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अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

UP News : अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। हनुमान जी को राजभर समाज से जोड़ने वाले अपने पुराने बयान के बाद अब उन्होंने रामायण के प्रमुख पात्र बालि को लेकर नया दावा किया है। UP News
कन्नौज में आयोजित एक जनसभा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बालि को वानर कहना उचित नहीं है। उन्होंने अपने तर्क में कहा कि अहिल्या और तारा सगी बहनें थीं। अहिल्या का विवाह गौतम ऋषि से हुआ था, जबकि तारा का विवाह बालि से हुआ था। ऐसे में कोई भी पिता अपनी बेटी का विवाह किसी वानर से नहीं करेगा। इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि बालि वानर नहीं बल्कि नर थे। राजभर का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान ओम प्रकाश राजभर ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी संत का काम सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर लोगों का मार्गदर्शन करना होता है, लेकिन कुछ लोग राजनीतिक दलों के नेताओं की तरह बयानबाजी कर रहे हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वक्तव्यों में धार्मिक विषयों से ज्यादा राजनीतिक टिप्पणियां देखने को मिलती हैं। UP News
सुभासपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। आतंकवाद से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आजमगढ़ लंबे समय तक समाजवादी पार्टी का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र रहा है और विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई वहां चर्चा का विषय रही है। इसके साथ ही उन्होंने राजभर समाज के लोगों की हत्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर भी सवाल उठाए। राजभर ने कहा कि पोस्टर लगाने वालों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग जिम्मेदार थे। UP News
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