लम्बे अर्से से उत्तर प्रदेश के प्रत्येक गाँव में पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। बड़ी संख्या में पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशी अपने-अपने ढंग से प्रचार अभियान में लगे हुए हैं। पंचायत चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशियों को चुनाव टलने की खबर बहुत ही विचलित करने वाली है।

UP News : उत्तर प्रदेश में एक पंचायत के चुनाव एक साल बाद होंगे। उत्तर प्रदेश के हर गाँव में गाँव प्रधान तथा जिला पंचायत सदस्य व जिला पंचायत अध्यक्ष बनने की इच्छा रखने वालों के लिए यह खबर बहुत बुरी है। लम्बे अर्से से उत्तर प्रदेश के प्रत्येक गाँव में पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। बड़ी संख्या में पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशी अपने-अपने ढंग से प्रचार अभियान में लगे हुए हैं। पंचायत चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशियों को चुनाव टलने की खबर बहुत ही विचलित करने वाली है।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टलने की विधिवत घोषणा अभी तक नहीं की गई है। फिर भी उत्तर प्रदेश के निर्वाचन आयोग की तैयारियों से पंचायत चुनाव टलने की आहट स्पष्ट सुनी जा सकती है। उत्तर प्रदेश की राजनीति को समझने वालों का दावा है कि प्रदेश में पंचायत के चुनाव वर्ष-2026 में ना होकर वर्ष-2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव के बाद होंगे। आपको बता दें कि अभी तक उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2026 में प्रस्तावित हैं। पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण निर्धारित होता है। पहले इसकी अनंतिम सूची आती है, अगर किसी को आपत्ति है तो उसके लिए एक निश्चित समय दिया जाता है। उसके बाद फाइनल लिस्ट आती है। आरक्षण संबंधी पूरी प्रक्रिया करीब 3 से 5 महीने की होती है। जानकारों की मानें तो अगर मार्च 2026 तक आयोग का गठन हो भी जाता है तब भी इस साल पंचायत चुनाव होना संभव नहीं लगता है।
जानकारों की मानें तो उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के चुनाव के बाद ही पंचायत की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. सूत्रों के अनुसार पंचायत और नगर निकाय चुनाव एक साथ अलग-अलग चरणों में कराए जा सकते हैं. एक ओर जहां गांवों में प्रधान चुने जाएंगे तो वहीं शहरों में चेयरमैन और मेयर का निर्वाचन हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2027 या वर्ष 2028 में ही दोनों चुनाव एक साथ होंगे। उत्तर प्रदेश मों पंचायत चुनाव टाइम पर होंगे या विधानसभा चुनाव से ठीक पहले या बाद, इस पर कोई भी अधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। UP News