26 जनवरी की परेड में सूर्यास्त मिसाइल पर कंटीजेंट कमांडर के तौर पर उत्तर प्रदेश की बेटी महक भाटी तैनात थीं। 26 जनवरी की परेड के बाद से ही महक भाटी की खूब तारीफ हो रही है। महक भाटी के नाना जी स्व. नारायण सिंह उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में गुर्जर समाज से आने वाली बेटी महक भाटी की खूब चर्चा हो रही है। उत्तर प्रदेश ही क्या पूरे देश में महक भाटी का नाम पूरे गर्व के साथ लिया जा रहा है। हाल ही में गणतंत्र दिवस समारोह की परेड के बाद से महक भाटी को हर किसी की तारीफ मिल रही है। उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश में सोशल मीडिया पर महक भाटी का नाम सुर्खियों में छाया हुआ है।
26 जनवरी 2026 की गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार सूर्यास्त मिसाइल का प्रदर्शन किया गया। 26 जनवरी की परेड में सूर्यास्त मिसाइल पर कंटीजेंट कमांडर के तौर पर उत्तर प्रदेश की बेटी महक भाटी तैनात थीं। 26 जनवरी की परेड के बाद से ही महक भाटी की खूब तारीफ हो रही है। महक भाटी के नाना जी स्व. नारायण सिंह उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं। लेफ्टिनेंट महक भाटी भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात हैं। दो साल पहले वर्ष 2024 में ही उन्हें कमीशन मिला है। बेहतर प्रदर्शन के चलते उन्हें सेना को मिली नई मिसाइल सूर्यास्त के प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए चुना गया। महक ने सबसे पहले 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित आर्मी डे समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आर्मी चीफ की मौजूदगी में सूर्यास्त मिसाइल के प्रदर्शन का कंटींजेंट कमांडर के रूप में नेतृत्व किया था।
गुर्जर समाज की बेटी महक भाटी का पूरा परिवार राजनीतिक पृष्ठभूमि वाला है। उनकी दादी इंदिरा भाटी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं। इंदिरा भाटी प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री नारायण सिंह की पुत्री हैं। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें बिजनौर लोकसक्षा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था। पिता गौरव भाटी वर्तमान में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं। गौरव भाटी के ममेरे भाई चंदन चौहान वर्तमान में रालोद और भाजपा गठबंधन से बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। इस परिवार में गौरव भाटी के छोटे भाई महक के चाचा सौरभ भाटी आर्म्ड रेजीमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल से सेवानिवृत्त हैं। महक ने बताया कि चाचा ने ही उन्हें बचपन में भारतीय सेना और सैनिकों की वीरता के किस्से सुनाकर उन्हें प्रेरित किया। उसी प्रेरणा ने उन्हें सेना में पहुंचा दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष की दो संतान हैं। महक का छोटा भाई शौर्य भी अपनी बहन के पदचिह्न पर है। उसका NDA में चयन हो गया है। पिछले डेढ़ साल से वह पूना में ट्रेनिंग कर रहा है। जल्द शौर्य भी लेफ्टिनेंट बनकर निकलेगा। महक के पिता गौरव भाटी ने बताया कि उनका परिवार राजनीतिक है। सेना से दूर दूर तक रिश्ता नहीं था। छोटे भाई सौरभ ने सेना ज्वाइन की थी। अब वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी प्रेरणा से ही दोनों बच्चों ने सेना को चुना है। महक ने गणतंत्र दिवस की परेड का हिस्सा बनकर परिवार को गर्व करने का मौका दिया है।
महक भाटी का परिवार उत्तर प्रदेश से भले ही है किन्तु महक भाटी की पढ़ाई उत्तर प्रदेा में नहीं हुई है। महक भाटी ने कक्षा चार से 12वीं तक की शिक्षा सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर से की। वर्ष 2019 में कक्षा 12 में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद लेडी श्रीराम कालेज दिल्ली से बीए आनर्स किया। 2023 में एसएसबी के माध्यम से सीडीएस में चयन हो गया। महक भाटी को आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में एक साल की ट्रेनिंग के बाद वर्ष 2024 में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला। दो साल से वह आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात है। महक ने बताया कि देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहती है। छोटे हथियारों के प्रशिक्षण के बाद अब उसे मिसाइल का अनुभव प्राप्त करने का मौका मिला है। परिवार ने इस निर्णय में हमेशा साथ दिया है। UP News