इसके बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष को 1 दिसंबर तक अंतिम बहस का मौका दिया। अब कोर्ट ने आज, 5 दिसंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की है। रामपुर कोर्ट के इस निर्णय पर न केवल स्थानीय राजनीति, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की सियासी समीकरणों पर नजरें टिकी हुई हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चित समाजवादी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ चल रहे दो पासपोर्ट वाले मामले में आज बड़ा फैसला आने वाला है। रामपुर के एमपी–एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में बुधवार 5 दिसंबर दोपहर करीब 2 बजे फैसला सुनाया जा सकता है। पूरे उत्तर प्रदेश में इस केस के नतीजे को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा सरगर्मी का माहौल है।
रामपुर के इस बहुचर्चित मामले में आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग–अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए। शिकायत के मुताबिक,एक पासपोर्ट में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज है,जबकि दूसरे पासपोर्ट में जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 अंकित बताई गई। दूसरा पासपोर्ट (नंबर Z 4307442) उन्हें 10 जनवरी 2018 को जारी हुआ था। जांच के दौरान जन्मतिथि में गड़बड़ी सामने आने पर यह पासपोर्ट बाद में जब्त कर लिया गया। मामला जैसे–जैसे आगे बढ़ा, यह सिर्फ रामपुर नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया।
यह केस भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज हुआ था। उन्होंने रामपुर के सिविल लाइंस कोतवाली में एफआईआर कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अब्दुल्ला आजम ने कूटरचित और असत्य दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया और उसका उपयोग भी किया। पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र में केवल अब्दुल्ला आज़म को ही नामजद किया गया। मामला उत्तर प्रदेश की विशेष एमपी–एमएलए अदालत में विचाराधीन है, जहां जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुकदमों की सुनवाई प्राथमिकता से होती है। लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद इस केस की ट्रायल स्टेज लगभग पूरी हो चुकी है। सभी गवाहों की गवाही हो चुकी है,पिछले हफ्ते अभियोजन पक्ष ने अपनी बहस समाप्त की। इसके बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष को 1 दिसंबर तक अंतिम बहस का मौका दिया। अब कोर्ट ने आज, 5 दिसंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की है। रामपुर कोर्ट के इस निर्णय पर न केवल स्थानीय राजनीति, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की सियासी समीकरणों पर नजरें टिकी हुई हैं।
फैसले से एक दिन पहले रामपुर जेल पहुंचे आजम खां के वकील नासिर सुल्तान ने पासपोर्ट केस समेत अन्य लंबित मामलों को लेकर कानूनी रणनीति पर चर्चा करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि आजम खां की तबीयत ठीक न होने के कारण वे मुलाकात के लिए बाहर नहीं आ सके। नासिर सुल्तान ने बताया कि वे सिर्फ अब्दुल्ला आजम से करीब 20–25 मिनट मिल पाए। इसी दौरान पासपोर्ट केस पर भी विस्तार से बात हुई। जब नासिर सुल्तान से एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से आने वाले फैसले को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अदालत जो भी निर्णय देगी, उसे सिर–आंखों पर स्वीकार किया जाएगा। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश की न्यायपालिका पर उन्हें पूरा भरोसा है और कानून के दायरे में रहकर आगे की कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
अब्दुल्ला आजम पहले से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा माने जाते रहे हैं। दो पासपोर्ट मामले पर आने वाला आज का फैसला उनके राजनीतिक भविष्य पर भी बड़ा असर डाल सकता है। रामपुर की एमपी–एमएलए अदालत से निकलने वाला निर्णय आने वाले दिनों में यूपी की सियासी चर्चाओं के केंद्र में रहेगा। UP News