उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट का दो टूक आदेश, कचहरी परिसर में कोई नहीं रखेगा हथियार
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम आदेश सुनाया है।
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भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 05:39 AM
Uttar Pradesh News उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम आदेश सुनाया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थापित हाईकोर्ट की बेंच के न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने एक केस की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। इस आदेश के जारी होते ही उत्तर प्रदेश के कचहरी परिसरों (जिला कोर्ट कैंपस) में हथियार लेकर प्रवेश करने की बहस पर विराम लग गया है। उत्तर प्रदेश में यह बहस काफी लम्बे समय से चली आ रही थी कि क्या कोई वकील अथवा फरियादी लाइसेंसी हथियार लेकर कचहरी परिसर में प्रवेश कर सकता है।
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क्या आदेश दिया अदालत ने
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि सुरक्षाकर्मियों के अलावा वकील या कोई भी व्यक्ति कोर्ट परिसर में शस्त्र नहीं रख सकता। इस टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने सभी जनपद न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों और डीएम को आदेश दिया कि कोर्ट परिसर में असलहा रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने समेत उनके शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जाएं।
सार्वजनिक जगह पर शस्त्र ले जाना लोक शांति व सुरक्षा के लिए जान का खतरा
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कोर्ट परिसर, अधिवक्ता चैंबर, कैंटीन, बार एसोसिएशन या किसी भी सार्वजनिक जगह पर शस्त्र ले जाना लोक शांति व सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला व आदेश बाराबंकी के वकील अमनदीप सिंह की याचिका को खारिज करते हुए दिया। याची ने के अपने शस्त्र लाइसेंस को रद्द किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि वह जूनियर अधिवक्ता हैं और उसे विपक्षी पक्षकारों की वजह से जान का खतरा है। ऐसे में उसे शस्त्र रखने का अधिकार दिया व जाए।
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