जहां 2–4 मशीनों के भरोसे लंबी कतारें और घंटों का इंतज़ार आम बात है। अब उत्तर प्रदेश सरकार और UIDAI की इस नई पहल से 59 अतिरिक्त जिलों में आधार सेवा केंद्र खुलेंगे, जिससे आम नागरिकों को अपने ही जिले में बेहतर और तेज सेवा मिल सकेगी।

UP News : आधार से जुड़ा हर काम अब उत्तर प्रदेश में पहले से कहीं ज्यादा आसान होने जा रहा है। अगले तीन महीनों में UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में नए सरकारी आधार सेवा केंद्र शुरू करने की तैयारी में है। इन आधुनिक और हाई-कैपेसिटी सेंटरों पर आधार बनवाने से लेकर बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल–ईमेल लिंक और अन्य सभी सेवाएं तेज रफ्तार में एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
अभी तक उत्तर प्रदेश के सिर्फ 12 बड़े जिलों – लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद, गौतम बुद्ध नगर और गोंडा – में ही UIDAI के सीधे संचालित सरकारी आधार सेवा केंद्र काम कर रहे हैं। बाकी जिलों के लोगों को आधार से जुड़े कामों के लिए बैंक या डाकघर पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां 2–4 मशीनों के भरोसे लंबी कतारें और घंटों का इंतज़ार आम बात है। अब उत्तर प्रदेश सरकार और UIDAI की इस नई पहल से 59 अतिरिक्त जिलों में आधार सेवा केंद्र खुलेंगे, जिससे आम नागरिकों को अपने ही जिले में बेहतर और तेज सेवा मिल सकेगी।
नए सेंटर शुरू हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कुल 71 जिलों में ये हाई-कैपेसिटी सरकारी आधार सेवा केंद्र सक्रिय हो जाएंगे। केवल चार अपेक्षाकृत छोटे जिले – चित्रकूट, बागपत, महोबा और ललितपुर – ऐसे रह जाएंगे, जहां अभी यह केंद्र नहीं होगा। इन जिलों के निवासी नजदीकी जिले में बने आधार सेवा केंद्र से सुविधा ले सकेंगे। UIDAI की योजना के तहत नए केंद्रों में 4 से लेकर 16 तक आधार नामांकन और अपडेट मशीनें लगाई जाएंगी। बड़े जिलों में 16 मशीनें लगने से रोज़ाना सैकड़ों लोगों का काम निपटाना संभव होगा।
इन केंद्रों पर उत्तर प्रदेश के नागरिकों को –
अब तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में लोग आधार अपडेट के लिए बैंक और डाकघरों के बाहर घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर थे। मशीनें कम और काम ज्यादा होने के कारण बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को खास दिक्कत झेलनी पड़ती थी।
नए आधार सेवा केंद्र खुलने के बाद:
उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में UIDAI के ये नए सरकारी आधार केंद्र प्रस्तावित हैं, उनमें शामिल हैं -
पहली बड़ी सूची: अलीगढ़, अंबेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, गाजीपुर, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कासगंज, कौशांबी, लखीमपुर खीरी।
दूसरी बड़ी सूची: कुशीनगर, महाराजगंज, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, संभल, संत कबीर नगर, संत रविदास नगर (भदोही), शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव, फर्रुखाबाद, बांदा, फतेहपुर, बलरामपुर, बलिया और जालौन। इन जिलों में केंद्र शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को अपने नजदीकी शहर में ही आधार से जुड़ी सभी प्रमुख सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
UIDAI के उपमहानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह के मुताबिक समीक्षा में यह सामने आया कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आधार से जुड़े कामों के लिए अतिरिक्त केंद्रों की सख्त जरूरत है। इसी वजह से 59 नए सरकारी आधार सेवा केंद्र तीन चरणों में शुरू किए जा रहे हैं।
इस विस्तार के बाद उत्तर प्रदेश में: