जेल सूत्रों के अनुसार, मुस्कान रोजाना कारागार परिसर में तय सुरक्षा घेराबंदी के भीतर दो–तीन घंटे तक धूप में बैठकर बच्ची की देखभाल करती है, जबकि वहां बंद अन्य महिला बंदी भी नवजात की देखरेख में मदद कर रही हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर का चर्चित नीला ड्रम कांड एक बार फिर सुर्खियों के बिल्कुल केंद्र में आ गया है। पति की हत्या के आरोप में उत्तर प्रदेश की मेरठ जेल में बंद मुस्कान ने हाल ही में एक बच्ची को जन्म दिया है, लेकिन अब उसकी एक नई ख्वाहिश ने पूरे उत्तर प्रदेश में भावनाओं और कानून के टकराव पर नई बहस छेड़ दी है। मुस्कान चाहती है कि उसकी नवजात बेटी राधा का चेहरा उसी प्रेमी साहिल को दिखाने दिया जाए, जो इसी हत्याकांड में सह–अभियुक्त के तौर पर मेरठ जिला कारागार में बंद है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला कारागार में बंद मुस्कान ने 24 नवंबर को मेडिकल कॉलेज के वार्ड में बेटी को जन्म दिया। जेल प्रशासन की निगरानी में मां और बेटी दोनों को वापस मेरठ जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया। बच्ची का नाम राधा रखा गया है। जेल के अंदर ही उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टरों की टीम ने मुस्कान और राधा का मेडिकल परीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक मां और बेटी दोनों फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं। जेल सूत्रों के अनुसार, मुस्कान रोजाना कारागार परिसर में तय सुरक्षा घेराबंदी के भीतर दो–तीन घंटे तक धूप में बैठकर बच्ची की देखभाल करती है, जबकि वहां बंद अन्य महिला बंदी भी नवजात की देखरेख में मदद कर रही हैं।
मुस्कान ने उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला कारागार प्रशासन को आवेदन देकर मांग की कि उसकी बेटी राधा को प्रेमी साहिल को दिखाने की इजाजत दी जाए। उसका कहना है कि साहिल को यह जानने और देखने का हक है कि उनकी बेटी कैसी दिखती है। लेकिन उत्तर प्रदेश की जेल नियमावली के मुताबिक, इस तरह दो विचाराधीन बंदियों के बीच मुलाकात कराने का कोई प्रावधान नहीं है। नियमों का हवाला देते हुए जेल प्रशासन ने इस मांग को मानने से साफ इनकार कर दिया। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि गुरुवार को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान जब मुस्कान को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा जाएगा, तो वह अपनी गोद में राधा को लेकर स्क्रीन के सामने बैठ सकती है। ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश की मेरठ जेल से जुड़े सिस्टम के जरिए साहिल पहली बार वीडियो स्क्रीन पर बच्ची की झलक देख सकता है।
यह वही कुख्यात मामला है, जिसे उत्तर प्रदेश में “नीला ड्रम कांड” के नाम से जाना जाता है। आरोप है कि 3 मार्च 2025 की रात मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरानगर में मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। जांच के अनुसार, सौरभ को पहले नशीली दवा देकर बेहोश किया गया, फिर सीने में चाकू मारकर उसकी जान ले ली गई। हत्या के बाद लाश के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से पूरी तरह सील कर दिया गया, ताकि बदबू या शक न हो। उत्तर प्रदेश पुलिस ने 18 मार्च को इस सनसनीखेज केस का खुलासा किया था। इसके अगले ही दिन, यानी 19 मार्च से मुस्कान और साहिल मेरठ जिला जेल में बंद हैं। इस पूरे प्रकरण ने उस समय उत्तर प्रदेश में वैवाहिक रिश्तों, प्रेम संबंधों और क्राइम की मानसिकता पर बड़ी बहस छेड़ दी थी।
सौरभ हत्याकांड की सुनवाई उत्तर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था के तहत मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही है। अब तक 14 गवाहों की गवाही दर्ज हो चुकी है, जिनमें विवेचक उपनिरीक्षक कर्मवीर सिंह की गवाही भी शामिल है। अगली तारीख गुरुवार को तय है, जिसमें केस के दूसरे विवेचक की गवाही होने की संभावना है। अदालत से जुड़े सूत्रों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के इस हाई प्रोफाइल केस में अधिकांश महत्वपूर्ण गवाहियों का दौर लगभग समाप्ति की ओर है और आगे की कार्यवाही तेज रफ्तार से पूरी की जा सकती है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में मेरठ की यह बहुचर्चित फाइल फैसले के करीब पहुंच सकती है।
मुस्कान के लिए उत्तर प्रदेश की जेल अब सिर्फ बंदीगृह नहीं, बल्कि उसकी बेटी राधा की पहली दुनिया बन चुकी है। परिवार का कोई सदस्य उसके पास नहीं आता, न ही आज तक मुलाकात के लिए मेरठ जेल पहुंचा है। ऐसे में मां और बेटी दोनों उत्तर प्रदेश के सरकारी सिस्टम, जेल स्टाफ और महिला बंदियों के सहारे जिंदगी की शुरुआती डगर तय कर रहे हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि चूँकि मुस्कान हाल ही में मां बनी है, ऐसे मामलों में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी अदालतें मानवीय आधार पर पैरोल देने पर विचार कर सकती हैं। यदि मुस्कान की ओर से वकील अदालत में याचिका दाखिल करे, तो नियमों के तहत उसे छह माह तक की पैरोल मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि अभी तक मुस्कान की ओर से कोई औपचारिक कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं कराई गई है। मेरठ जिला कारागार के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जेल नियमावली बहुत साफ है – विचाराधीन बंदी आपस में सीधे नहीं मिल सकते। मुस्कान ने बेटी राधा को साहिल को दिखाने का मौखिक और लिखित अनुरोध किया था, लेकिन नियमों में ऐसी किसी विशेष व्यवस्था का प्रावधान न होने के कारण जेल प्रशासन ने इसे अस्वीकार कर दिया। UP News