उत्तर प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति फिर अटकी, यूपीएससी ने लौटाया प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति एक बार फिर अटकती नजर आ रही है। प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को संघ लोक सेवा आयोग ने आपत्तियों के साथ वापस कर दिया है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में नया पेच फंस गया है।

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पुलिस मुख्यालय
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Mar 2026 04:27 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति एक बार फिर अटकती नजर आ रही है। प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को संघ लोक सेवा आयोग ने आपत्तियों के साथ वापस कर दिया है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में नया पेच फंस गया है। सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि प्रस्ताव को 2025 के सर्कुलर और तय गाइडलाइन के अनुरूप दोबारा भेजा जाए। ऐसे में अब पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ सकती है, जिससे देरी तय मानी जा रही है।

30 साल की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों का भेजा गया था पैनल

प्रदेश सरकार ने हाल ही में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल भेजा था, जिसमें 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अधिकारियों को शामिल किया गया था। बताया जा रहा है कि इस सूची में 1990 से 1996 बैच के तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के नाम शामिल थे। सरकार द्वारा भेजे गए पैनल में कुल 18 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। यह सभी अधिकारी अनुभव, सेवा अवधि और वरिष्ठता के आधार पर पात्र माने गए हैं।

ये हैं प्रमुख दावेदार जिनके नाम भेजे गए

स्थायी डीजीपी पद की दौड़ में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनमें :

* रेणुका मिश्रा (1990 बैच, सबसे वरिष्ठ)

* आलोक शर्मा

* पीयूष आनंद

* राजीव कृष्णा (मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी) को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।

वरिष्ठता के आधार पर तीन नाम चुनने थे आयोग को

नियमों के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग को इस पैनल में से वरिष्ठता के आधार पर तीन अधिकारियों के नाम शॉर्टलिस्ट कर राज्य सरकार को भेजने होते हैं। इसके बाद राज्य सरकार इन तीन नामों में से किसी एक को डीजीपी नियुक्त करती है। लेकिन इस बार आयोग ने पैनल में ही आपत्ति लगाते हुए उसे वापस कर दिया है, जिससे पूरी प्रक्रिया रुक गई है।

एक बार फिर लटक सकती है स्थायी डीजीपी की नियुक्ति

प्रस्ताव लौटाए जाने के बाद अब यह साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति में और देरी हो सकती है। नई गाइडलाइन के अनुसार संशोधित प्रस्ताव भेजने, फिर से स्क्रीनिंग और चयन की प्रक्रिया में समय लगेगा, जिससे फिलहाल राज्य को कार्यवाहक व्यवस्था के साथ ही काम चलाना पड़ सकता है। यूपी में डीजीपी की स्थायी नियुक्ति को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार कब तक संशोधित प्रस्ताव भेजती है और संघ लोक सेवा आयोग कितनी जल्दी नई प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है।

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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला : जुलाई से पहले होंगे चुनाव

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 से पहले हर हाल में संपन्न कराए जाएंगे।

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पंचायत चुनाव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Mar 2026 03:20 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 से पहले हर हाल में संपन्न कराए जाएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी जनप्रतिनिधि का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश के तहत तय होगी चुनाव प्रक्रिया

सरकार ने संकेत दिए हैं कि चुनाव पूरी तरह से इलाहाबाद हाईकोर्ट के निदेर्शों के अनुरूप कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग को विस्तृत तैयारी के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सके। मंत्री राजभर के अनुसार, ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्षों का कार्यकाल भले अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहा हो, लेकिन जुलाई के बाद किसी का भी कार्यकाल नहीं बढ़ेगा। इसी आधार पर चुनाव कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

आरक्षण का फॉर्मूला : 2011 जनगणना आधार होगा

पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर तय होगा।

नई जनगणना नहीं कराई जाएगी तथा पहले से लागू आरक्षण चक्र को ही जारी रखा जाएगा। पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को जल्द कैबिनेट में मंजूरी मिलेगी। आयोग की रिपोर्ट मिलते ही सीटों का आरक्षण तय कर चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

सीएम योगी के सख्त निर्देश: कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों और चुनावी माहौल को देखते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। त्योहार पारंपरिक तरीके से और सौहार्द के साथ मनाए जाएं। अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी। बाइक स्टंट और सार्वजनिक उपद्रव पर रोक लगाई जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा भी की गई है। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि समय पर चुनाव, तय आरक्षण और सख्त प्रशासनिक निगरानी के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यह चुनाव न केवल ग्रामीण सत्ता की दिशा तय करेंगे, बल्कि प्रदेश की राजनीति पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।


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राष्ट्रपति मुर्मू का तीन दिवसीय वृंदावन दौरा, प्रशासन अलर्ट; नहीं होगी किसी को परेशानी

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

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राष्ट्रपति मुर्मू
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Mar 2026 02:28 PM
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UP News : राष्ट्रपति के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। राष्ट्रपति के पूजा-अर्चना कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए मंदिरों का टाइम-टेबल पहले से तय कर लिया गया है, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था में कोई बाधा न आए।

बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में बदली दर्शन व्यवस्था

राष्ट्रपति के मंदिर पहुंचने के समय आम भक्तों के लिए प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा। यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है। हालांकि प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वीआईपी मूवमेंट खत्म होने के बाद मंदिरों के द्वार फिर से खोल दिए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रतिबंधित रास्तों से दूर रहें।

वाहनों की एंट्री सीमित, पार्किंग के बाद पैदल जाना होगा

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिरों के आसपास वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। भक्तों को तय पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा कर पैदल ही मंदिर जाना होगा। राष्ट्रपति के काफिले के दौरान कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा, जिससे आम लोगों को कुछ असुविधा हो सकती है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने विशेष टीमों को तैनात किया है। दर्शन संभव, लेकिन समय और नियमों का रखना होगा ध्यान। यदि श्रद्धालु तय समय और गाइडलाइन का पालन करते हैं, तो उन्हें बिना परेशानी के दर्शन का अवसर मिल सकता है।


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