एलडीए अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट नगर योजना की शुरुआत वर्ष 1980 में की गई थी। इस योजना के तहत 50 से 1000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले लगभग 1900 भूखंड शामिल हैं, जिन्हें उस समय लीज पर आवंटित किया गया था।

UP News : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने ट्रांसपोर्ट नगर योजना के अंतर्गत लीज पर दिए गए भूखंडों को फ्री-होल्ड करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस फैसले से वर्षों से मालिकाना हक का इंतजार कर रहे सैकड़ों व्यापारियों और भूखंड धारकों को सीधी राहत मिलने जा रही है। प्राधिकरण ने इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि आवंटियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट नगर योजना की शुरुआत वर्ष 1980 में की गई थी। इस योजना के तहत 50 से 1000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले लगभग 1900 भूखंड शामिल हैं, जिन्हें उस समय लीज पर आवंटित किया गया था। इन भूखंडों पर वर्तमान में गोदाम, ट्रांसपोर्ट एजेंसियां और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। लंबे समय से आवंटी इन भूखंडों को फ्री-होल्ड कराने की मांग कर रहे थे, जिस पर प्राधिकरण बोर्ड ने पिछले वर्ष सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।
इसी क्रम में एलडीए ने 29 जनवरी 2026 को गोमती नगर स्थित प्राधिकरण भवन के कमेटी हॉल में एक विशेष कैंप लगाने का फैसला किया है। यह कैंप सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। कैंप के दौरान इच्छुक आवंटी अपने भूखंडों को फ्री-होल्ड कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां साथ लानी होंगी। प्राधिकरण द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार भूखंडों को लीज से फ्री-होल्ड किया जाएगा। एलडीए का मानना है कि इस पहल से न केवल आवंटियों को स्थायी मालिकाना अधिकार मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। फ्री-होल्ड होने के बाद भूखंड स्वामी अपने प्लॉट का स्वतंत्र रूप से उपयोग, बिक्री या वित्तीय लेनदेन कर सकेंगे। एलडीए की यह पहल ट्रांसपोर्ट नगर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।