उत्तर प्रदेश में ब्रेन डेड घोषित महिला की सांसें सड़क के झटके से लौट आईं

विनीता शुक्ला, जो कि जिला न्यायालय में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं, की तबियत 22 फरवरी को अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें बेहोश अवस्था में बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 24 फरवरी को चिकित्सकों ने उनका ब्रेन डेड होने की घोषणा कर दी और वेंटिलेटर से हटाया।

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विनीता शुक्ला
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 05:38 PM
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UP News : पीलीभीत से एक अद्भुत और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। विनीता शुक्ला, जो कि जिला न्यायालय में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं, की तबियत 22 फरवरी को अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें बेहोश अवस्था में बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 24 फरवरी को चिकित्सकों ने उनका ब्रेन डेड होने की घोषणा कर दी और वेंटिलेटर से हटाया।

सड़क के झटकों ने दिया विनीता को जीवनदान

परिवार उन्हें घर ले जा रहा था और अंतिम संस्कार की तैयारियाँ चल रही थीं। लेकिन पीलीभीत-बरेली मार्ग पर हाफिजगंज के पास सड़क पर गहरे गड्ढे में एंबुलेंस का पहिया गिर गया। इस झटके के कारण विनीता के शरीर में हलचल हुई और उनके शरीर में सांसें लौट आईं।

घटना किसी चमत्कार से कम नहीं

परिवार ने तुरंत उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। न्यूरो चिकित्सकों द्वारा उपचार के बाद विनीता लगभग आठ दिन में पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गईं। उनके पति कुलदीप शुक्ला का कहना है कि यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है। विनीता की अचानक जिंदगी में वापसी ने पूरे परिवार को खुशी और आशा दी। अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिजन पहले से ही अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस घटना ने सबके लिए नया जीवन और उम्मीद ला दी।


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मेरठ में तेल-गैस संकट से उद्योग प्रभावित, उत्पादन घटा, 50 यूनिट बंद

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण इन संसाधनों की आपूर्ति बाधित हुई है। स्थानीय उद्योग एसोसिएशनों के मुताबिक, अब तक लगभग 8,000 से अधिक उद्योगों ने अपने उत्पादन में कटौती की है और 50 यूनिट पूरी तरह बंद हो गई हैं।

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गैस की कमी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 04:54 PM
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UP News : मेरठ के उद्योगों पर तेल और गैस की कमी का गंभीर असर पड़ा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण इन संसाधनों की आपूर्ति बाधित हुई है। स्थानीय उद्योग एसोसिएशनों के मुताबिक, अब तक लगभग 8,000 से अधिक उद्योगों ने अपने उत्पादन में कटौती की है और 50 यूनिट पूरी तरह बंद हो गई हैं।

उद्योगों पर असर

* प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों में प्लास्टिक, रबर, फाइबर ग्लास, पेंट, कॉटन फाइबर, वेल्डिंग, मेटल और पेट्रोकेमिकल शामिल हैं।

* उत्पादन घटने के कारण एमएसएमई सेक्टर, निर्यातक कंपनियों और मशीनरी उद्योग भी संकट में हैं।

* प्लास्टिक और रबर जैसी कच्ची सामग्री की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित है।

*कच्चे माल और उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं। जिनमें प्लास्टिक दाना, रबर, रबर प्रोसेसिंग आयल, अन्य पेट्रोलियम पदार्थ, कामर्शियल गैस सिलेंडर शामिल है।

* ट्रांसफार्मर निर्माण सामग्री के दाम दोगुने हो गए हैं।

* जेम्स ज्वैलरी में चांदी और सोने की कीमतों में भी तेजी आई है।

गैस सिलिंडर की कमी

* इंडस्ट्रियल गैस सिलिंडर का ब्लैक मार्केट रेट 1,800-2,000 रुपये तक पहुँच गया।

* घरेलू एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध हैं, लेकिन रिफिल अब केवल 25 दिन बाद बुक किया जा सकता है।

* होटल, रेस्तरां और कैटरिंग व्यवसायों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।

निर्यात पर असर

* समुद्री मार्ग बदलने से यूरोप तक माल पहुँचाने की लागत बढ़कर $1,400-$7,000 हो गई है।

* समय पर डिलीवरी में देरी और अतिरिक्त लागत की आशंका बनी हुई है।

* शहर में 55,000 घरेलू कनेक्शन हैं, जिन पर आपूर्ति बनी हुई है।

* उद्योगों की आपूर्ति में केवल 20% कटौती संभव है, घरेलू उपयोग पर असर नहीं पड़ेगा।

यह संकट मुख्य रूप से वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति में व्यवधान के कारण उत्पन्न हुआ है। इसके चलते मेरठ के उद्योगों को उत्पादन घटाने, लागत बढ़ने और निर्यात प्रभावित होने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।


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गंगा एक्सप्रेस-वे से बदलेगी मुरादाबाद की तस्वीर, जानें कैसे होगा फायदा

बता दें कि मुरादाबाद लंबे समय से उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल रहा है। पीतल नगरी के रूप में देश-दुनिया में पहचान रखने वाला यह शहर अब बेहतर सड़क नेटवर्क के सहारे अपने व्यापारिक दायरे को और बड़ा कर सकता है।

तरक्की की राह पर मुरादाबाद
तरक्की की राह पर मुरादाबाद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar11 Mar 2026 04:40 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे बड़ी सौगात बनकर उभर रहा है। पीतल उद्योग, निर्यात कारोबार और तेज कनेक्टिविटी के लिए पहचान बनाने की राह पर खड़े मुरादाबाद को अब इस मेगा परियोजना से नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के कई शहरों की तस्वीर बदलने वाला माना जा रहा है, लेकिन इसका खास असर मुरादाबाद पर देखने को मिल सकता है। बता दें कि मुरादाबाद लंबे समय से उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल रहा है। पीतल नगरी के रूप में देश-दुनिया में पहचान रखने वाला यह शहर अब बेहतर सड़क नेटवर्क के सहारे अपने व्यापारिक दायरे को और बड़ा कर सकता है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनने के बाद मुरादाबाद के कारोबारियों, निर्यातकों और आम यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद की कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

अभी तक मुरादाबाद से मेरठ, दिल्ली या प्रयागराज की दिशा में सफर करने वाले लोगों को कई दिक्कतों से गुजरना पड़ता है। जाम, भारी ट्रैफिक, व्यस्त हाईवे और लंबा यात्रा समय व्यापार और आम जनजीवन—दोनों पर असर डालता है। उत्तर प्रदेश के इस अहम शहर के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे इन चुनौतियों का मजबूत समाधान बन सकता है। इस एक्सप्रेस-वे के जरिए मुरादाबाद की कनेक्टिविटी सिर्फ तेज नहीं होगी, बल्कि ज्यादा व्यवस्थित और भरोसेमंद भी बनेगी। इसका सीधा लाभ उन उद्योगों को होगा, जो समय पर सप्लाई और तेज परिवहन पर निर्भर हैं। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में मुरादाबाद की भूमिका पहले से मजबूत है, और यह परियोजना उसे नई ऊर्जा दे सकती है।

सिंभावली इंटरचेंज मुरादाबाद के लिए बनेगा अहम लिंक

गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव में सिंभावली इंटरचेंज को मुरादाबाद के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इसी इंटरचेंज के जरिए मुरादाबाद के लोगों को एक्सप्रेस-वे तक अधिक सीधी और सुगम पहुंच मिल सकेगी। इससे मेरठ की ओर जाने वाला सफर आसान होगा, वहीं प्रयागराज तक पहुंचने का रास्ता भी अधिक तेज हो जाएगा।अब तक जिन मार्गों पर घंटों जाम में फंसना पड़ता था, वहां भविष्य में राहत की तस्वीर दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क में तेजी से हो रहे विस्तार के बीच सिंभावली इंटरचेंज मुरादाबाद के लिए विकास का वास्तविक प्रवेश-द्वार साबित हो सकता है।

20 से 25 किलोमीटर तक घट सकती है दूरी

गंगा एक्सप्रेस-वे बनने के बाद मुरादाबाद और मेरठ के बीच यात्रा दूरी में करीब 20 से 25 किलोमीटर तक की कमी आने की संभावना जताई जा रही है। यह घटत दूरी केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि व्यापारिक शहर मुरादाबाद के लिए बड़ा आर्थिक लाभ भी है। कम दूरी का मतलब है कम ईंधन खर्च, कम समय और तेज डिलीवरी। उत्तर प्रदेश के ऐसे शहर के लिए, जहां से बड़े पैमाने पर उत्पाद देश और विदेश तक भेजे जाते हैं, यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जाएगा। यही कारण है कि व्यापारी वर्ग इस परियोजना को गेमचेंजर के तौर पर देख रहा है।

पीतल उद्योग और निर्यात कारोबार को मिलेगी नई ताकत

मुरादाबाद की पहचान सिर्फ एक शहर के तौर पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक ताकत के रूप में भी है। यहां का पीतल उद्योग देशभर में मशहूर है और निर्यात के जरिए यह शहर UP की अर्थव्यवस्था में मजबूत योगदान देता है। बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से यहां के कारोबारी अपने उत्पाद तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। दिल्ली, लखनऊ, मेरठ और दूसरे व्यापारिक केंद्रों तक आसान पहुंच बनने से परिवहन लागत में कमी आ सकती है। साथ ही, समय पर डिलीवरी की क्षमता बढ़ने से मुरादाबाद के निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर मुरादाबाद की स्थिति इससे और प्रभावशाली बन सकती है।

आम यात्रियों को भी मिलेगी बड़ी राहत

गंगा एक्सप्रेस-वे का फायदा केवल उद्योग और व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आने-जाने वाले आम लोगों के लिए भी यह परियोजना राहत भरी साबित हो सकती है। लंबे सफर में लगने वाला समय कम होगा, सड़क यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी और कई पारंपरिक रूट्स पर ट्रैफिक दबाव भी घट सकता है।मेरठ, प्रयागराज और दिल्ली की दिशा में आने-जाने वाले यात्रियों को इस बदलाव का सीधा लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा, छात्र, छोटे कारोबारी और परिवारों के लिए सफर पहले के मुकाबले अधिक आसान और तेज हो सकता है। UP News

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