उत्तर प्रदेश में अव्वल साबित हुई नोएडा पुलिस कमिश्नरी
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:56 AM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:56 AM
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के जिलों के काम-काज की रैकिंग की ताजा रिपोर्ट जारी की है। उत्तर प्रदेश सरकार की ताजा रैकिंग में एक बार फिर नोएडा पुलिस कमिश्नरी (गौतमबुद्धनगर) ने बाजी मारी है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह रैकिंग प्रदेश में चल रही जनसुनवाई प्रणाली (IGRS) को लेकर जारी की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार IGRS की हर महीने की समीक्षा करके रिपोर्ट जारी करती है। उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट में जिलों को रैकिंग प्रदान की जाती है। UP News
जुलाई की रिपोर्ट में नम्बर-1 पर रही नोएडा पुलिस कमिश्नरी
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश की IGRS की जुलाई महीने की रिपोर्ट प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुत की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पूरी रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद रिपोर्ट जारी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की जुलाई महीने की रिपोर्ट में पुलिस प्रमुख वाली श्रेणी में एक बार फिर नोएडा पुलिस कमिश्नरी (गौतमबुद्धनगर) ने पहला स्थान हासिल किया है। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की कानून व्यवस्था को बेहतरीन बनाए रखने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरी काम कर रही है। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरी नोएडा पुलिस कमिश्नरी के नाम से प्रसिद्ध है। नोएडा की पुलिस कमिश्नरी की कमान महिला IPS अधिकारी श्रीमती लक्ष्मी सिंह के पास है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह अपने काम के कारण गौतमबुद्धनगर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय IPS अधिकारी बनी हुई हैं। श्रीमती लक्ष्मी सिंह को देश की सबसे शानदार महिला पुलिस अधिकारी माना जाता है। UP News
उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट में प्रशासन के स्तर पर श्रावस्ती जिला रहा नम्बर-1
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनसुनवाई प्रणाली (IGRS) को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जुलाई माह की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और एसपी स्तर पर गौतमबुद्धनगर ने सबसे अधिक संतुष्ट फीडबैक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिले ने बाजी मारी। गौतमबुद्धनगर 98.72 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ पहले स्थान पर रहा।
इसके बाद पीलीभीत (98.23 % ), बलिया (96.04 %), बस्ती (95.43 %) और श्रावस्ती (95.14 %) का स्थान रहा। इन जिलों ने शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण में बेहतर कार्य किया है। जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिला 90.2 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद शाहजहांपुर (89.08 %), बलरामपुर (83.44%), हमीरपुर (82.15%) और बरेली (80.11%) रहे। इन जिलों में डीएम स्तर पर की गई कार्यवाही से शिकायतकर्ताओं को संतुष्टि मिली है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत जिस अधिकारी से संबंधित हो, उसकी जांच उसी अधिकारी को न दी जाए। शिकायतों की जांच उच्चाधिकारियों से कराना अनिवार्य किया जाए ताकि न्याय और पारदर्शिता बनी रहे। सीएम योगी ने यह भी कहा कि यदि स्पेशल क्लोज अनुचित पाया जाता है तो प्रस्तावित करने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर विभागीय कार्यवाही की जाए।
जिलास्तर पर एडीएम/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, एएसपी, डीसीपी या अन्य वरिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाए, जो स्पेशल क्लोज करने से पहले शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसे संतुष्ट करने का प्रयास करे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनसुनवाई प्रणाली को जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद बनाने के लिए सशक्त किया जा रहा है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जनता का भरोसा बढ़ा है। UP News