अकबर इलाहाबादी : हँसी की धार से समाज का सच लिखने वाला शायर

अकबर की चोट सबसे ज्यादा उन पर पड़ती थी जो अपनी मिट्टी से दूरी बनाकर नकली ‘मॉडर्न’ होने को तरक्की समझते थे। उनकी नजर में यह सिर्फ फैशन नहीं, पहचान का संकट था। यही कारण है कि भारतीय समाज ने उनकी आवाज़ को “लिसानु’ल-अस्र” यानी ‘अपने युग का प्रतिनिधि कवि’ कहकर सम्मान दिया।

अकबर इलाहाबादी की शायरी
अकबर इलाहाबादी की शायरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 02:11 PM
bookmark

Akbar Allahabadi : सैयद अकबर हुसैन (16 नवंबर 1846–9 सितंबर 1921), जिन्हें साहित्य जगत “अकबर इलाहाबादी” के नाम से याद करता है, उर्दू शायरी के उन बेजोड़ व्यंग्यकारों में हैं जिनकी मुस्कान के पीछे समाज का आईना छिपा रहता है। उन्होंने हँसी को हथियार बनाकर अपने दौर की सबसे बड़ी बेचैनी पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव से उपजी सांस्कृतिक दुविधा को बेधड़क उजागर किया। अकबर की चोट सबसे ज्यादा उन पर पड़ती थी जो अपनी मिट्टी से दूरी बनाकर नकली ‘मॉडर्न’ होने को तरक्की समझते थे। उनकी नजर में यह सिर्फ फैशन नहीं, पहचान का संकट था। यही कारण है कि भारतीय समाज ने उनकी आवाज़ को “लिसानु’ल-अस्र” यानी ‘अपने युग का प्रतिनिधि कवि’ कहकर सम्मान दिया।

शुरुआती जीवन

अकबर इलाहाबादी का जन्म इलाहाबाद जिले के बारा कस्बे में हुआ। उनका परिवार सैयद वंश से था, जिनके बारे में माना जाता है कि वे मूल रूप से फारस से भारत आए और सैनिक परंपरा से जुड़े रहे। उनके दादा सैयद फज़ल-ए-मोहम्मद शिया विचारधारा के थे, लेकिन परिवार की अगली पीढ़ी में मतांतर दिखाई देता है उनके तीनों पुत्र वसील अली, वारिस अली और तफज्जुल हुसैन सुन्नी थे। अकबर के पिता मौलवी तफज्जुल हुसैन, अपने भाई वारिस अली के अधीन नायब तहसीलदार के रूप में कार्यरत थे, जबकि वारिस अली तहसीलदार के पद पर थे। उनकी माता बिहार के गया जिले के जगदीशपुर गांव के एक जमींदार परिवार से ताल्लुक रखती थीं।

अकबर इलाहाबादी के टॉप 5 शेर

1 - दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ,

बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ। 

2 -अकबर दबे नहीं किसी सुल्ताँ की फ़ौज से,        

लेकिन शहीद हो गए बीवी की नौज से। 

3 - ग़ज़ब है वो ज़िद्दी बड़े हो गए,

मैं लेटा तो उठ के खड़े हो गए। 

4 - मज़हबी बहस मैं ने की ही नहीं।

फ़ालतू अक़्ल मुझ में थी ही नहीं। 

5 - खींचो न कमानों को न तलवार निकालो,

जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो। 


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

आडिट में भ्रष्टाचार, आडिटर संघ का प्रदेश अध्यक्ष रिश्वत लेते गिरफ्तार

अनिरुद्ध द्विवेदी ने मूंढापांडे ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के आॅडिट को साफ रखने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार से कुल तीन लाख रुपये की मांग की थी। यह राशि छह किस्तों में लेने की योजना बनाई गई थी, जिसमें हर बार 50 हजार रुपये दिए जाने थे।

panchayat (3)
घूस लेते हुए गिरफ्तार
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Jan 2026 02:14 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के आडिट के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। मुरादाबाद में विजिलेंस टीम ने सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत के वरिष्ठ लेखा परीक्षक और उत्तर प्रदेश आॅडिटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध द्विवेदी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

आडिट के बदले तीन लाख की मांग

आरोप है कि अनिरुद्ध द्विवेदी ने मूंढापांडे ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के आॅडिट को साफ रखने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार से कुल तीन लाख रुपये की मांग की थी। यह राशि छह किस्तों में लेने की योजना बनाई गई थी, जिसमें हर बार 50 हजार रुपये दिए जाने थे।

शिकायत के बाद हुई योजना बद्ध कार्रवाई

ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार ने 12 जनवरी को बरेली स्थित विजिलेंस कार्यालय में इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। 

जांच के दौरान आरोपी ने अजय कुमार को अपने मुरादाबाद स्थित किराए के मकान पर बुलाया और पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये मंगवाए। जैसे ही राशि सौंपी गई, विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया।

किन पंचायतों से जुड़ा था मामला

यह आडिट मामला मूंढापांडे ब्लॉक की दुपैड़ा, रनियाठेर, जगरामपुरा, लालपुर तीतरी, बीनावाला, हिरनखेड़ा और भीतखेड़ा ग्राम पंचायतों से संबंधित बताया गया है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तारी की कार्रवाई इतनी गोपनीय रही कि आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

सिस्टम के भीतर बैठे लोगों पर सवाल

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोपी स्वयं आॅडिट व्यवस्था से जुड़ा एक वरिष्ठ पदाधिकारी है और आॅडिटर संघ का प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुका है। इससे ग्रामीण स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल विजिलेंस टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इससे जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश का ‘भक्त कुत्ता’, मंदिर में घंटों देवी-देवताओं की करता रहा परिक्रमा, वीडियो वायरल

बिजनौर के नंदपुर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में एक कुत्ता घंटों देवी-देवताओं की परिक्रमा करता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद इसे आस्था और चमत्कार से जोड़ा जा रहा है।

बिजनौर भक्त कुत्ता
बिजनौर भक्त कुत्ता
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar15 Jan 2026 11:11 AM
bookmark

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक अनोखी और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। नगीना तहसील के नंदपुर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में एक कुत्ता बीते सोमवार तड़के सुबह से लगातार मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की परिक्रमा करता नजर आया। कुत्ते का यह व्यवहार न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी कौतूहल और आस्था का विषय बन गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

नंदपुर के प्राचीन मंदिर में दिखा अनोखा नजारा

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब चार बजे एक कुत्ता मंदिर परिसर में पहुंचा और हनुमान जी की प्रतिमा के चारों ओर घूमना शुरू कर दिया। इसके बाद वह मंदिर में विराजमान भगवान शिव शंकर, राधा-कृष्ण और मां दुर्गा की प्रतिमाओं की भी परिक्रमा करता रहा। यह सिलसिला कई घंटों तक लगातार चलता रहा। कुत्ता न तो किसी पर भौंका और न ही किसी तरह की आक्रामकता दिखाई। थकने पर वह कुछ देर बैठ जाता और फिर दोबारा परिक्रमा शुरू कर देता।

श्रद्धालुओं ने आस्था से जोड़ा कुत्ते का व्यवहार

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य किसी चमत्कार से कम नहीं था। धीरे-धीरे इस घटना की खबर आसपास के गांवों और फिर पूरे जिले में फैल गई, जिसके बाद मंदिर में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। कई श्रद्धालुओं ने इसे भगवान की विशेष कृपा बताया, तो कुछ लोगों ने कुत्ते के इस व्यवहार को भैरवनाथ से जोड़कर देखा। मंदिर परिसर में जय बजरंगबली और अन्य देवी-देवताओं के जयकारे गूंजने लगे।

देवी मां की प्रतिमा की भी परिक्रमा करता दिखा कुत्ता

हनुमान जी की प्रतिमा के बाद कुत्ता मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा की मूर्ति की भी परिक्रमा करता नजर आया। यह दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की हैरानी और बढ़ गई। कई लोगों ने इस दौरान पूजा-पाठ किया और मंदिर में चढ़ावा भी चढ़ाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने इस घटना को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।



प्रशासन और मेडिकल टीम ने दी अपनी राय

घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय मंत्री अनूप वाल्मीकि भी मंदिर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को नजदीक से देखा। वहीं, पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। मेडिकल टीम ने कुत्ते के व्यवहार को लेकर यह संभावना जताई है कि यह किसी बीमारी या चोट का भी मामला हो सकता है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


कुत्ते की देखभाल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम

मंदिर समिति और स्थानीय ग्रामीणों ने मानवीय पहल करते हुए कुत्ते की देखभाल का भी ध्यान रखा है। ठंड से बचाव के लिए मंदिर परिसर में पॉलीथीन लगाई गई है और कुत्ते को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर में बैरिकेडिंग भी कर दी गई है, ताकि कुत्ते की परिक्रमा में कोई बाधा न आए।

आस्था और सवालों के बीच बना हुआ है कौतूहल

फिलहाल बिजनौर का यह ‘भक्त कुत्ता’ आस्था, रहस्य और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। कुछ लोग इसे दैवीय संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे सामान्य व्यवहार या स्वास्थ्य से जुड़ा मामला बता रहे हैं। जो भी हो, इस अनोखी घटना ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा है और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है।

संबंधित खबरें