यूपी में बनेगा 101 किमी लंबा 8-लेन एक्सप्रेस-वे, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी और बहराइच के बीच करीब 101 किलोमीटर लंबा आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

UP News : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी और बहराइच के बीच करीब 101 किलोमीटर लंबा आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
6969 करोड़ की लागत से तैयार होगी परियोजना
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6969 करोड़ रुपये रखी गई है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-927 के रूप में विकसित किया जाएगा, जो लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र के विस्तार का अहम हिस्सा बनेगा। वर्तमान में बाराबंकी से बहराइच तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे से अधिक का समय लगता है। नए एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद यही दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।
एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं
इस हाईवे को अत्याधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया जाएगा। दोनों ओर चार-चार लेन (कुल 8 लेन) होगी। स्थानीय ट्रैफिक के लिए अलग सर्विस रोड बनाई जाएगी। हाई-स्पीड और सुरक्षित यात्रा के लिए आधुनिक डिजाइन होगी। यह व्यवस्था लंबी दूरी और स्थानीय यातायात को अलग-अलग रखकर जाम की समस्या को कम करेगी।
घाघरा नदी पर बनेगा भव्य केबल-स्टे ब्रिज
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत घाघरा नदी पर बनने वाला 1130 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज होगा। यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का बेहतरीन नमूना होगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ को अवध क्षेत्र के अन्य जिलों से और बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे राजधानी क्षेत्र का विस्तार होगा और आसपास के इलाकों में औद्योगिक और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा फायदा
यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों बल्कि व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित इलाकों तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 से शुरू होने की संभावना है और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल संबंधित क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण और चिन्हांकन का कार्य जारी है। बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेस-वे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल यात्रा को तेज और आसान बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकता है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी और बहराइच के बीच करीब 101 किलोमीटर लंबा आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
6969 करोड़ की लागत से तैयार होगी परियोजना
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6969 करोड़ रुपये रखी गई है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-927 के रूप में विकसित किया जाएगा, जो लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र के विस्तार का अहम हिस्सा बनेगा। वर्तमान में बाराबंकी से बहराइच तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे से अधिक का समय लगता है। नए एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद यही दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।
एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं
इस हाईवे को अत्याधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया जाएगा। दोनों ओर चार-चार लेन (कुल 8 लेन) होगी। स्थानीय ट्रैफिक के लिए अलग सर्विस रोड बनाई जाएगी। हाई-स्पीड और सुरक्षित यात्रा के लिए आधुनिक डिजाइन होगी। यह व्यवस्था लंबी दूरी और स्थानीय यातायात को अलग-अलग रखकर जाम की समस्या को कम करेगी।
घाघरा नदी पर बनेगा भव्य केबल-स्टे ब्रिज
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत घाघरा नदी पर बनने वाला 1130 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज होगा। यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का बेहतरीन नमूना होगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ को अवध क्षेत्र के अन्य जिलों से और बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे राजधानी क्षेत्र का विस्तार होगा और आसपास के इलाकों में औद्योगिक और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा फायदा
यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों बल्कि व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित इलाकों तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 से शुरू होने की संभावना है और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल संबंधित क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण और चिन्हांकन का कार्य जारी है। बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेस-वे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल यात्रा को तेज और आसान बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकता है। UP News












