यूपी में बनेगा 101 किमी लंबा 8-लेन एक्सप्रेस-वे, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी और बहराइच के बीच करीब 101 किलोमीटर लंबा आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

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आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Mar 2026 07:13 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी और बहराइच के बीच करीब 101 किलोमीटर लंबा आधुनिक 8-लेन एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

6969 करोड़ की लागत से तैयार होगी परियोजना

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6969 करोड़ रुपये रखी गई है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-927 के रूप में विकसित किया जाएगा, जो लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र के विस्तार का अहम हिस्सा बनेगा। वर्तमान में बाराबंकी से बहराइच तक पहुंचने में करीब ढाई घंटे से अधिक का समय लगता है। नए एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद यही दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।

एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं

इस हाईवे को अत्याधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया जाएगा। दोनों ओर चार-चार लेन (कुल 8 लेन) होगी। स्थानीय ट्रैफिक के लिए अलग सर्विस रोड बनाई जाएगी। हाई-स्पीड और सुरक्षित यात्रा के लिए आधुनिक डिजाइन होगी। यह व्यवस्था लंबी दूरी और स्थानीय यातायात को अलग-अलग रखकर जाम की समस्या को कम करेगी।

घाघरा नदी पर बनेगा भव्य केबल-स्टे ब्रिज

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत घाघरा नदी पर बनने वाला 1130 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज होगा। यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का बेहतरीन नमूना होगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ को अवध क्षेत्र के अन्य जिलों से और बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे राजधानी क्षेत्र का विस्तार होगा और आसपास के इलाकों में औद्योगिक और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा फायदा

यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों बल्कि व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित इलाकों तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 से शुरू होने की संभावना है और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल संबंधित क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण और चिन्हांकन का कार्य जारी है। बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेस-वे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल यात्रा को तेज और आसान बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकता है। UP News


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उत्तर प्रदेश ने कर दिया बड़ा कमाल, विकास में बना बेमिसाल

उत्तर प्रदेश ने बड़ा कमाल कर दिया है। विकास की गति को तेज करने के मामले में उत्तर प्रदेश भारत के सभी प्रदेशों में बेमिसाल प्रदेश बन गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में एक खास पुस्तक (किताब) का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar18 Mar 2026 06:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश ने बड़ा कमाल कर दिया है। विकास की गति को तेज करने के मामले में उत्तर प्रदेश भारत के सभी प्रदेशों में बेमिसाल प्रदेश बन गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में एक खास पुस्तक (किताब) का विमोचन किया। उत्तर प्रदेश की विकास की गाथा को समेटे हुए इस किताब का नाम ‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 9 वर्षों के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करने वाली यह खास किताब उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की कहानी का बहुत बड़ा दस्तावेज है।

मात्र 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश को बना दिया उत्तम प्रदेश

बुधवार को लखनऊ में ‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार मात्र 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का बेमिसाल काम किया गया है। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का जिक्र करते हुए विकसित उत्तर प्रदेश की पूरी यात्रा का विस्तार विर्णन किया। मुख्यमंत्री के संबोधन की सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुए बेमिसाल विकास का श्रेय खुद नहीं लिया।

उत्तर प्रदेश की जनता को दिया विकास का पूरा श्रेय

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के व्यापक विकास का श्रेय प्रदेश की 25 करोड़ जनता को दिया है।  ‘‘नव निर्माण के 9 वर्ष’’ शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक का विमोचन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।




वर्ष-2017 सेपहले की भी याद दिलाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। 

उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान

सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है।

9 दिन में जनता को बताएंगे विकास की गाथा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्रि से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तर प्रदेश का बजट हो गया 9 लाख करोड़ का 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा। UP News

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प्रयागराज जंक्शन का होगा कायाकल्प : बनेगा मेगा कमर्शियल हब

संगमनगरी का प्रमुख रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए एक बड़े कमर्शियल हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।

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संगमनगरी का प्रमुख रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन
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userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Mar 2026 06:12 PM
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UP News : संगमनगरी का प्रमुख रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए एक बड़े कमर्शियल हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा। परियोजना के तहत स्टेशन भवन की तीसरी से नौवीं मंजिल तक फैले लगभग 2.03 लाख वर्ग फीट क्षेत्र को 45 वर्षों की लीज पर निजी कंपनियों को दिया जाएगा। इसके लिए ई-टेंडर जारी किया गया है, जिससे बड़े निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।

स्टेशन परिसर में तैयार होगा मल्टी-यूज कॉम्प्लेक्स

इस योजना में शॉपिंग मॉल, होटल और कॉर्पोरेट आफिस जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यह परिसर केवल यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यापार और रोजगार का नया हब बन जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर डिजाइन किया गया है। इसके तहत विकसित होने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से रेलवे को न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। वहीं, ग्राउंड फ्लोर और पहले दो तल यात्रियों की सुविधाओं के लिए सुरक्षित रहेंगे।

यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए मल्टीलेवल फुटओवर ब्रिज, दो-स्तरीय स्काईवॉक, बड़ा कॉनकोर्स और अत्याधुनिक आगमन-प्रस्थान क्षेत्र तैयार किए जाएंगे। इससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुगम अनुभव मिलेगा। इस प्रोजेक्ट में सिविल लाइंस सहित शहर के प्रमुख हिस्सों से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, वाहनों के लिए पर्याप्त और सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण तारीखें

रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण ने निवेशकों के लिए प्री-बिड बैठक आयोजित कर दी है, जबकि ई-बिड जमा करने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल तय की गई है। प्रयागराज जंक्शन का यह विकास प्रोजेक्ट न केवल रेलवे के राजस्व को बढ़ाएगा, बल्कि प्रयागराज को एक आधुनिक और व्यावसायिक दृष्टि से मजबूत शहर के रूप में स्थापित करेगा।


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