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जांच एजेंसियों को शक है कि हारिस सिर्फ खुद कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव में नहीं था, बल्कि वह उत्तर प्रदेश के कम उम्र के बच्चों और युवाओं को भी बहकाकर अपने प्रभाव क्षेत्र में लाने की कोशिश कर रहा था।

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UP News : उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क को लेकर चल रही जांच के बीच मुरादाबाद से गिरफ्तार संदिग्ध हारिस अली के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि हारिस सिर्फ खुद कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव में नहीं था, बल्कि वह उत्तर प्रदेश के कम उम्र के बच्चों और युवाओं को भी बहकाकर अपने प्रभाव क्षेत्र में लाने की कोशिश कर रहा था। एटीएस और खुफिया एजेंसियों की शुरुआती पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि उसका संपर्क आईएस से जुड़े हैंडलर से था और उसी के इशारे पर वह धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ाने में जुटा था।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हारिस अली ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। बताया जा रहा है कि वह पढ़ाई के दौरान कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में आया और फिर उसे ऐसे युवाओं को जोड़ने के लिए उकसाया गया, जिन पर आसानी से असर डाला जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में युवाओं और खासतौर पर नाबालिगों को प्रभावित करने की साजिश बेहद गंभीर मामला है।
सूत्रों का कहना है कि हारिस को इस बात के लिए भी समझाया गया था कि कम उम्र के बच्चों को अपने प्रभाव में लेना अपेक्षाकृत आसान होता है और पकड़े जाने की स्थिति में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का स्वरूप अलग हो सकता है। यही वजह है कि एजेंसियां अब इस पहलू को बेहद संवेदनशील मानते हुए गहराई से पड़ताल कर रही हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि हारिस का संपर्क आईएस से जुड़े एक हैंडलर से बना हुआ था। बताया जा रहा है कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के दौरान ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में आया। इसके बाद बातचीत का दायरा बढ़ता गया और उसे विचारधारा की कसौटी पर परखा जाने लगा। एजेंसियों को शक है कि हारिस को पहले मानसिक रूप से तैयार किया गया और फिर उत्तर प्रदेश में अपने जैसे दूसरे युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
उत्तर प्रदेश एटीएस अब इस मामले को और गहराई से समझने के लिए हारिस को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। अदालत में पूछताछ के लिए अर्जी दाखिल की गई है। माना जा रहा है कि रिमांड मिलने के बाद एटीएस उसे उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ले जाकर उसके संपर्कों, आवाजाही और संभावित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी। जांच का फोकस यह जानने पर भी रहेगा कि उसने किन-किन लोगों से मुलाकात की, कौन उसके प्रभाव में आया और किन माध्यमों से संपर्क बढ़ाया गया। इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई शहर जांच के दायरे में आते दिख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, एटीएस हारिस के मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर से जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर सकती है। एजेंसियों की कोशिश यह समझने की है कि क्या यह मामला अकेले एक युवक के कट्टरपंथ की ओर बढ़ने तक सीमित है या फिर इसके पीछे उत्तर प्रदेश में सक्रिय किसी बड़े मॉड्यूल की परछाईं मौजूद है।
जांच एजेंसियां अब उन तीन युवकों की पहचान में जुटी हैं, जो हारिस की गिरफ्तारी से करीब एक सप्ताह पहले उससे मिलने उसके कॉलेज पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, ये युवक कॉलेज परिसर में उससे मिलने के बाद उसे अपने साथ बाहर ले गए थे। इसके बाद शहर के कांठ रोड इलाके में एक कैंटीन पर उनके बीच लंबी बातचीत हुई थी। यह मुलाकात अब एटीएस की जांच में अहम कड़ी बन गई है।
एजेंसियों को शक है कि ये तीनों युवक हारिस के नेटवर्क, संपर्क सूत्रों या आगे की गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश एटीएस अब यह पता लगाने में लगी है कि वे कौन थे, कहां से आए थे और हारिस के साथ उनकी बातचीत का असली मकसद क्या था।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हारिस के संपर्क में आने के बाद 60 से अधिक छात्र उसकी विचारधारा से प्रभावित हुए हो सकते हैं। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जांच बाकी है, लेकिन यदि यह बात सही साबित होती है तो उत्तर प्रदेश में शैक्षणिक परिसरों के भीतर कट्टरपंथी प्रभाव का यह मामला बेहद गंभीर माना जाएगा। यही वजह है कि एजेंसियां अब उसके डिजिटल संपर्क, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियां और कॉलेज सर्किल सभी की जांच कर रही हैं। UP News
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