पहले ही प्रयास में IAS बनने का सफल उदाहरण है अर्तिका शुक्ला
भारत
चेतना मंच
10 Sep 2025 04:19 PM
उत्तर प्रदेश की एक खास बेटी IAS अधिकारी बनने की इच्छा रखने वालों के लिए बड़ा सफल उदाहरण है। उत्तर प्रदेश की बेटी अर्तिका शुक्ला अपने पहले ही प्रयास में IAS बनने वाली सफल महिला IAS अधिकारी बनकर देश की सेवा का काम कर रही हैं। UPSC की परीक्षा पास करके पहले ही प्रयास में IAS अधिकारी बनने की इच्छा रखने वाले हर युवक तथा युवती को उत्तर प्रदेश की बेटी अर्तिका शुक्ला की सफलता की कहानी को जरूर ही पढऩा चाहिए। UP News
कौन कहता है कि पहले प्रयास में नहीं बन सकते IAS अधिकारी
सबको पता है कि भारत में IAS का पद सबसे अधिक प्रतिष्ठा वाला पद होता है। IAS बनने के लिए UPSC की परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है। UPSC की परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। UPSC की तैयारीकरने वाले ज्यादातर युवक तथा युवतियां मानते हैं कि UPSC की परीक्षा को पहले प्रयास में पास नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश की IAS बेटी अर्तिका शुक्ला नहीं मानती। अर्तिका शुक्ला ने 10 साल पहले वर्ष-2015 में यह साबित कर दिया था कि पहले ही प्रयास में आसानी से IAS अफसर बना जा सकता है।
इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश की बेटी अर्तिका शुक्ला ने यह भी साबित कर दिया है कि IAS बनने के लिए महंगी कोचिंग कक्षाएं ज्वाइन करना बिल्कुलभी जरूरी नहीं है। अर्तिका शुक्ला ने MBBS डॉक्टर बनने के बाद बिना किसी कोचिंग के केवल अपनी मेहनत के दम पर IAS अधिकारी बनकर यह साबित कर दिया कि IAS अधिकारी बनना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली है IAS अधिकारी डॉ. अर्तिका शुक्ला
डॉक्टरी जैसे धन कमाने वाले प्रोफेशन को छोडक़र IAS अधिकारी बनी डॉ. अर्तिका शुक्ला उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर की मूल निवासी हैं। आपको बता दें कि अर्तिका शुक्ला (Artika Shukla) का जन्म 5 सितंबर 1990 को वाराणसी के गांधीनगर में हुआ था। उनके पिता, डॉ. बृजेश शुक्ला, एक प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं और वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सचिव भी रह चुके हैं। अर्तिका की प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी के सेंट जॉन्स स्कूल में हुई, जहाँ वे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं। शिक्षा के प्रति उनके इस समर्पण ने ही आगे चलकर उन्हें यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता दिलाने की नींव रखी। अर्तिका शुक्ला ने साल 2013 में मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली से MBBS की पढ़ाई पूरी की। UP News
इसके बाद उन्होंने PGIMER, चंडीगढ़ से पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) में एमडी की पढ़ाई शुरू की। लेकिन इसी दौरान उनके जीवन में एक अहम मोड़ आया, जिसने उनकी दिशा ही बदल दी। उन्होंने डॉक्टर बनने के बावजूद मेडिकल करियर छोड़ने का साहसिक फैसला किया और देश सेवा की भावना से IAS बनने का सपना देखा। अर्तिका शुक्ला को IAS बनने की प्रेरणा अपने बड़े भाई गौरव शुक्ला से मिली, जिन्होंने साल 2012 में UPSC पास कर IAS अधिकारी बने थे। भाई की इस सफलता ने अर्तिका को गहराई से प्रभावित किया और 2014 के मध्य में उन्होंने एमडी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ UPSC की तैयारी शुरू की, वो भी बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ अपने भाई के मार्गदर्शन और आत्म-विश्वास के बल पर। UP News
अर्तिका शुक्ला (Artika Shukla) ने साल 2015 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी और अपनी पहली ही कोशिश में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल कर ली। यह एक असाधारण उपलब्धि थी, क्योंकि बिना कोचिंग के इतनी ऊँची रैंक प्राप्त करना बेहद कठिन माना जाता है। उसी वर्ष उनकी करीबी मित्र टीना डाबी ने AIR 1, अथर आमिर खान ने AIR 2 और जसनीत सिंह ने AIR 3 हासिल की थी। इन सभी ने मिलकर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण प्राप्त किया और 2016 में IAS अधिकारी बने। UP News
Artika Shukla को प्रारंभ में AGMUT कैडर आवंटित किया गया था। बाद में विवाह उपरांत उन्हें राजस्थान कैडर में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 2025 में वे राजस्थान के अलवर जिले की जिलाधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें राज्य के कई अन्य वरिष्ठ IAS अधिकारियों के साथ पदोन्नति सूची में भी शामिल किया गया है, जो उनके प्रशासनिक कौशल और जनसेवा में सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। IAS अर्तिका शुक्ला की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बिना कोचिंग, साधन और शोर-शराबे के, केवल मेहनत, अनुशासन और परिवार के मार्गदर्शन के साथ अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। UP News