इस रेंट एग्रीमेंट में छूट मिलने के कारण अब किरायेदारों और मकान मालिकों को राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने किरायानामा की रजिस्ट्री को आसान बनाने के लिए यह छूट देने का फैसला लिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं जो नागरिकों, किसानों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों और उद्योग जगत सभी पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने ऐतिहासिक फैसले में यह निर्णय लिया है कि अब उत्तर प्रदेश में रेंट एग्रीमेंट पर भारी स्टांप शुल्क दी जाएगी। इस रेंट एग्रीमेंट में छूट मिलने के कारण अब किरायेदारों और मकान मालिकों को राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने किरायानामा की रजिस्ट्री को आसान बनाने के लिए यह छूट देने का फैसला लिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में किरायानामा रजिस्ट्री को आसान बनाने के लिए स्टांप शुल्क 90% तक घटाने का फैसला किया है। जिसके बाद किरायेदारों और मकान मालिकों ने राहत की सांस ली है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस ऐतिहासिक फैसले के कारण रेंट एग्रीमेंट पर लगने वाले शुल्क को लेकर किरायेदारों और मकान मालिकों को होने वाली परेशानी भी दूर हो गई है। इस निर्णय के बाद दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली है।
उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने किरायानामा की रजिस्ट्री को आसान बनाने के लिए कैबिनेट में यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले के कारण 1 वर्ष तक के किरायानामा पर भारी छूट मिलेगी। अब 10 वर्ष तक के एग्रीमेंट पर शुल्क की अधिकतम सीमा तय की गई है। इस फैसले से टोल/खनन पट्टों को छूट से बाहर रखा गया। यह राजस्व हानि के जोखिम से बचने के लिए किया गया है। इस फैसले से किरायेदार और मकान मालिक दोनों का खर्च कम होगा। लोग किरायानामा औपचारिक रूप से रजिस्टर्ड कराएंगे, जिससे विवाद कम होंगे।