सहारा शहर की जमीन पर विधानसभा निर्माण का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट में खारिज हुई अपील
उत्तर प्रदेश की राजधानी में नई विधानसभा के निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में सहारा हाउसिंग कंपनी की अपील खारिज होने के बाद अब सहारा शहर की जमीन पर विधानसभा बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी में नई विधानसभा के निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में सहारा हाउसिंग कंपनी की अपील खारिज होने के बाद अब सहारा शहर की जमीन पर विधानसभा बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
सहारा शहर खाली कर रहीं स्वप्ना राय
कोर्ट में हार के बाद सहारा प्रमुख दिवंगत सुब्रत राय की पत्नी स्वप्ना राय ने सहारा शहर खाली करना शुरू कर दिया है। परिसर से सामान हटाया जा रहा है। गाड़ियां, फर्नीचर और अन्य सामग्री बाहर ले जाई जा रही है। पशुओं को भी हटाने की प्रक्रिया जारी है। नगर निगम ने उन्हें सामान ले जाने की अनुमति दे दी है और अगले एक-दो दिनों में पूरा परिसर खाली होने की संभावना है।
लीज खत्म, नगर निगम ने लिया कब्जा
जानकारी के अनुसार सहारा शहर की लीज अवधि 30 साल पूरी हो चुकी थी। शर्तों के उल्लंघन के चलते लीज बढ़ाई नहीं गई। नगर निगम ने पहले ही जमीन पर कब्जा लेकर परिसर को सील कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में राहत की मांग की, लेकिन दोनों जगह से निराशा हाथ लगी।
170 एकड़ जमीन पर बन सकता है विधानसभा परिसर
नगर निगम के अनुसार यह करीब 170 एकड़ जमीन अब पूरी तरह विवाद मुक्त हो चुकी है। इस जमीन पर नई विधानसभा, मुख्यमंत्री सचिवालय तथा मुख्यमंत्री आवास जैसे बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जाने पर मंथन चल रहा है। अब तक यह पूरा मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण निर्माण कार्य अटका हुआ था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी कानूनी बाधाएं समाप्त हो गई हैं। नगर आयुक्त के मुताबिक, जमीन पर क्या निर्माण होगा, इसका अंतिम फैसला राज्य सरकार और शासन स्तर पर लिया जाएगा। सहारा शहर की जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म होने के बाद अब लखनऊ में नई विधानसभा के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठता नजर आ रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी में नई विधानसभा के निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में सहारा हाउसिंग कंपनी की अपील खारिज होने के बाद अब सहारा शहर की जमीन पर विधानसभा बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
सहारा शहर खाली कर रहीं स्वप्ना राय
कोर्ट में हार के बाद सहारा प्रमुख दिवंगत सुब्रत राय की पत्नी स्वप्ना राय ने सहारा शहर खाली करना शुरू कर दिया है। परिसर से सामान हटाया जा रहा है। गाड़ियां, फर्नीचर और अन्य सामग्री बाहर ले जाई जा रही है। पशुओं को भी हटाने की प्रक्रिया जारी है। नगर निगम ने उन्हें सामान ले जाने की अनुमति दे दी है और अगले एक-दो दिनों में पूरा परिसर खाली होने की संभावना है।
लीज खत्म, नगर निगम ने लिया कब्जा
जानकारी के अनुसार सहारा शहर की लीज अवधि 30 साल पूरी हो चुकी थी। शर्तों के उल्लंघन के चलते लीज बढ़ाई नहीं गई। नगर निगम ने पहले ही जमीन पर कब्जा लेकर परिसर को सील कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में राहत की मांग की, लेकिन दोनों जगह से निराशा हाथ लगी।
170 एकड़ जमीन पर बन सकता है विधानसभा परिसर
नगर निगम के अनुसार यह करीब 170 एकड़ जमीन अब पूरी तरह विवाद मुक्त हो चुकी है। इस जमीन पर नई विधानसभा, मुख्यमंत्री सचिवालय तथा मुख्यमंत्री आवास जैसे बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जाने पर मंथन चल रहा है। अब तक यह पूरा मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण निर्माण कार्य अटका हुआ था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी कानूनी बाधाएं समाप्त हो गई हैं। नगर आयुक्त के मुताबिक, जमीन पर क्या निर्माण होगा, इसका अंतिम फैसला राज्य सरकार और शासन स्तर पर लिया जाएगा। सहारा शहर की जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म होने के बाद अब लखनऊ में नई विधानसभा के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठता नजर आ रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।












