आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने उत्तर प्रदेश में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपने टर्म प्लान कारोबार में 72.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की है। कंपनी के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक प्रदेश में 31,18,423 लोगों को बीमा कवर उपलब्ध कराया जा चुका था।

UP News : उत्तर प्रदेश में परिवार की आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की वित्तीय तैयारी को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इसका असर बीमा क्षेत्र के कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने उत्तर प्रदेश में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपने टर्म प्लान कारोबार में 72.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की है। कंपनी के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक प्रदेश में 31,18,423 लोगों को बीमा कवर उपलब्ध कराया जा चुका था। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बीमा कवरेज का लगातार विस्तार बीमा कंपनियों के लिए बढ़ते बाजार की ओर संकेत करता है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे शहरों और अन्य इलाकों में भी लोग अब जीवन बीमा को केवल निवेश के बजाय परिवार की आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजना से जोड़कर देख रहे हैं। UP News
कंपनी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक उत्तर प्रदेश में उसकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (AUM) 20,178 करोड़ रुपये पहुंच गई थी। वहीं प्रदेश में कंपनी की कुल बीमित राशि 1,95,789 करोड़ रुपये दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि पिछले सात वर्षों के दौरान उसने उत्तर प्रदेश के ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के लाभों के रूप में 6,648 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह आंकड़ा प्रदेश में कंपनी के कारोबार के विस्तार और लंबे समय से जुड़े ग्राहकों के स्तर को भी दर्शाता है। UP News
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में टर्म प्लान कारोबार में 72.6 प्रतिशत की वृद्धि को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। टर्म इंश्योरेंस आम तौर पर परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को आर्थिक सुरक्षा देने का माध्यम होता है। महंगाई, बच्चों की शिक्षा, घर और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों के बीच परिवारों में आर्थिक सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ने से टर्म इंश्योरेंस की मांग में इजाफा देखने को मिल रहा है। UP News
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने बीमा खरीदने से लेकर पॉलिसी की सेवाएं लेने तक की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसकी करीब 54 प्रतिशत बचत पॉलिसियां उसी दिन जारी हुईं। वहीं करीब 58 प्रतिशत बीमा पॉलिसियां डिजिटल KYC के माध्यम से जारी की गईं। कंपनी के अनुसार उसकी करीब 97 प्रतिशत सेवाएं डिजिटल या सेल्फ-हेल्प माध्यमों से उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य ग्राहकों को पॉलिसी से जुड़ी सेवाओं के लिए शाखाओं या कार्यालयों पर निर्भरता कम करना और उन्हें घर बैठे सुविधाएं उपलब्ध कराना है। UP News
बीमा ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक दावा निपटान माना जाता है। कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसका दावा निपटान अनुपात 99.3 प्रतिशत रहा। उत्तर प्रदेश में भी कंपनी ने मृत्यु संबंधी दावों के तहत महत्वपूर्ण राशि का भुगतान किया है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक प्रदेश में मृत्यु संबंधी दावों के तहत 2,544 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था। UP News
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य वितरण अधिकारी अमीश बैंकर ने उत्तर प्रदेश को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बाजार बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों में वित्तीय सुरक्षा, बचत और रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर जागरूकता पहले की तुलना में बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कंपनी का प्रयास ग्राहकों के लिए भविष्य की योजना बनाना और अपनी पॉलिसी को संभालना आसान बनाना है। इसके लिए डिजिटल तकनीक और नई सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। UP News
उत्तर प्रदेश में बीमा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा अवसर प्रदेश की विशाल आबादी और तेजी से बदलती वित्तीय जरूरतें हैं। हालांकि ग्रामीण इलाकों, छोटे शहरों और कस्बों में बीमा की पहुंच बढ़ाना अभी भी महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में डिजिटल KYC, ऑनलाइन पॉलिसी सेवाएं और सेल्फ-सर्विस सुविधाएं बीमा कंपनियों के लिए ग्राहक तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं। खासतौर पर ऐसे ग्राहक, जो पारंपरिक बैंकिंग और बीमा प्रक्रियाओं में लंबी कागजी कार्रवाई से बचना चाहते हैं, उनके लिए डिजिटल सेवाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं। UP News
उत्तर प्रदेश में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के टर्म प्लान कारोबार में 72.6 प्रतिशत की वृद्धि और 31 लाख से अधिक लोगों को बीमा कवर दिए जाने के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में वित्तीय सुरक्षा को लेकर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। आने वाले समय में डिजिटल तकनीक, आसान KYC और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से बीमा कंपनियों की पहुंच प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों तक और बढ़ने की उम्मीद है। UP News
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