यूपी में कब दिखेगा ईद का चांद? बड़ा ऐलान, 21 मार्च को मनाई जा सकती है ईद
पूरे देश में ईद-उल-फितर को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस बीच लखनऊ के जाने-माने इस्लामी विद्वान मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिससे ईद की संभावित तारीख को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है।

UP News : उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में ईद-उल-फितर को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस बीच लखनऊ के जाने-माने इस्लामी विद्वान मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिससे ईद की संभावित तारीख को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है।
19 मार्च को देखा जाएगा ईद का चांद
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के अनुसार, 19 मार्च की शाम को ईद का चांद देखने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दिन देशभर में चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही ईद की तारीख का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर 19 मार्च को चांद नजर आ जाता है, तो अगले दिन यानी 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी।
21 मार्च को ईद मनने की ज्यादा संभावना
अगर 19 मार्च की शाम को चांद दिखाई नहीं देता है, तो रमजान का महीना 30 दिनों का पूरा होगा और इसके बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी। फिलहाल अनुमान यही लगाया जा रहा है कि इस बार 21 मार्च को ईद मनाई जा सकती है।
ईद का त्योहार: इबादत और इंसानियत का संदेश
ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म के सबसे अहम त्योहारों में से एक है, जो पवित्र रमजान महीने के समापन पर मनाया जाता है। यह पर्व सिर्फ खुशियां मनाने का नहीं, बल्कि संयम, दया और भाईचारे का संदेश देने का अवसर भी होता है। इस दिन लोग सुबह ईदगाह और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं।
जकात और फितरा का विशेष महत्व
ईद से पहले मुस्लिम समुदाय के लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए जकात और फितरा अदा करते हैं। इसका उद्देश्य समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करना है, ताकि हर व्यक्ति ईद की खुशियों में शामिल हो सके। ईद के दिन घरों में खास पकवान बनाए जाते हैं, जिनमें सेवइयां सबसे प्रमुख होती हैं। लोग नए कपड़े पहनकर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं। फिलहाल सबकी नजरें 19 मार्च की शाम पर टिकी हैं, जब आसमान में दिखने वाला चांद तय करेगा कि ईद-उल-फितर 20 मार्च को मनाई जाएगी या 21 मार्च को। लेकिन मौजूदा अनुमानों के अनुसार 21 मार्च को ईद मनाए जाने की संभावना अधिक जताई जा रही है।
UP News : उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में ईद-उल-फितर को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस बीच लखनऊ के जाने-माने इस्लामी विद्वान मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिससे ईद की संभावित तारीख को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है।
19 मार्च को देखा जाएगा ईद का चांद
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के अनुसार, 19 मार्च की शाम को ईद का चांद देखने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दिन देशभर में चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही ईद की तारीख का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर 19 मार्च को चांद नजर आ जाता है, तो अगले दिन यानी 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी।
21 मार्च को ईद मनने की ज्यादा संभावना
अगर 19 मार्च की शाम को चांद दिखाई नहीं देता है, तो रमजान का महीना 30 दिनों का पूरा होगा और इसके बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी। फिलहाल अनुमान यही लगाया जा रहा है कि इस बार 21 मार्च को ईद मनाई जा सकती है।
ईद का त्योहार: इबादत और इंसानियत का संदेश
ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म के सबसे अहम त्योहारों में से एक है, जो पवित्र रमजान महीने के समापन पर मनाया जाता है। यह पर्व सिर्फ खुशियां मनाने का नहीं, बल्कि संयम, दया और भाईचारे का संदेश देने का अवसर भी होता है। इस दिन लोग सुबह ईदगाह और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं।
जकात और फितरा का विशेष महत्व
ईद से पहले मुस्लिम समुदाय के लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए जकात और फितरा अदा करते हैं। इसका उद्देश्य समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करना है, ताकि हर व्यक्ति ईद की खुशियों में शामिल हो सके। ईद के दिन घरों में खास पकवान बनाए जाते हैं, जिनमें सेवइयां सबसे प्रमुख होती हैं। लोग नए कपड़े पहनकर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं। फिलहाल सबकी नजरें 19 मार्च की शाम पर टिकी हैं, जब आसमान में दिखने वाला चांद तय करेगा कि ईद-उल-फितर 20 मार्च को मनाई जाएगी या 21 मार्च को। लेकिन मौजूदा अनुमानों के अनुसार 21 मार्च को ईद मनाए जाने की संभावना अधिक जताई जा रही है।












