रोहित कुमार पांडे के साथ पूर्व डीआईजी राम शरद राम ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थामा है। इसके अलावा अंकित सिंह और डीएनएनएस यादव समेत कई अन्य लोगों के शामिल होने को उत्तर प्रदेश में सपा के विस्तार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने अपनी संगठनात्मक हलचल तेज कर दी है। खासतौर पर पूर्वांचल में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तहत पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है। पूर्वांचल के प्रभावशाली नेता रोहित कुमार पांडे ने शनिवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। रोहित कुमार पांडे के साथ पूर्व डीआईजी राम शरद राम ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थामा है। इसके अलावा अंकित सिंह और डीएनएनएस यादव समेत कई अन्य लोगों के शामिल होने को उत्तर प्रदेश में सपा के विस्तार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
रोहित कुमार पांडे को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र का एक सक्रिय और चर्चित राजनीतिक चेहरा माना जाता है। वह पहले लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं और क्षेत्र में उनकी अपनी अलग पहचान है। ऐसे में उनके समाजवादी पार्टी में आने से सपा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम में उनके साथ पहुंचे समर्थकों की संख्या ने भी साफ संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में आने वाले दिनों में राजनीतिक मुकाबला और रोचक हो सकता है। अखिलेश यादव ने मंच से सभी नए साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा से जुड़ने वाले हर व्यक्ति का पार्टी में सम्मान है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मौके पर उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आम जनता एक तरफ बढ़ते टैक्स के बोझ से दब रही है, तो दूसरी ओर महंगाई लगातार लोगों की कमर तोड़ रही है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि रसोई गैस के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कीमतें बढ़ती हैं तो सरकार हालात का हवाला देती है, लेकिन राहत देने के मामले में कोई गंभीर पहल नहीं दिखती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के जाने के बाद ही महंगाई से जनता को राहत मिल सकेगी।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कानपुर की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस व्यवस्था के भीतर ही गंभीर खामियां सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों और अपराधियों के बीच संपर्क की बातें सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने नशे के कारोबार से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ पकड़े जा रहे हैं, तो यह भी साफ होना चाहिए कि इनके नेटवर्क को संरक्षण कौन दे रहा है। सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर समीक्षा की जरूरत है।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, लैपटॉप योजना, रिवर फ्रंट और थर्मल पावर परियोजनाओं जैसे कई बड़े विकास कार्य समाजवादी सरकार के समय शुरू हुए या आगे बढ़े। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अब जनता के बीच भरोसा खोती जा रही है। इसी दौरान उन्होंने भाजपा की ओर से जारी एक प्रचार गीत पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस मामले में कानूनी कदम उठाया जाएगा। उनका आरोप था कि राजनीतिक प्रचार के नाम पर भाषा और मर्यादा की सीमाएं पार की जा रही हैं। UP News