उत्तर प्रदेश की इस यूनिवर्सिटी ने 15 हजार छात्र तथा छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने फर्जीवाड़ा करने वाली यूनिवर्सिटी का असतित्व समाप्त करने का बड़ा फैसला लिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में कुल 85 यूनिवर्सिटी मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश में मौजूद कुछ यूनिवर्सिटी ऐसी भी हैं जो छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में मौजूद ऐसी ही यूनिवर्सिटी के विरूद्ध कानून का बड़ा डंडा चलाया गया है। उत्तर प्रदेश की इस यूनिवर्सिटी ने 15 हजार छात्र तथा छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने फर्जीवाड़ा करने वाली यूनिवर्सिटी का असतित्व समाप्त करने का बड़ा फैसला लिया है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जिस यूनिवर्सिटी का असतित्व समाप्त किया है वह यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद में चल रही थी। उत्तर प्रदेश के इस यूनिवर्सिटी का नाम जे.एस. यूनिवर्सिटी है। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने जे.एस. यूनिवर्सिटी की मान्यता समाप्त करते हुए जे.एस. यूनिवर्सिटी के असतित्व को समाप्त करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जे.एस. यूनिवर्सिटी के द्वारा फर्जी डिग्री बांटे जाने के बाद जांच कराई थ। जांच में पता चला है कि जे.एस. यूनिवर्सिटी से फर्जी डिग्रियां बांटी गई हैं। जांच की रिपोर्ट के आधार पर जे.एस. यूनिवर्सिटी पर कानून का डंडा चलाया गया है। फिलहाल यह व्यवस्था की गई है कि वर्तमान में जे.एस. यूनिवर्सिटी में पढऩे वाले छात्रों को जे.एस. यूनिवर्सिटी से ही डिग्री मिलेगी, लेकिन मौजूदा सभी बैच खत्म होने के बाद यूनिवर्सिटी समाप्त हो जाएगी।
जे.एस. यूनिवर्सिटी से फर्जी डिग्री बांटे जाने के काण्ड का पता राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती-2022 में चयनित अभ्यर्थियों की अंकतालिकाओं व डिग्रियों के सत्यापन से चला। यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी भी हुई है। मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा परिषद के अवर सचिव को जांच करने के लिए भेजा गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी ने उन्हें सहयोग नहीं दिया। इसके बाद फिरोजाबाद के डीएम से मामले की जांच करवाने के लिए कहा गया। राजस्थान पुलिस ने गृह विभाग से जांच करवाने के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की EOW विंग ने मामले की जांच की थी। सभी जांच रिपोर्टों में पाया गया कि यूनिवर्सिटी फर्जी मार्कशीट बांट रहा है। राजस्थान में पकड़ी गई मार्कशीट बैकडेट में बीपीएड में प्रवेश देकर बनाई गई थीं। इसके अलावा बिना मान्यता के कृषि समेत कई कोर्स भी चलाए जा रहे थे। विश्वविद्यालय के पास 40 एकड़ भूमि होनी चाहिए थी जबकि उसके पास 35.637 एकड़ जमीन मिली है। यह भी मान्यता शर्तों का उल्लंघन है। विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई है। जेएस विश्वविद्यालय के सभी दस्तावेज आगरा स्थित बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय को सौंप दिए गए हैं। उसके द्वारा सत्यापित मार्कशीट और डिग्रियां ही मान्य होंगी। इसके अतिरिक्त जेएस विश्वविद्यालय के बचे हुए बैच के संचालन व दस्तावेजों आदि के सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। कुलपति आगरा विश्वविद्यालय अध्यक्ष होंगे जबकि कुलसचिव आगरा विश्वविद्यालय और फिरोजाबाद के डीएम द्वारा नामित ADM इसके सदस्य होंगे। UP News