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लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताने वाला एक युवक गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन के मुताबिक, आरोपी मेडिकल कैंप लगाकर छात्रों को जोड़ता था।

UP News : उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताने वाला एक युवक गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन के मुताबिक, आरोपी मेडिकल कैंप लगाकर छात्रों को जोड़ता था। डॉक्टर की वेशभूषा पहनकर वह कैंपस में आसानी से घूमता और लोगों का भरोसा जीतता था। वह छात्रों, विशेषकर छात्राओं से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करता था, जो जांच का गंभीर पहलू बन गया है। आरोपी की पहचान हसम अहमद के रूप में हुई है, जो महज 12वीं पास निकला। UP News
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने जांच टीम बनाई। 20 अप्रैल को एक कैंप के दौरान गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद निगरानी बढ़ाई गई और सर्जरी विभाग के पास आरोपी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में हसम अहमद ने खुद को सिर्फ इंटरमीडिएट पास बताया है। उसने यह भी दावा किया कि वह समाज सेवा के नाम पर एक संस्था चलाता है, लेकिन जांच एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश में जुट गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कहा है कि संस्थान के नाम और पहचान का दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह आशंका जताई जा रही है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। UP News
जांच में सामने आया है कि आरोपी केजीएमयू के नाम, मोहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर फर्जी सर्टिफिकेट और नोटिस तैयार करता था। बरामद दस्तावेजों में भारतीय गौरव प्रतिभा सम्मान 2026, होली अवकाश नोटिस, एमबीबीएस चयन सूची, जैसे कागजात शामिल हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय ने पहली नजर में ही फर्जी बताया। UP News
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