उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में कानपुर की रैंकिंग 5वें स्थान से गिरकर 11वें स्थान पर पहुंच गई है। सड़क, सीवर और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल को शहर के प्रदूषण की बड़ी वजह माना जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। केंद्र सरकार के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में कानपुर की स्थिति पिछले साल की तुलना में कमजोर हुई है। कभी बेहतर प्रदर्शन करने वाला कानपुर इस बार रैंकिंग में पांचवें स्थान से खिसककर 11वें स्थान पर पहुंच गया है। शहर में सड़क और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल को वायु गुणवत्ता खराब होने की प्रमुख वजहों में माना गया है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने भी माना है कि निर्माण कार्यों और सड़कों से उड़ने वाली धूल का असर शहर की हवा पर पड़ रहा है। अब नगर निगम ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए IIT कानपुर की संस्था ऐरावत फाउंडेशन के साथ करार किया है। UP News
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में कानपुर की रैंकिंग पांचवें स्थान से गिरकर 11वें स्थान पर पहुंची है। यह गिरावट ऐसे समय में हुई है जब शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पिछले छह वर्षों के औसत AQI आंकड़ों पर नजर डालें तो 2020 में कानपुर का औसत AQI 149, 2021 में 150, 2022 में 133, 2023 और 2024 में 118 तथा 2025 में 138 रहा। ये आंकड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दिए गए हैं। UP News
कानपुर में वायु प्रदूषण की समस्या को समझने और उसके स्रोत तक पहुंचने के लिए नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। नगर निगम और ऐरावत फाउंडेशन के करार के तहत शहर में 150 से अधिक स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लो-कॉस्ट एयर क्वालिटी सेंसर लगाए गए हैं। इन सेंसरों की मदद से यह पता लगाने में आसानी होगी कि किस इलाके या चौराहे पर प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और इसके पीछे संभावित वजह क्या है। UP News
कानपुर में वायु प्रदूषण के पीछे सड़क और सीवर निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल को प्रमुख कारण माना गया है। कई जगह निर्माण सामग्री खुले में पड़ी रहने, निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव नहीं होने और मलबा खुले में रखे जाने से भी धूल हवा में फैलती है। इसके अलावा निर्माण स्थलों पर हरा पर्दा नहीं लगाए जाने और खुले में कूड़ा जलाने से भी वायु गुणवत्ता प्रभावित होने की बात सामने आई है। UP News
नई सेंसर तकनीक के जरिए प्रदूषण के स्रोत की पहचान होने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना भेजने की व्यवस्था की जा रही है। यदि किसी स्थान पर कूड़ा जलाया जाता है या अत्यधिक धूल उड़ती है तो इसकी जानकारी सिस्टम के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकती है। नगर निगम की ओर से इसके लिए एक पोर्टल भी तैयार कराया गया है, जहां रोजाना वायु प्रदूषण से संबंधित आंकड़े उपलब्ध होंगे। UP News
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के मुताबिक नगर निगम आने वाले तीन से चार महीनों में स्थिति में काफी सुधार लाने की दिशा में काम कर रहा है। सेंसर से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। कानपुर में वायु गुणवत्ता सुधारने की इस पहल पर अब लोगों की नजर रहेगी। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई तकनीक और निगरानी व्यवस्था शहर की हवा को कितना साफ करने में सफल होती है। UP News
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