वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर यह विवाद ठकुराइन बनाम पंडिताइन जैसे टैग और शीर्षकों के साथ जातीय बहस में बदलता दिखा। आस्था सिंह का कहना है कि बिना पूरा सच जाने उनके खिलाफ चरित्र-हनन तक की टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे वे मानसिक रूप से टूट रही हैं और खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में HDFC बैंक शाखा से जुड़ा एक विवाद अब बैंक की चारदीवारी से निकलकर सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग कोर्ट तक पहुंच गया है। रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह और पूर्व कैशियर ऋतु त्रिपाठी मिश्रा के बीच शुरू हुई तकरार एक वायरल वीडियो क्लिप के बाद इतनी बढ़ी कि मामला पनकी थाने तक जा पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर आमने-सामने बैठकर पूछताछ करने की बात कही है। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर यह विवाद ठकुराइन बनाम पंडिताइन जैसे टैग और शीर्षकों के साथ जातीय बहस में बदलता दिखा। आस्था सिंह का कहना है कि बिना पूरा सच जाने उनके खिलाफ चरित्र-हनन तक की टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे वे मानसिक रूप से टूट रही हैं और खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार 6 जनवरी को पूर्व कैशियर ऋतु त्रिपाठी बैंक में इस्तीफा देने पहुंचीं, इसी दौरान उनके पति ऋषि त्रिपाठी भी वहां आए। यहीं से विवाद ने तूल पकड़ा। रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह का आरोप है कि बातचीत के दौरान उनके साथ अभद्रता, धमकी और मानसिक दबाव बनाया गया। आस्था का कहना है कि इसी बहस के बीच उनसे जाति पूछी गई, जिस पर उन्होंने जवाब में कहा— “मैं ठाकुर हूं।” इसी एक लाइन की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और उत्तर प्रदेश में अक्सर देखी जाने वाली टैग-लाइन बहस ने मामले को और भड़का दिया। आस्था सिंह का दावा है कि वायरल वीडियो अधूरा है, पूरा घटनाक्रम दिखाए बिना ही लोगों ने निष्कर्ष निकाल लिए। दूसरी तरफ, ऋतु त्रिपाठी के पति ऋषि त्रिपाठी ने जन सूचना पोर्टल पर आस्था के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही है और दावा किया है कि बैंक में पहले से कुछ मुद्दों को लेकर तनाव था, जिसका असर इस दिन की घटना पर पड़ा। वहीं, ऋतु त्रिपाठी मिश्रा ने भी वीडियो जारी कर कहा कि पूरे प्रकरण में उनके परिवार की प्रतिष्ठा को निशाना बनाया गया है; उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी वीडियो को वायरल करने की कोशिश नहीं की और अपनी पहचान के स्तर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वे ब्राह्मण हैं और सम्मान के साथ न्याय चाहती हैं।
आस्था सिंह ने पनकी थाने में लिखित शिकायत देकर ऋतु त्रिपाठी और उनके पति पर धमकाने, मानसिक उत्पीड़न और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। थाना प्रभारी योगेंद्र भदौरिया के मुताबिक, दोनों पक्षों से शिकायत/प्रतिशिकायत की जानकारी सामने आई है और मामले की तथ्यपरक जांच की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ होगी और जरूरत पड़ी तो आमने-सामने बैठाकर बातचीत भी कराई जाएगी। उधर, उत्तर प्रदेश में तेजी से फैलने वाली वायरल बहस ने इस मामले को और उग्र बना दिया। वायरल क्लिप के बाद चर्चा ने जातीय रंग पकड़ लिया, जिस पर आस्था सिंह का आरोप है कि बिना पूरी जानकारी के उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और “चरित्र” तक को निशाना बनाया गया, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गईं। दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष का कहना है कि विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और उनकी छवि भी नुकसान में गई। आस्था के मुताबिक, यह घटना सिर्फ इस्तीफे की बात नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि उसी दिन सुबह ऋतु त्रिपाठी की बहन के बैंक आने पर कहासुनी हुई थी, और दोपहर में ऋतु पति के साथ पहुंचीं तो विवाद बढ़ गया। आस्था ने नौकरी से निकलवाने की धमकी तक का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ लोग इसे राजनीतिक-जातीय एंगल देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनके मुताबिक असली मुद्दा वर्कप्लेस की गरिमा, सुरक्षा और महिला कर्मचारी के सम्मान से जुड़ा है। UP News