प्रतापगढ़ जेल में चौंकाने वाला खुलासा, 13 में से 7 किन्नरों में एड्स के लक्षण

किन्नर समुदाय के नाम पर हो रही गतिविधियों और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। जब उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला कारागार में बंद 7 किन्नर में HIV (एड्स) के लक्षण पाए गए।

Symptoms of AIDS in transgender people
किन्नर विवाद से जेल तक फैली चिंता (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Jan 2026 05:21 PM
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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला कारागार में उस समय हड़कंप मच गया, जब हाल ही में बंद किए गए 13 किन्नर बंदियों में से 7 में प्रारंभिक जांच के दौरान HIV (एड्स) के लक्षण पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाते हुए सभी संदिग्ध बंदियों को अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया है। जेल अधीक्षक ने बताया कि यह केवल प्रारंभिक स्क्रीनिंग है। पुख्ता पुष्टि के लिए सभी के रक्त नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए जेल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

वर्चस्व विवाद में हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि बीते रविवार को शहर में ‘गद्दी’ (वर्चस्व) को लेकर स्वयंभू महामंडलेश्वर अंजलि किन्नर और मिस्बा किन्नर गुट के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। यह घटना जेल के पीछे स्थित मिस्बा के आवास के पास हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए थे और चार लोगों के अपहरण के प्रयास का भी आरोप लगा था। नगर कोतवाली में घंटों चले हंगामे के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की और मेडिकल जांच के उपरांत 13 किन्नरों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

शारीरिक परीक्षण में सामने आया एक और तथ्य

जेल में कराए गए शारीरिक परीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि 13 में से 12 किन्नर महिला श्रेणी के हैं, जबकि एक व्यक्ति जैविक रूप से पुरुष पाया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह लंबे समय से किन्नरों के साथ रह रहा है और आर्थिक लाभ के कारण इस समूह में शामिल है।

स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क

जेल प्रशासन ने कहा है कि जो लोग हाल में इन बंदियों के संपर्क में आए हैं, उन्हें भी एहतियातन अपनी स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। बता दें कि इस घटना के बाद समाज में किन्नर समुदाय के नाम पर हो रही गतिविधियों और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिक कमाई के लालच में कुछ युवक किन्नर समुदाय की पहचान अपनाकर इस पेशे से जुड़ रहे हैं, जो सामाजिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से चिंता का विषय है।

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माघ मेला विवाद : शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया

इस विवाद में द्वारका पीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन पर सत्ता के अहंकार का आरोप लगाया और कहा कि अधिकारियों को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने पुलिस द्वारा ब्राह्मणों की शिखा के अपमान की निंदा की और जोर देकर कहा कि सत्ता हर समय नहीं रहती।

shankaracharya
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Jan 2026 04:54 PM
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UP News : प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई। पालकी के माध्यम से स्नान कराने के प्रयास को रोकने पर उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद मेला प्राधिकरण ने अविमुक्तेश्वरानंद को उनके नाम के आगे "शंकराचार्य" लगाने को लेकर नोटिस जारी किया, जबकि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ई-मेल के माध्यम से 8 पृष्ठ का विस्तृत जवाब भेजा। उन्होंने नोटिस को अनुचित, दुर्भावनापूर्ण और असंवैधानिक बताया और चेतावनी दी कि नोटिस वापस नहीं लिया गया तो वे कोर्ट में मानहानि का दावा करेंगे।

प्रशासन पर सत्ता के अहंकार का आरोप लगाया

इस विवाद में द्वारका पीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन पर सत्ता के अहंकार का आरोप लगाया और कहा कि अधिकारियों को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने पुलिस द्वारा ब्राह्मणों की शिखा के अपमान की निंदा की और जोर देकर कहा कि सत्ता हर समय नहीं रहती। 

गंगा स्नान पर रोक लगाने की कोशिश करने वालों को चेताया

इसके अलावा, उन्होंने उन लोगों को चेताया जिन्होंने गंगा स्नान पर रोक लगाने की कोशिश की, इसे पापपूर्ण कार्य बताया। इस घटना ने प्रयागराज मेला प्रशासन और धार्मिक नेतृत्व के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, और विवाद का समाधान अभी कोर्ट के माध्यम से होने की संभावना है। अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन अब संत समाज के अन्य संत भी कर रहे हैं, इसी क्रम में शंकराचार्च सदानंद सरस्वती ने उनका समर्थन किया है।


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लखनऊ में मीटिंग, मगर अपर्णा गायब! खाली कुर्सी ने बढ़ाई चर्चा

उत्तर प्रदेश में जहां हर प्रशासनिक बैठक का अपना महत्व होता है, वहां महिला आयोग जैसी संस्था की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।

अपर्णा यादव
अपर्णा यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Jan 2026 04:12 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों यादव परिवार से जुड़ी चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। वजह है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कबेटे प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से सामने आया एक पोस्ट, जिसमें अपर्णा यादव से तलाक की बात कही गई है। पोस्ट के सामने आते ही लखनऊ से लेकर नोएडा तक राजनीतिक गलियारों में कानाफूसी तेज हो गई और सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक में अपर्णा यादव की गैरहाजिरी ने इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है।

बैठक में खाली रही कुर्सी

बुधवार, 21 जनवरी को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला और मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान मौजूद रहीं, मगर उपाध्यक्ष अपर्णा यादव नजर नहीं आईं। मीटिंग हॉल में उनकी कुर्सी खाली रही और यही खाली कुर्सी देखते-देखते प्रशासनिक गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक चर्चा का बड़ा संकेत बन गई। उत्तर प्रदेश में जहां हर प्रशासनिक बैठक का अपना महत्व होता है, वहां महिला आयोग जैसी संस्था की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है।

क्या निजी विवाद का असर दिखा?

प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है। लखनऊ के राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक लोग इसे दांपत्य जीवन में कथित खटास से जोड़कर देख रहे हैं और हर तरफ क्या चल रहा है? जैसे सवाल तैर रहे हैं। हालांकि, अब तक अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में जहां एक पोस्ट भी सियासी संकेत मान लिया जाता है, वहां यह मामला तेजी से हेडलाइंस और बहस का विषय बनता जा रहा है।

कौन हैं अपर्णा यादव?

अपर्णा यादव, प्रतीक यादव की पत्नी हैं और मुलायम सिंह यादव परिवार की बहू होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं। उनका जन्म पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट और लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रहीं अंबी बिष्ट के परिवार में हुआ। अपर्णा यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल के दिनों में ही उनकी प्रतीक यादव से दोस्ती हुई थी और कम उम्र में ही दोनों के रिश्ते की शुरुआत हो गई थी।

विदेश शिक्षा से लेकर संगीत तक मजबूत पहचान

स्कूलिंग के बाद अपर्णा यादव ने उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन का रुख किया और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की। उनका झुकाव केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से वर्षों तक शास्त्रीय संगीत की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और ठुमरी शैली में उनकी पकड़ बताई जाती है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की सगाई 2011 में हुई थी और उसी साल दिसंबर में दोनों की शादी सैफई (इटावा, उत्तर प्रदेश) में हुई। यह शादी काफी चर्चा में रही थी। दोनों की एक बेटी भी है।

राजनीतिक सफर भी रहा सुर्खियों में

अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर भी उत्तर प्रदेश में हमेशा कौतुहल और चर्चा का विषय रहा है। मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े होने के बावजूद उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों में कई बार मुख्यधारा से अलग सुर सुनाई दिए। वे समय-समय पर भाजपा की कुछ पहलों और नेतृत्व की तारीफ करती नजर आईं। इन संकेतों के बीच 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा का दामन थाम लिया। यह फैसला ऐसा था, जिसने लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश तक सियासी बहस को नया मुद्दा दे दिया कि अपर्णा यादव सिर्फ परिवार की बहू नहीं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक स्वतंत्र राजनीतिक लाइन भी गढ़ रही हैं।

प्रतीक यादव के पोस्ट से बढ़ा सियासी तापमान

अब एक बार फिर प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम पोस्ट ने माहौल गरमा दिया है। पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव को लेकर तलाक का जिक्र किया और उन पर निजी आरोप भी लगाए। इसके बाद से राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में जहां निजी रिश्तों की खबरें भी राजनीतिक रंग ले लेती हैं, वहां यह मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। महिला आयोग की बैठक में उनकी अनुपस्थिति ने इसे और गंभीर बहस में बदल दिया है। UP News

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