
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी खामी उजागर होती है। यही नहीं स्थानीय अभिसूचना इकाई यानि लोकल इंवेस्टिगेशन एजेंसी के खफिया तंत्र पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं, आखिर पाकिस्तान की महिला ने मतदाता सूची में अपना नाम कैसे दर्ज करा लिया। हैरत की बात तो यह है कि इस पाकिस्तानी महिला का नाम, एक नहीं दो दो वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया।
पाकिस्तान के कराची निवासी शबॉ परवीन की शादी 23 सितंबर 2005 को मुरादाबाद जिले के कस्बा पाकबड़ा निवासी नदीम के साथ हुई थी। इसके बाद शबॉ परवीन का नाम वर्ष 2017 की वोटर लिस्ट में दर्ज हो गया। हैरान करने वाली बात तो यह है कि एक वार्ड नहीं बल्कि दो वार्ड में उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल था। पाकिस्तानी महिला शबॉ परवीन लांग टर्म वीजा पर मुरादाबाद के पाकबड़ा में रह रही है।
मामले की शिकायत पाकबड़ा के चेयरमैन ने जिलाधिकारी से की थी। जिसके बाद डीएम ने मतदाता सूची की जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन जब पाकिस्तानी महिला का वोट वोटर लिस्ट में होने का खुलासा हुआ तो जल्दबाजी में वोट को काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
पाक महिला के पति नदीम का कहना है कि उसका वोटर लिस्ट में नाम कैसे दर्ज हो गया, इसके बारे में उसे कुछ भी नहीं पता है। उसका कहना है कि उसकी पत्नी के पास पासपोर्ट के अलावा कोई आईडी नहीं है। नदीम को जब इस बात का पता चला तो वह नाम कटवाने के लिए खुद ही अधिकारी के पास गया था। बिना किसी आईडी के वोट कैसे मतदाता बनाया गया। अब पाकबड़ा खुफिया विभाग की टीम के साथ-साथ प्रशासन के अधिकारी वोटर लिस्ट का सत्यापन कर रहे हैं।
पूरे प्रकरण को लेकर डीएम शैलेंद्र सिंह का कहना है कि शबॉ परवीन की शादी पाकबड़ा में हुई थी और वह वीजा पर पाकबड़ा में रह रही है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार उसका वोटर लिस्ट में नाम शामिल होना गलत है। इसी वजह से इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में कई टीमों को लगाया गया है।