मंत्री की बेटी का विवाह बना मेगा इवेंट, सीएम भी पहुंचे

उत्तर प्रदेश के कई बड़े चेहरों की मौजूदगी ने इस पारिवारिक आयोजन को सिर्फ शादी समारोह नहीं रहने दिया, बल्कि इसे कानपुर का एक हाई-प्रोफाइल और चर्चित इवेंट बना दिया।

विवाह मंच पर नवदंपती के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
विवाह मंच पर नवदंपती के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 11:31 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में रविवार को कानपुर का एक निजी समारोह दिनभर चर्चा का केंद्र बना रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की बेटी राशि का विवाह बिठूर स्थित गंगा वैली लॉन में पारंपरिक रस्मों और भव्य आयोजन के साथ संपन्न हुआ। सुबह से देर रात तक वीवीआईपी (VVIP) मेहमानों के आने-जाने का सिलसिला थमता नहीं दिखा, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल के साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं की भी खास तैयारी नजर आई। उत्तर प्रदेश के कई बड़े चेहरों की मौजूदगी ने इस पारिवारिक आयोजन को सिर्फ शादी समारोह नहीं रहने दिया, बल्कि इसे कानपुर का एक हाई-प्रोफाइल और चर्चित इवेंट बना दिया।

सीएम योगी ने वर वधू को दिया आशीर्वाद 

शादी समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर नवदंपती को आशीर्वाद दिया और परिवार को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार समेत कई वरिष्ठ नेता व प्रतिष्ठित अतिथि मौजूद रहे। सियासी गलियारों में यह भी चर्चा रही कि उत्तर प्रदेश के इस पारिवारिक अवसर पर सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी खेमे के कुछ चेहरे भी नजर आए, जिससे समारोह की राजनीतिक और सामाजिक अहमियत और बढ़ गई। परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, दुल्हन राशि ने दिल्ली से कानून की पढ़ाई पूरी की है और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए एक फाउंडेशन भी संचालित करती हैं। वहीं दूल्हे शिवेंद्र सचान के पिता लेदर व्यवसाय से जुड़े हैं और उनका परिवार कानपुर के काकादेव क्षेत्र में निवास करता है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी ने इस विवाह समारोह को एक यादगार और चर्चित आयोजन बना दिया।

सुर्खियों में रहा कार्यक्रम

समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी ने कार्यक्रम की चमक और बढ़ा दी। उनके साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कई प्रमुख मंत्री और जनप्रतिनिधि भी बिठूर पहुंचे। कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, आशीष पटेल, रवींद्र जायसवाल समेत अन्य नेताओं ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया। वहीं सांसद रमेश अवस्थी, साक्षी महाराज और सपा सांसद नरेश उत्तम सहित कई विशिष्ट अतिथि भी समारोह में शामिल हुए। स्थानीय स्तर पर भी उपस्थिति कम प्रभावशाली नहीं रही। कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय से लेकर शहर के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता कार्यक्रम स्थल पर नजर आए। सुरेंद्र मैथानी, प्रकाश पाल, अनिल दीक्षित, शिवराम सिंह, उपेंद्र पासवान, राजेश वर्मा, सांसद सनातन पांडे, मंत्री गिरीश चंद्र यादव और पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता ने भी समारोह में शिरकत कर शुभकामनाएं दीं। शहर आगमन पर भाजपा नेता रमेश यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की बड़ी मौजूदगी ने इस शादी को कानपुर के सबसे चर्चित आयोजनों में शामिल कर दिया। UP News

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पूर्वांचल में पीली वर्दी का संदेश: राजभर ने युवाओं को जोड़ा, सोंटा भी सौंपा

कार्यक्रम में ढाई हजार से ज्यादा युवाओं को संगठन से जोड़ा गया और उन्हें पीली वर्दी के साथ प्रशिक्षण के लिए पीला डंडा/सोंटा भी वितरित किया गया। आयोजन के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

ओम प्रकाश राजभर
ओम प्रकाश राजभर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 11:00 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पीला रंग चर्चा के केंद्र में है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र के खजुरी गांव में आयोजित कार्यक्रम के जरिए अपनी राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के विस्तार का बड़ा संदेश दिया। कार्यक्रम में ढाई हजार से ज्यादा युवाओं को संगठन से जोड़ा गया और उन्हें पीली वर्दी के साथ प्रशिक्षण के लिए पीला डंडा/सोंटा भी वितरित किया गया। आयोजन के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

पीला कवच के नाम पर अनुशासन का संदेश

खजुरी में हुए आयोजन का माहौल किसी कैंप की तरह नजर आया चारों ओर पीला रंग, एक जैसा ड्रेस कोड और कतारबद्ध युवा। मंच से राजभर ने इस पहल को अनुशासन, जागरूकता और संगठन शक्ति का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश के गांव-देहात में युवाओं को संगठित करना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना ही इस अभियान की दिशा है। पीली वर्दी के साथ डंडा बांटने पर सवाल उठे तो मंत्री राजभर ने साफ शब्दों में कहा कि इसे हथियार की तरह देखना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि यह पारंपरिक प्रशिक्षण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को शारीरिक रूप से सक्षम और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। राजभर ने यह भी कहा कि लाठी-डंडा हमारी परंपरा में आत्मरक्षा और अनुशासन का प्रतीक रहा है, इसलिए इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

यूपी की सियासी बिसात पर युवा लामबंदी का दांव

राजनीतिक हलकों में इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश खासतौर पर पूर्वांचल में पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। ढाई हजार से ज्यादा युवाओं को एक ही ड्रेस कोड और प्रशिक्षण उपकरण देना, संगठन की एकजुटता और मैदान में सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। मंच से राजभर ने दावा किया कि यह “सेना” किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि यूपी के गरीब, वंचित और शोषित वर्ग की आवाज बनने के लिए तैयार की जा रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों और महाराजा सुहेलदेव के विचारों का प्रचार करें।

बढ़ सकती है सियासी गर्मी

डंडा/सोंटा वितरण के बाद इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद भी खड़ा कर दिया है। विपक्ष इसे लेकर हमलावर है और सवाल उठा रहा है कि एक संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने वाला मंत्री खुले मंच से इस तरह सोंटा बांटकर कहीं ऐसा संदेश तो नहीं दे रहा, जिसे गलत अर्थों में लिया जाए। दूसरी तरफ, राजभर के समर्थक इसे पूरी तरह संगठन और प्रशिक्षण से जुड़ी पहल बता रहे हैं। अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह पीली वर्दी और पीला डंडा वाला अभियान सिर्फ संगठन विस्तार बनकर रहता है या आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के सियासी तापमान को और बढ़ा देता है। UP News

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बरेली में पैसे मांगने पर दलित युवक से कथित बर्बरता, FIR दर्ज

सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तथ्यों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

दलित युवक के साथ कथित अत्याचार का मामला
दलित युवक के साथ कथित अत्याचार का मामला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 10:10 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नवाबगंज थाना क्षेत्र में एक दलित युवक के साथ कथित तौर पर सिर्फ इसलिए बर्बरता की गई, क्योंकि उसने उधार दिए गए पैसे वापस मांग लिए थे। पीड़ित के मुताबिक दबंगों ने उसे बेरहमी से पीटा, फिर जबरन सिर मुंडवाया, मूंछ और भौंह के बाल काटे, और चेहरे पर कीचड़ पोतकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तथ्यों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

उधार के पैसे मांगने पर बढ़ा विवाद

सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के गरसौली गांव (बहेड़ी तहसील) निवासी पप्पू दिवाकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह इन दिनों नवाबगंज क्षेत्र के गेलटांडा गांव में रह रहा था। पप्पू का आरोप है कि कुछ समय पहले गांव के चंद्रसेन ने ट्रैक्टर खरीदने के नाम पर उससे करीब 4.5 लाख रुपये उधार लिए थे। लेकिन तय वक्त गुजरने के बावजूद रकम नहीं लौटाई गई। जब पप्पू ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो इसी मांग ने विवाद को हवा दे दी और मामला तनावपूर्ण टकराव में बदलता चला गया।

पैसे मांगने पर कथित तौर पर अमानवीय सलूक

पीड़ित का कहना है कि उधार की रकम वापस मांगना उसके लिए सजा बन गया। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के बरेली में रुपये मांगने से खफा होकर चंद्रसेन, उसका बेटा पप्पू और गोधनलाल चार–पांच साथियों के साथ उस पर टूट पड़े और बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, हमले के दौरान उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और गांव वालों के सामने उसे जानबूझकर अपमानित किया गया। युवक का दावा है कि दबंगों ने जबरन सिर मुंडवाया, फिर कैंची से मूंछ और भौंह के बाल काटे, और अंत में चेहरे पर कीचड़ पोतकर सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत किया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे वह दहशत में है।

जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

घटना के बाद घबराए और सहमे पप्पू दिवाकर ने शनिवार को नवाबगंज थाने पहुंचकर लिखित तहरीर देकर पूरी आपबीती दर्ज कराई। तहरीर मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए तीन नामजद आरोपियों के साथ चार–पांच अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बरेली के एसपी मुकेशचंद मिश्रा के मुताबिक, शिकायत के आधार पर एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस पंजीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है, और अगर घटना से जुड़ा कोई वीडियो/फुटेज सामने आता है तो उसे ठोस साक्ष्य के तौर पर विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे कड़ी कार्रवाई होगी। UP News

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