सीजेएम के तबादले पर अखिलेश यादव का कटाक्ष, न्यायपालिका से स्वत: संज्ञान की उम्मीद

अखिलेश यादव का यह बयान उस समय आया है जब सीजेएम द्वारा सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था, जिसके कुछ ही समय बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया। सपा प्रमुख ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि देश की न्यायिक व्यवस्था और स्वतंत्र सोच रखने वाले लोग इस पर चुप नहीं रहेंगे।

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अखिलेश यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Jan 2026 06:34 PM
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UP News : संभल में तैनात मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर के तबादले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें आशा है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट इस पूरे घटनाक्रम पर स्वयं संज्ञान लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि न्यायपालिका से जुड़े वरिष्ठ जज और देश के बुद्धिजीवी वर्ग इस विषय पर ध्यान देंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे। अखिलेश यादव ने संकेत दिया कि इस तरह की घटनाएं न्यायिक स्वतंत्रता से जुड़े अहम सवाल खड़े करती हैं।

सीजेएम द्वारा सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर तबादला

अखिलेश यादव का यह बयान उस समय आया है जब सीजेएम द्वारा सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था, जिसके कुछ ही समय बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया। सपा प्रमुख ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि देश की न्यायिक व्यवस्था और स्वतंत्र सोच रखने वाले लोग इस पर चुप नहीं रहेंगे।

संगठन और चुनावी रणनीति पर भी फोकस

इसी बीच अखिलेश यादव ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के सभी सांसदों की बैठक बुलाई। इस बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, संगठन को मजबूत करने और हर लोकसभा क्षेत्र की विधानसभा सीटों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान अखिलेश ने अपने सांसदों से कहा कि मौजूदा 37 सांसद 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत की नींव साबित होंगे। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया

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उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के आधिकारिक आवास का नाम बदलकर जन भवन किया गया

यह कदम केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा राज्यपाल के आवासों के नामकरण को एकसमान बनाने के निदेर्शों के अनुपालन में उठाया गया है। ऐसे में अब उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का आवास सभी सरकारी दस्तावेजों, पत्राचार और अन्य आधिकारिक प्रयोजनों में जन भवन के नाम से ही संदर्भित किया जाएगा।

jan bhawan
राज्यपाल आवास का नया नाम हुआ जन भवन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Jan 2026 05:50 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यपाल के आधिकारिक आवास का नाम बदलने का निर्णय लिया है। अब तक राज भवन के नाम से जाने जाने वाले इस प्रतिष्ठित भवन को जन भवन कहा जाएगा। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी और वैधानिक कार्यों में लागू होगा। जबसे भाजपा सरकार आई है तमाम शहरों और भवनों के पुराने नाम चेंज कर दिए गए हैं, उसी कड़ी में यह एक और बदलाव देखने को मिल रहा है।

राज भवन का नाम बदलकर जन भवन किया गया

यह कदम केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा राज्यपाल के आवासों के नामकरण को एकसमान बनाने के निदेर्शों के अनुपालन में उठाया गया है। ऐसे में अब उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का आवास सभी सरकारी दस्तावेजों, पत्राचार और अन्य आधिकारिक प्रयोजनों में जन भवन के नाम से ही संदर्भित किया जाएगा। इस परिवर्तन का उद्देश्य अधिक पारदर्शिता और जनता के प्रति प्रशासन की पहुँच को दर्शाना बताया जा रहा है।

कई शहरों के नाम पहले भी बदले जा चुके

अभी राज्यपाल के आधिकारिक निवास का नाम बदलकर राज भवन से जन भवन भले ही कर दिया गया है। आज से पहले भी देश व प्रदेश के कई शहरों, जिलों व भवनों और सड़कों का नाम बदला जा चुका है। विपक्ष का मानना है कि सरकार के पास कोई नया काम करने को तो है नहीं इसलिए वे पुराने शहरों, भवनों और सड़कों का नाम चेंज करके कुछ काम करने का स्वयं और दूसरों को सांत्वना दे रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश में विधानसभा का टिकट 2 लाख रूपए में

बताया जा रहा है कि एक नेता ने एक महिला टिकटार्थी से टिकट दिलवाने के लिए 2 लाख रूपए की रकम की मांग की है। यह अलग बात है कि विधानसभा का टिकट पाने के लिए टिकटार्थी करोड़ो रुपए देने को तैयार रहते हैं।

2027 से पहले टिकट डील के आरोप
2027 से पहले टिकट डील के आरोप
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar21 Jan 2026 05:40 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा के चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश की एक विधानसभा सीट से विधायकी का टिकट दिलवाने के लिए 2 लाख रूपए की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि एक नेता ने एक महिला टिकटार्थी से टिकट दिलवाने के लिए 2 लाख रूपए की रकम की मांग की है। यह अलग बात है कि विधानसभा का टिकट पाने के लिए टिकटार्थी करोड़ो रुपए देने को तैयार रहते हैं।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में मिल रहा है 2 लाख रूपए में टिकट

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए मात्र 2 लाख रूपए में विधानसभा का टिकट मिलने का मामला मथुरा शहर का हैउत्तर प्रदेश के मथुरा शहर की रहने वाली समाजवादी पार्टी की नेता ऋतु गोयल ने एक एफआईआर दर्ज कराई है उत्तर प्रदेश के मथुरा में रहने वाली  ऋतु गोयल  समाजवादी पार्टी की महानगर अध्यक्ष है  ऋतु गोयल ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश सचिव जागेश्वर यादव के विरोध FiR दर्ज कराई है। FIR में आरोप है कि जागेश्वर यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का टिकट दिलवाने के लिए 2 लाख रूपए की मांग की है

क्या है 2 लाख रूपए में उत्तर प्रदेश विधानसभा के टिकट का पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मथुरा की समाजवादी पार्टी की नेता ऋतु गोयल ने मथुरा के हाईवे थाने में एफआईआर दर्ज कराई है इस FIR में ऋतु गोयल ने कहा है कि वह 2027 विधानसभा चुनाव में मथुरा की सदर सीट से टिकट की दावेदार हैं उनका आरोप है कि नरसीपुरम कॉलोनी निवासी सपा प्रदेश सचिव जागेश्वर यादव उन्हें लंबे समय से टिकट कटवाने का डर दिखाकर ब्लैकमेल कर रहे हैं ऋतु गोयल के अनुसार, आरोपी का कहना है कि पार्टी हाईकमान उसके इशारे पर चलता है और यदि उन्हें चुनाव लड़ना है तो 2 लाख रुपये की ‘चौथ’ देनी होगी

FIR के लिए दी गई शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी पूर्व में उनसे 20 हजार रुपये ले चुका है सपा महानगर अध्‍यक्ष ने अश्लील हरकतें और बच्चों के अपहरण की धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं. तहरीर के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले प्रदेश सचिव ने उनके साथ अश्लील हरकतें की थीं इतना ही नहीं, जब उन्होंने पैसे देने और दबाव में आने से इनकार किया तो आरोपी ने एक कार्यकर्ता के मोबाइल पर कॉल करके ऋतु गोयल के बच्चों के अपहरण की धमकी दी उन्होंने इस पूरे प्रकरण से सपा के शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराने की बात कही है. यह एफआईआर दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. सीओ रिफायनरी अनिल कपरवान ने बताया कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहनता से जांच कर रही है साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी  UP News


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