उत्तर प्रदेश देश का बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनकर उभर रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रो जैसै - दादरी, ग्रेटर नोएडा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी को तेज माल ढुलाई की सुविधा मिल रही है, जिससे उद्योग, कारोबार और रोजगार के नए अवसर बढ़ रहे हैं।

UP News : भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) एक बड़े बदलाव का माध्यम बनकर उभरा है। यात्री ट्रेनों से मालगाड़ियों को अलग किए जाने के बाद देश में माल ढुलाई की रफ्तार, क्षमता और समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। खास बात यह है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के नेटवर्क का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, जिससे राज्य देश के लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। देश में 2,843 किलोमीटर का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क विकसित किया गया है, जिसमें 1,337 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) और 1,506 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय रेल के कुल नेटवर्क का करीब 4 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद DFC नेटवर्क कुल रेल माल ढुलाई का 14 प्रतिशत से अधिक वहन कर रहा है। UP News
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब केवल कोयला और अन्य भारी सामान की ढुलाई तक सीमित नहीं है। इसके जरिए कोयला, लोहा-इस्पात, उर्वरक, खाद्यान्न, कृषि उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, सीमेंट, क्लिंकर और ऑटोमोबाइल सहित अनेक वस्तुओं की ढुलाई की जा रही है। वेस्टर्न DFC पर FMCG, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, टाइल्स और अन्य उच्च मूल्य वाले सामान को कंटेनरों के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा दूध और समय-संवेदनशील ई-कॉमर्स तथा पार्सल ट्रैफिक के लिए विशेष लॉजिस्टिक्स सेवाएं भी शुरू की गई हैं। UP News
उत्तर प्रदेश की भूमिका डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में ईस्टर्न DFC का 1,078 किलोमीटर हिस्सा है, जो किसी भी राज्य में इस कॉरिडोर का सबसे लंबा हिस्सा है। इसके अतिरिक्त वेस्टर्न DFC का भी एक हिस्सा उत्तर प्रदेश से जुड़ता है। ग्रेटर नोएडा का दादरी इस पूरे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में रणनीतिक महत्व रखता है। दादरी उत्तर भारत के बड़े उपभोग केंद्रों को पश्चिमी समुद्री बंदरगाहों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स गेटवे के तौर पर विकसित हो रहा है। इससे दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को बंदरगाहों तक तेज कनेक्टिविटी मिल रही है। UP News
दादरी की स्थिति को देखते हुए यहां से निकलने वाला माल पश्चिमी DFC के जरिए देश के प्रमुख औद्योगिक और समुद्री व्यापार केंद्रों तक तेजी से पहुंच सकता है। खास तौर पर जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) तक कंटेनर ट्रैफिक के समय में कमी आने से उत्तर भारत के कारोबारियों और उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत तथा डिलीवरी समय को कम करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। यही वजह है कि दादरी और इसके आसपास का क्षेत्र आने वाले वर्षों में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, कंटेनर हैंडलिंग और औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन सकता है। UP News
ईस्टर्न DFC उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को जोड़ता है। कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की आवाजाही में बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है। कोयला, स्टील और उर्वरक जैसे कच्चे माल की तेज आपूर्ति से उद्योगों की उत्पादन क्षमता मजबूत होती है, वहीं तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय भी कम होता है। UP News
उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स को और मजबूत करने के लिए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जा रहे हैं। न्यू भाऊपुर, न्यू दाउदखान, न्यू गुलाओठी, न्यू मिर्जापुर और न्यू दादरी जैसे रणनीतिक स्थानों पर इन सुविधाओं के विकास से औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल नेटवर्क को सड़क, उद्योग और अन्य परिवहन माध्यमों से जोड़कर एक मजबूत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सिस्टम तैयार करना है। UP News
DFC परिचालन का असर उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल की माल ढुलाई और कमाई पर भी दिखाई दे रहा है। पश्चिमी DFC के जरिए ICDG और ICDD से कंटेनर लोडिंग बढ़ी है, जिससे कमाई में करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। PBCP टर्मिनल से भी लोडिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। चालू वित्त वर्ष में यहां 251 रेक लोड किए गए, जो लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि बताई गई है। वहीं JPP-RCS सेवा के तहत न्यू दादरी से प्रतिदिन करीब 10 VP की लोडिंग हो रही है। इससे उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल को प्रतिदिन लगभग 10 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। UP News
DFC का एक बड़ा फायदा पावर प्लांट तक कोयले की तेज और भरोसेमंद आपूर्ति के रूप में सामने आया है। समर्पित माल ढुलाई मार्ग उपलब्ध होने से कोयले की आवाजाही अधिक सुचारु हुई है। इससे बिजलीघरों के लिए ईंधन आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ी है और बिजली उत्पादन को निर्बाध बनाए रखने में मदद मिल रही है।इसके अलावा प्रयागराज मंडल में अनाज की लोडिंग बढ़ने से चालू वित्त वर्ष में इस क्षेत्र से होने वाली कमाई में करीब 90 प्रतिशत की वृद्धि बताई गई है। UP News
DFC की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि भारी माल ढुलाई के लिए अलग रेल नेटवर्क उपलब्ध होने से मौजूदा रेलवे लाइनों पर मालगाड़ियों का दबाव कम होता है। इसका सीधा फायदा यात्री ट्रेनों की परिचालन क्षमता और समय पालन को मिल सकता है। इसी तरह सड़क से भारी माल को रेल नेटवर्क पर स्थानांतरित करने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों का दबाव, जाम, सड़क दुर्घटनाओं और सड़क रखरखाव की लागत को कम करने में मदद मिल सकती है। UP News
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क पर 5.21 लाख से अधिक मालगाड़ी यात्राएं पूरी हो चुकी हैं। इस नेटवर्क पर प्रतिदिन औसतन करीब 435 मालगाड़ियां संचालित की जा रही हैं। इस दौरान नेटवर्क ने लगभग 658 बिलियन ग्रॉस टन किलोमीटर (GTKM) और 360 बिलियन नेट टन किलोमीटर (NTKM) का माल परिवहन प्रदर्शन दर्ज किया है। UP News
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूरी तरह विद्युतीकृत रेल परिचालन से डीजल पर निर्भरता कम होती है। अनुमान के मुताबिक, DFC नेटवर्क अगले 30 वर्षों में करीब 477 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन में कमी लाने में योगदान दे सकता है। इससे एक ओर माल ढुलाई अधिक ऊर्जा दक्ष बनेगी, वहीं दूसरी ओर सड़क से भारी माल परिवहन कम होने के कारण प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है। UP News
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विस्तार और न्यू दादरी जैसे टर्मिनलों के विकास से ग्रेटर नोएडा-दादरी क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स क्षमता को नई दिशा मिल रही है। Jewar Airport, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक क्षेत्रों और DFC की कनेक्टिविटी को एक साथ देखा जाए तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मल्टी-मॉडल परिवहन का मजबूत इकोसिस्टम तैयार होने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। आने वाले समय में वेयरहाउसिंग, कंटेनर ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन, ई-कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में निवेश के लिए यह क्षेत्र और अधिक महत्वपूर्ण बन सकता है। UP News
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