उत्तर प्रदेश में घर बनाना हुआ आसान, नहीं लगाने होंगे नगर निगम के चक्कर

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इन्हीं व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए अब नियमों की दोबारा समीक्षा कर बदलाव किए जाएंगे। सरकार ने बॉयलाज में संशोधन के लिए पांच सदस्यीय समिति बना दी है। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रस्ताव तैयार होंगे और उन्हें मंत्रीमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

उत्तर प्रदेश में घर बनाना होगा सरल
उत्तर प्रदेश में घर बनाना होगा सरल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Feb 2026 12:30 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के घर बनाने वालों के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश में अब मकान का नक्शा पास कराने या भू-उपयोग (लैंड यूज) में बदलाव के लिए नोएडा-गाजियाबाद से लेकर लखनऊ-कानपुर तक नागरिकों को बार-बार नगर निगम और विकास प्राधिकरण के दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। योगी सरकार भवन निर्माण से जुड़ी मंजूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने बॉयलाज और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन में बदलाव का फैसला लिया है, ताकि फैसले तय समय में हों, नियमों की उलझन कम हो और उत्तर प्रदेश के आम नागरिकों को सीधी राहत मिल सके।

नक्शा-लैंड यूज की उलझन होगी खत्म

अब तक उत्तर प्रदेश के कई शहरों में नक्शा पास कराने और लैंड यूज बदलने की प्रक्रिया काफी जटिल मानी जाती रही है। अलग-अलग मामलों में स्थानीय विकास प्राधिकरण, नगर निगम और जोनिंग नियमों के अनुसार निर्णय होते थे। पिछले साल लागू बॉयलाज में भी कई खामियां सामने आईं, जिनसे आम लोगों को दस्तावेज़ों, शर्तों और अनुमतियों के नाम पर लंबी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इन्हीं व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए अब नियमों की दोबारा समीक्षा कर बदलाव किए जाएंगे। सरकार ने बॉयलाज में संशोधन के लिए पांच सदस्यीय समिति बना दी है। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रस्ताव तैयार होंगे और उन्हें मंत्रीमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही नए नियम लागू किए जाएंगे। समिति का नेतृत्व लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष करेंगे। विभाग के मुताबिक इससे प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी और अनावश्यक अड़चनें हटेंगी।

समिति में कौन-कौन शामिल

बॉयलाज संशोधन समिति में वरिष्ठ स्तर के अधिकारी शामिल किए गए हैं। अध्यक्ष के अलावा समिति में—

  1. ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारी
  2. लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद के मुख्य नगर नियोजक,
  3. मुख्य वास्तुविद,
  4. निदेशक, आवास विकास परिषद,
  5. निदेशक, आवास बोर्ड
  6. सदस्य के रूप में रहेंगे।

समिति क्या करेगी

समिति की भूमिका सिर्फ कागजी समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे यूपी के शहरी नियमों का प्रैक्टिकल ऑडिट माना जा रहा है। समिति मौजूदा बॉयलाज की हर शर्त को जमीन पर लागू होने की कसौटी पर परखेगी, आदर्श जोनिंग रेगुलेशन की बारीकी से जांच करेगी और उन अड़चनों को चिन्हित करेगी, जो आम नागरिक को नक्शा पास कराने के लिए बार-बार दफ्तरों की सीढ़ियां चढ़ने पर मजबूर करती हैं। इसके बाद जनता के हित में जरूरी बदलावों की सिफारिश सरकार को दी जाएगी ताकि लाभकारी नियम सीधे लागू हों और प्रक्रिया में पारदर्शिता आए।

नए नियम लागू हुए तो आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा

सरकार का कहना है कि नए बदलाव लागू होते ही आम नागरिक को सबसे बड़ा फायदा समय और राहत के रूप में मिलेगा। नक्शा पास कराने की प्रक्रिया तेज होगी, नियमों की उलझन कम होगी और फाइलें महीनों तक दफ्तरों में धूल नहीं खाएंगी। साथ ही अनावश्यक देरी, बार-बार बुलावा और दौड़-भाग वाली व्यवस्था पर भी लगाम लगेगी। प्रशासन का दावा है कि प्रक्रिया जितनी ज्यादा सरल और पारदर्शी होगी, उतनी ही भ्रष्टाचार की गुंजाइश घटेगी और लोगों का काम बिना सिफारिश और बिना अतिरिक्त खर्च के तय समय में हो सकेगा। UP News

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ये कैसा पति! इलाज का खर्च बढ़ा तो पत्नी की कर दी हत्या, दोस्त बने साथी

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, इलाज पर बढ़ते खर्च और घर में चल रहे तनाव ने विवाद को इतना बढ़ाया कि आरोपी ने दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और फिर पत्नी की जान ले ली।

हापुड़ में पत्नी हत्याकांड का खुलासा करती पुलिस टीम
हापुड़ में पत्नी हत्याकांड का खुलासा करती पुलिस टीम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Feb 2026 10:10 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के हापुड़ से रिश्तों की नींव हिला देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर रुस्तमपुर में 2 फरवरी की रात कैंसर से जूझ रही महिला की उसी घर में हत्या कर दी गई, जहां से उसे सहारे की उम्मीद थी। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, इलाज पर बढ़ते खर्च और घर में चल रहे तनाव ने विवाद को इतना बढ़ाया कि आरोपी ने दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और फिर पत्नी की जान ले ली।

टूट गईं 20 साल पुरानी कसमें

पुलिस जांच में मृतका की पहचान रीता शर्मा के रूप में हुई है। बताया गया कि करीब 20 साल पहले राहुल शर्मा ने बुलंदशहर के गांव बहापुर निवासी रीता शर्मा से विवाह किया था। लेकिन बीमारी और पारिवारिक विवाद के बीच वही पति पत्नी का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया। पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी की रात राहुल शर्मा अपने साथियों शेरअली उर्फ शेरा और फिरोज के साथ घर पहुंचा। फिर कथित तौर पर रीता का मुंह कंबल से दबाया गया और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी गई। इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी का वारदात के बाद का व्यवहार है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के तुरंत बाद राहुल अपने साथियों के साथ गांव नानोई में एक शादी समारोह में पहुंचा, वहां फोटो खिंचवाए ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के ही बिजनौर जिले के चांदपुर गया और अपनी दुकान में जाकर सो गया मानो कुछ हुआ ही नहीं।

दोस्तों संग रची हत्या की साजिश

3 फरवरी की सुबह राहुल घर लौटा और परिजनों-रिश्तेदारों को फोन कर बताया कि लूट के दौरान विरोध करने पर उसकी पत्नी की हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और दो बार मौके की जांच कर सबूत इकट्ठा किए। जांच आगे बढ़ी तो लूट की कहानी कमजोर पड़ती गई और पुलिस को वारदात के पीछे घर का ही हाथ होने की पुष्टि होती चली गई। पुलिस कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी विनीत भटनागर ने बताया कि राहुल शर्मा का पत्नी की बीमारी और इलाज में रुपये खर्च होने को लेकर लगातार विवाद होता था। इसी कारण उसने शेरअली और फिरोज के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने राहुल शर्मा को गांव बलवापुर के पास से, जबकि शेरअली उर्फ शेरा और फिरोज को बंबा के पास से गिरफ्तार किया। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल दो चाकू भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने पत्नी की हत्या की योजना फिल्म देखकर तैयार की थी। पुलिस के अनुसार, राहुल ने यह भी कबूल किया कि वह दिवाली के समय भी रीता की हत्या करने की सोच चुका था, लेकिन तब योजना सफल नहीं हो पाई। वहीं, सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि आरोपी शुरुआत से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था, मगर सबूतों की कड़ी ने उसे फंसा दिया।

अवैध संबंध का आरोप भी आया सामने

मामले में नया मोड़ तब आया जब रीता के परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहुल पर एक विधवा महिला से अवैध संबंध होने का आरोप लगाया और पति व उसके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। UP News

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री का बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश पंचायत के चुनाव अप्रैल तथा मई-2026 में प्रस्तावित हैं। इस बीच लगातार खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव एक साल बाद यानि कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाएंगे।

ओमप्रकाश राजभर
ओमप्रकाश राजभर
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Feb 2026 06:20 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री ने बड़ा दावा किया है। उत्तर प्रदेश में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के इस दावे को बहुतम ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश पंचायत के चुनाव अप्रैल तथा मई-2026 में प्रस्तावित हैं। इस बीच लगातार खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव एक साल बाद यानि कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाएंगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री का दावा बड़ी अहमियत रखता है।

पंचायत चुनाव को लेकर क्या बोले उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री

उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव विधानसभा के चुनाव से पहले ही करा दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव ही चुनाव होंगे। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव की तारीखों की भी जल्दी ही घोषणा की जाएगी। 

पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी करने का भी दावा

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राजभर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया में जारी एक बयान में कहा है कि, पंचायत चुनाव की सरकार पूरी तैयारी कर रही है, मतपत्र छपकर सभी जिले में चले गए हैं. उन्होंने दावा किया है कि पंचायत चुनाव समय से होंगे, मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले होंगे या बाद में? इस पर उन्होंने कहा कि, विधानसभा चुनाव से पहले होंगे। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में साल 2026 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि चुनाव में इस बारे भी देरी हो सकती है। ज्ञात हो कि साल 2021 की मई में संपन्न हुए पंचायत चुनाव भी कोविड की वजह से देरी से हुए थे। अब दावा है कि इस वर्ष अप्रैल-मई में प्रस्तावित चुनाव फिर देरी से हो सकते हैं। फिलहाल इन सब तमाम खबरों के बीच प्रदेश की जनता की निगाहें पंचायत चुनाव के तारीखों के ऐलान पर टिकी हुई हैं। UP News

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