गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश पुलिस का बड़ा एक्शन सामने आया है। अंकुर विहार पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया। दोनों बदमाश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, कारतूस, 4,700 रुपये नकद, चोरी के जेवर और ताला तोड़ने के उपकरण बरामद हुए।

UP News : उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने में जुटी है। इसी अभियान के तहत गाजियाबाद में अंकुर विहार पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हुए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध तमंचे, कारतूस, नकदी, चोरी के जेवर और ताला तोड़ने के उपकरण बरामद किए हैं। UP News
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर की देर रात अंकुर विहार पुलिस को सूचना मिली थी कि सुंदर विहार, साहदुल्लाबाद में 7 सितंबर को हुई चोरी की वारदात में शामिल बदमाश दोबारा किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में इलाके में घूम रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने इलाके में गश्त और चेकिंग बढ़ा दी। इसी दौरान गढ़ी कटैया मार्ग पर रामलीला मैदान के पास पुलिस टीम वाहनों और संदिग्ध लोगों की चेकिंग कर रही थी। तभी पैशन प्रो बाइक पर सवार दो संदिग्ध पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। आरोप है कि पुलिस टीम को देखते ही दोनों बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। UP News
उत्तर प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई में गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से .315 बोर के दो अवैध तमंचे बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही दो जिंदा और दो खोखा कारतूस, ताला तोड़ने वाले कटर सहित अन्य उपकरण, 4,700 रुपये नकद और चोरी के जेवर बरामद हुए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक को भी कब्जे में ले लिया है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने 7 सितंबर को सुंदर विहार में हुई चोरी में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों दोबारा चोरी की वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके में घूम रहे थे। UP News
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस की सक्रियता रही। चोरी की घटना के बाद पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और संदिग्ध बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए चेकिंग अभियान तेज किया। इसी सतर्कता के चलते पुलिस को संदिग्ध बदमाशों की गतिविधि का पता चला और संभावित दूसरी वारदात से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस अब केवल वारदात होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उन्हें वारदात से पहले पकड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। UP News
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकिब पुत्र यामीन निवासी लिसाड़ी गांव, मेरठ और ध्यान सिंह पुत्र जुगराज निवासी मधुपुर, मैनपुरी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आकिब के खिलाफ अंकुर विहार थाने में चोरी तथा दिल्ली में लूट का मामला दर्ज बताया गया है। वहीं ध्यान सिंह के खिलाफ अंकुर विहार में चोरी, दिल्ली में हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मुकदमे तथा मेरठ में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस अब दोनों आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। UP News
पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि चोरी की वारदात में आरोपियों के साथ दो अन्य साथी भी शामिल थे। चोरी किए गए जेवरात को बेचने से पहले ही दोनों अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।
अब उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम फरार दोनों आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने गाजियाबाद और आसपास के जिलों में कितनी अन्य चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। UP News
गाजियाबाद की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियान की तस्वीर पेश करती है। पुलिस की लगातार चेकिंग, संदिग्धों पर निगरानी और त्वरित कार्रवाई से अपराधियों पर दबाव बढ़ा है। अंकुर विहार पुलिस की इस कार्रवाई में न केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि उनके कब्जे से हथियार और चोरी का सामान भी बरामद किया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस की ऐसी कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि प्रदेश में अपराध कर भाग निकलना आसान नहीं है। पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होता है। अब पुलिस की अगली चुनौती फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधों का खुलासा करना है। UP News
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