उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर साइबर एक्ट समेत धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए मथुरा पुलिस ने ‘ऑपरेशन बजरंग-2’ के तहत रविवार तड़के शेरगढ़ इलाके में बड़ी कार्रवाई की। करीब 250 पुलिसकर्मियों और पीएसी बल की घेराबंदी में 34 साइबर शातिरों को दबोच लिया गया, जबकि 45 आरोपी खेतों और जंगल के रास्ते भागकर बच निकले। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, दर्जनों मोबाइल फोन, 4 बाइक और 1 कार बरामद की है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर साइबर एक्ट समेत धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देशन में रविवार सुबह करीब 5 बजे एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में एएसपी, चार सीओ, 13 थानों की पुलिस और पीएसी जवानों ने शेरगढ़ क्षेत्र के जंघावली और विशंभरा गांव को चारों तरफ से घेर लिया। सुबह का वक्त होने के कारण कई लोग घरों में सो रहे थे, वहीं कुछ ग्रामीण नित्यकर्म के लिए जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान भारी पुलिस बल देख गांव में हड़कंप मच गया। दो-दो सीओ के नेतृत्व में पुलिस व पीएसी ने दोनों गांवों में करीब पांच घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। टीमों ने लगभग 85 घरों में दबिश दी और साइबर ठगी के आरोप में 34 लोगों को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान कुछ घरों में महिलाओं ने विरोध भी किया, जिसे महिला पुलिस ने समझाकर शांत कराया।
पुलिस के मुताबिक, कई आरोपी छतों के रास्ते भागे। टीमों ने पीछा भी किया, लेकिन खेतों के रास्ते निकलकर वे फरार हो गए। फरार 45 आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमों को लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मथुरा में गोवर्धन, बरसाना, कोसीकलां और शेरगढ़ बेल्ट के कुछ “हॉट स्पॉट” गांवों से साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय थे। पुलिस को इनपुट मिला था कि शातिर सिंडीकेट बनाकर फर्जी पहचान और मोबाइल नेटवर्क के सहारे ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे हैं। एसएसपी के निर्देश पर बीते करीब एक महीने से ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ के जरिए इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। निगरानी में सामने आया कि शेरगढ़ के जंघावली और विशंभरा में साइबर फ्रॉड की हलचल सबसे ज्यादा है, इसी के बाद शनिवार देर रात रणनीति फाइनल हुई और तड़के दो मोर्चों पर एक साथ ऑपरेशन उतार दिया गया। ऑपरेशन के दौरान जंघावली में सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह और सीओ मांट संदीप सिंह ने टीम के साथ दबिश दी, जबकि विशंभरा में सीओ यातायात आशीष कुमार शर्मा और सीओ महावन श्वेता वर्मा ने पीएसी बल के साथ मोर्चा संभाला। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगठित अपराध धारा 111(3) समेत साइबर फ्रॉड, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। छापेमारी में 12 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड और करीब 36 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि ‘समन्वय-प्रतिबिंब पोर्टल’ के आधार पर हॉट स्पॉट गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शेरगढ़ के जंघावली और विशंभरा में दो टीमों (करीब 240 पुलिस जवान) के जरिए सर्च ऑपरेशन कराया गया। पुलिस का कहना है कि इससे पहले भी 11 दिसंबर को गोवर्धन के चार गांवों में कार्रवाई कर 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि इनामी बदमाशों पर भी कार्रवाई जारी रही है। एसपी देहात के अनुसार, जंघावली से 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए जबकि 17 फरार हो गए। वहीं विशंभरा से 23 आरोपी पकड़े गए और 28 भागने में सफल रहे। UP News