उत्तर प्रदेश के इस जिले के 254 शिक्षकों की दोबारा होगी शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच

औरैया जिले में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। जिले के 254 शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की दोबारा जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की जा रही है।

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शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Mar 2026 02:07 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। जिले के 254 शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की दोबारा जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की जा रही है। जांच की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी गई है, जिसने इस मामले में तैयारी शुरू कर दी है।

पुराने मामलों के आधार पर फिर शुरू हुई जांच

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में अदालत के आदेश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जिले में शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच की थी। उस समय की जांच में सात शिक्षकों की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई थी और कुछ मामलों में मार्कशीट में छेड़छाड़ के प्रमाण भी मिले थे। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों को सेवा से हटा दिया गया था। उसी दौरान 254 शिक्षकों के दस्तावेजों को संदिग्ध मानते हुए उनकी सूची तैयार की गई थी। अब एक बार फिर उन्हीं शिक्षकों के प्रमाणपत्रों और शैक्षणिक रिकॉर्ड की विस्तार से जांच कराई जाएगी।

शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र भी जांच के दायरे में 

नई जांच प्रक्रिया के तहत शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, डिग्री, मार्कशीट और अन्य प्रमाणपत्रों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही उन शिक्षकों के दिव्यांग प्रमाणपत्रों का भी सत्यापन किया जाएगा जिन्होंने आरक्षण का लाभ लेकर नियुक्ति प्राप्त की है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार का फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी सामने आने पर उचित कार्रवाई की जाए।

शासन को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

विभाग को निर्देश दिया गया है कि सभी संदिग्ध शिक्षकों की एक विस्तृत सूची तैयार कर शासन को भेजी जाए। इस सूची में शिक्षक का नाम, नियुक्ति की तिथि, संबंधित प्रमाणपत्र का विवरण, प्रमाणपत्र जारी करने वाली संस्था का नाम और अब तक की गई विभागीय कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल किया जाएगा।

पहले भी सामने आ चुके हैं फर्जी नियुक्ति के मामले 

जिले में इससे पहले भी फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने के मामले सामने आते रहे हैं। वर्ष 2020 में चार शिक्षकों के खिलाफ इस तरह के आरोपों में मामला दर्ज किया गया था। वहीं वर्ष 2021 में एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक शिक्षक अपने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए थे, जिसके बाद जांच में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

आदेश मिलने के बाद शुरू होगी आगे की कार्रवाई 

इस पूरे मामले को लेकर जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि फिलहाल शासन से औपचारिक आदेश मिलने का इंतजार किया जा रहा है। आदेश प्राप्त होते ही संदिग्ध शिक्षकों की सूची तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी और उसके बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिनों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की संभावना है, जिसके बाद मामले में कार्रवाई तेज हो सकती है। UP News


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इंडिगो की फ्लाइट में आई खराबी, उत्तर प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री थे सवार

इंडिगो की एक फ्लाइट में उड़ान से पहले तकनीकी दिक्कत सामने आने से यात्रियों में हलचल मच गई। यह घटना चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर हुई, जहां से फ्लाइट संख्या 6ई-505 को कोलकाता के लिए रवाना होना था। विमान में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे।

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इंडिगो की एक फ्लाइट में उड़ान से पहले तकनीकी दिक्कत
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Mar 2026 01:32 PM
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UP News : लखनऊ से कोलकाता जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में उड़ान से पहले तकनीकी दिक्कत सामने आने से यात्रियों में हलचल मच गई। यह घटना चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर हुई, जहां से फ्लाइट संख्या 6ई-505 को कोलकाता के लिए रवाना होना था। विमान में उस समय उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे।

टेकआफ से ठीक पहले विमान में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत

टेकआफ से ठीक पहले विमान में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिलने पर पायलट ने सुरक्षा कारणों से उड़ान रोक दी। इसके बाद विमान को रनवे से पहले ही रोककर इंजीनियरिंग टीम को जांच के लिए बुलाया गया। इस दौरान सभी यात्रियों को लगभग एक घंटे तक विमान के भीतर ही इंतजार करना पड़ा।

विमान के सुरक्षित रवाना होने के बाद स्थिति सामान्य

तकनीकी टीम ने विमान की पूरी तरह जांच की और समस्या का समाधान करने के बाद उड़ान को आगे बढ़ाने की अनुमति दी। आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद फ्लाइट ने सुबह करीब 7:40 बजे लखनऊ से कोलकाता के लिए प्रस्थान किया। अधिकारियों के अनुसार यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया था, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विमान के सुरक्षित रवाना होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। UP News


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उत्तर प्रदेश में आईटी सिटी योजना की शुरुआत, किसानों को मिलेंगे विकसित प्लॉट

लखनऊ में एक बड़ी शहरी विकास परियोजना के रूप में आईटी सिटी योजना की शुरुआत की है। यह परियोजना सुल्तानपुर रोड क्षेत्र में विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य शहर को आधुनिक आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करना है।

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परियोजना सुल्तानपुर रोड क्षेत्र में विकसित की जा रही
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Mar 2026 01:05 PM
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UP News : लखनऊ डेवलपमेंट अथारिटी (LDA) ने लखनऊ में एक बड़ी शहरी विकास परियोजना के रूप में आईटी सिटी योजना की शुरुआत की है। यह परियोजना सुल्तानपुर रोड क्षेत्र में विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य शहर को आधुनिक आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करना है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

इस योजना में पारंपरिक जमीन अधिग्रहण की बजाय लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया गया है। इसका मतलब यह है कि किसानों से जबरन जमीन नहीं ली जा रही, बल्कि वे अपनी इच्छा से जमीन परियोजना के लिए देते हैं। बदले में उन्हें उनकी कुल जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल किसानों के लिए लाभकारी माना जाता है, क्योंकि विकसित प्लॉट की बाजार कीमत सामान्य कृषि भूमि की तुलना में अधिक होती है।

पहले चरण में प्लॉट आवंटन

योजना के पहले चरण में उन भू-स्वामियों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्होंने 31 जनवरी 2026 तक लैंड पूलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली थी। इनके लिए प्लॉट का आवंटन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुबह 10 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में आयोजित होगी। इस चरण में करीब 336 किसानों और भू-स्वामियों को प्लॉट मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर लगभग 549 विकसित प्लॉट आवंटित किए जाने की योजना है, हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 870 तक बताई जा रही है।

प्लॉट के आकार

आईटी सिटी योजना के अंतर्गत अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छह प्रकार के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।

* 288 वर्ग मीटर

* 200 वर्ग मीटर

* 128 वर्ग मीटर

* 72 वर्ग मीटर

* 45 वर्ग मीटर

* 35 वर्ग मीटर

ये प्लॉट योजना के सेक्टर 15, 16, 17, 18 और 30 में स्थित होंगे। प्लॉट का आकार मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित भू-स्वामी ने कितनी जमीन परियोजना में दी है, जबकि सेक्टर और प्लॉट की सटीक स्थिति लॉटरी के जरिए तय की जाएगी।

अतिरिक्त भुगतान की शर्त

यदि किसी भू-स्वामी को उसके हिस्से से अधिक क्षेत्रफल का विकसित प्लॉट मिलता है, तो अतिरिक्त जमीन के लिए उसे एलडीए द्वारा तय दर के अनुसार भुगतान करना होगा। एलडीए के अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना लखनऊ को आधुनिक शहरी ढांचे और आईटी क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मदद करेगी। शुरुआती चरण में जमीन देने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बाद इस योजना में आम नागरिकों के लिए भी पंजीकरण शुरू किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को यहां आवासीय अवसर मिल सकेंगे। आईटी सिटी लगभग 2600 से 3500 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। यह इलाका किसान पथ और अन्य प्रमुख सड़कों से जुड़ा हुआ है, जिससे आने वाले समय में यहां आवासीय और व्यावसायिक विकास की व्यापक संभावनाएं बन सकती हैं। UP News



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