों को वर्चुअल ICU और क्रिटिकल केयर के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब अगला कदम यह है कि AI की मदद से इलाज अधिक सटीक बने, सुविधाएं ज्यादा सुलभ हों और निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह डेटा-ड्रिवन हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में डायलिसिस, कलर डॉपलर और ICU जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैंअब इन्हें AI के जरिए और प्रभावी व स्मार्ट बनाने की तैयारी है, ताकि मरीज को समय पर बेहतर इलाज और सिस्टम को तेज़ निर्णय क्षमता मिल सके। UP News


संबंधित खबरें