शव की शिनाख्त और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें गठित की गईं। आसपास के क्षेत्रों के साथ–साथ उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों और पड़ोसी राज्यों में भी सुराग तलाशे गए। जांच के दौरान पुलिस ने करीब पांच ज़िलों में लगे लगभग एक हज़ार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तब जाकर इस केस की गुत्थी सुलझनी

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानी रिश्तों को शर्मसार कर दिया। यहां 60 वर्षीय महिला की हत्या किसी अजनबी बदमाश ने नहीं, बल्कि उसी व्यक्ति ने की, जिसके साथ वह जिंदगी बिताने का सपना देख रही थी। आरोप है कि आरोपी प्रेमी ने “निकाह” के लगातार दबाव से तंग आकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मामला उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा क्षेत्र का है। 14 नवंबर को नगला भुस तिराहे के पास सड़क किनारे एक महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतका की पहचान नहीं हो पा रही थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए तेज़ी से जांच शुरू की। शव की शिनाख्त और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें गठित की गईं। आसपास के क्षेत्रों के साथ–साथ उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों और पड़ोसी राज्यों में भी सुराग तलाशे गए। जांच के दौरान पुलिस ने करीब पांच ज़िलों में लगे लगभग एक हज़ार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तब जाकर इस केस की गुत्थी सुलझनी शुरू हुई।
उत्तर प्रदेश पुलिस की तहकीकात आगे बढ़ी तो सबसे पहले उस बेनाम शव की पहचान हुई। पता चला कि मृतका का नाम ज्योशीना (60) है, जो मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली थी, लेकिन उसकी ज़िंदगी की डोरें उत्तर प्रदेश और आगरा से भी गहराई से जुड़ी थीं। जांच में खुलासा हुआ कि आगरा के ताजगंज इलाके में रहने वाला इमरान (45) सिर्फ परिवार का जानकार नहीं था, बल्कि वही शख्स था, जिसने ज्योशीना की बेटी मुमताज की शादी आगरा निवासी सत्तार से करवाई थी। इमरान की ससुराल भी पश्चिम बंगाल में ज्योशीना के ससुराल के पास ही थी। यही नजदीकी, आते–जाते मिलना और अनौपचारिक बातचीत धीरे–धीरे एक ऐसे रिश्ते में बदल गई, जिसे दोनों ने प्रेम प्रसंग का नाम दे दिया। 10 नवंबर को मुमताज और सत्तार की शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए ज्योशीना कोलकाता से आगरा पहुंची और यहीं से इस रिश्ते की कहानी उत्तर प्रदेश की सरज़मीन पर एक नए और खौफनाक मोड़ की तरफ मुड़ गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शादी के बाद ज्योशीना अक्सर उत्तर प्रदेश के आगरा में इमरान के घर पहुंच जाती और उस पर निकाह के लिए दबाव बनाने लगी। उसका साफ कहना था कि इमरान अपनी पहली पत्नी और बच्चों के रहते हुए भी उससे शादी करे। इमरान ने पूछताछ में माना कि वह अपने घर–परिवार को छोड़कर दूसरी शादी नहीं करना चाहता था, लेकिन ज्योशीना की ओर से बढ़ता दबाव, तकरार और तनाव ने हालात को इतना बिगाड़ दिया कि हाथरस की सरहद पर पहुंचते–पहुंचते यह रिश्ता एक खूनी दास्तान में बदल गया।
पूछताछ में इमरान ने खुलासा किया कि 13 नवंबर को वह सत्तार के घर से जोशीना को इस बहाने लेकर निकला कि वह उसे कोलकाता वापस छोड़ने जा रहा है। दोनों आगरा से बस में सवार हुए, लेकिन वह पश्चिम बंगाल की तरफ जाने के बजाय सोहराब गेट डिपो की बस में बैठ गया। बस के सफर के दौरान ही इमरान ने साजिश को अंजाम देने की योजना बना ली। रास्ते में दोनों उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में नगला भुस तिराहे के पास उतर गए। यही वह जगह थी, जहां कुछ घंटों बाद सड़क किनारे महिला का शव बरामद होना था।
पुलिस के मुताबिक, इमरान ने स्वीकार किया कि उसने हाथरस के सुनसान इलाके में जाकर जोशीना का गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें लगातार सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के सहारे आरोपी के पीछे लगी रहीं। आखिरकार, पुलिस ने इमरान को हाथरस के ही हतीसा पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिसने पूरी कहानी को पुख्ता सबूतों के साथ जोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस केस में तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच को समान गति से आगे बढ़ाया गया। सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन डिटेल्स और पूछताछ के जरिए महज़ कुछ दिनों में हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई। फिलहाल आरोपी इमरान पुलिस गिरफ्त में है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि रिश्तों की आड़ में होने वाले ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।