लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आबादी और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को आधार बनाकर इसका सर्वे कराते हुए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अभी जिन रास्तों से यह रूट गुजरता है, वे अधिकांश ओडीआर/अतिरिक्त जिला मार्ग की श्रेणी में आते हैं, जिन्हें स्टेट हाईवे मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की योजना है।

UP News : उत्तर प्रदेश में नए साल से पहले सड़क नेटवर्क को लेकर एक और अच्छी खबर सामने आई है। अलीगढ़–हाथरस–संभल को तेज और सुगम कनेक्टिविटी देने के लिए अलीगढ़ से सासनी होते हुए संभल तक नया स्टेट हाईवे प्रस्तावित किया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आबादी और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को आधार बनाकर इसका सर्वे कराते हुए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अभी जिन रास्तों से यह रूट गुजरता है, वे अधिकांश ओडीआर/अतिरिक्त जिला मार्ग की श्रेणी में आते हैं, जिन्हें स्टेट हाईवे मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की योजना है।
उत्तर प्रदेश PWD के प्रस्ताव के मुताबिक, अलीगढ़ से सासनी होते हुए संभल तक बनने वाला नया स्टेट हाईवे 81.41 किलोमीटर लंबा होगा। इसके बनते ही अलीगढ़, हाथरस, संभल और आगरा क्षेत्र के लोगों को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है। अभी संभल जाने के लिए यात्रियों को अक्सर अलीगढ़–अतरौली होकर लंबा रूट पकड़ना पड़ता है, जिससे दूरी 105 किलोमीटर से ज्यादा और सफर 2 से ढाई घंटे तक खिंच जाता है। नया स्टेट हाईवे लागू होने के बाद अनुमान है कि अलीगढ़ से संभल का सफर 1 से 1.5 घंटे में सिमट सकता है, जबकि हाथरस, सासनी और आगरा की ओर से आने वालों को संभल पहुंचने के लिए अलीगढ़ का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। योजना के तहत सड़क की चौड़ाई 10 मीटर रखी गई है,जबकि मौजूदा ओडीआर मार्ग कई हिस्सों में 5 मीटर या उससे भी कम हैं। इसी वजह से जहां जरूरत होगी, वहां भूमि अधिग्रहण भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि यह कॉरिडोर भविष्य में एनएच नेटवर्क में अपग्रेड होने की संभावना भी बढ़ा सकता है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में कई स्टेट हाईवे ट्रैफिक बढ़ने के साथ आगे चलकर राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दील होते रहे हैं।
उत्तर प्रदेश PWD ने प्रस्तावित स्टेट हाईवे का रूट इस तरह तैयार किया है कि तीनों जिलों के प्रमुख संपर्क मार्ग एक मजबूत कॉरिडोर में जुड़ सकें। हाथरस में यह रूट सासनी–अकराबाद, सासनी रेलवे फीडर और सासनी–नानऊ मार्ग से आगे बढ़ेगा। अलीगढ़ में कॉरिडोर नानऊ–दादों, दादों–सांकरा, सांकरा–मिठनपुर होते हुए भावरुखेड़ा के रास्ते गंगा नदी क्षेत्र तक कनेक्टिविटी बनाएगा। वहीं संभल में यह प्रस्तावित हाईवे मेरठ–बदायूं मार्ग (किमी 159) से जुड़कर घोसी का राजा मार्ग और मिठनपुर–बैरपुर होते हुए संभल की दिशा में आगे निकलेगा। विभागीय खाके के मुताबिक, जिलावार लंबाई अलीगढ़ में 52.82 किमी, हाथरस में 14 किमी और संभल में 14.59 किमी तय की गई है। खास बात यह है कि यह कॉरिडोर आगे चलकर एनएच-509 और एनएच-32 को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के इस पूरे क्षेत्र में आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों को नई धार दे सकता है।
उत्तर प्रदेश PWD के चीफ इंजीनियर विजय सिंह के अनुसार, अलीगढ़ से संभल तक नया राज्य मार्ग प्रस्तावित किया गया है और सर्वे पूरा होने के बाद इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर में मौजूदा ओडीआर मार्गों को जोड़कर उन्हें स्टेट हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है, ताकि क्षेत्र में बढ़ते यातायात घनत्व का दबाव कम किया जा सके। विभाग का आकलन है कि इस परियोजना का फायदा सिर्फ अलीगढ़ और हाथरस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगरा क्षेत्र तक आवागमन को भी बेहतर और तेज बनाएगा। UP News